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कपिल मिश्रा के लिए BJP ने 5 बार के विधायक का पत्ता साफ क्यों कर दिया?

Delhi चुनावों में BJP के कपिल मिश्रा को टिकट देने के बाद पार्टी में बगावती सुर फूटने लगे. कभी PM मोदी और अमित शाह पर विवादित टिप्पणी करने वाले कपिल मिश्रा कैसे BJP के फेवरेट बन गए देखिए

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14 Jan 2025
( Updated: 06 Dec 2025
09:04 PM )
कपिल मिश्रा के लिए BJP ने 5 बार के विधायक का पत्ता साफ क्यों कर दिया?
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जो पार्टी अपनी मजबूत रणनीतियों से विरोधियों को डरा देती थी।जो पार्टी एक चुनाव के बाद दूसरे चुनाव की तैयारियों में जुट जाती थी जिस पार्टी में अंतर्कलह की आहट भी नहीं सुनाई देती थी वो पार्टी दिल्ली में चुनाव से पहले ही सुस्त पड़ गई। विरोधियों को घेरने से पहले अपनों के विरोध से घिर गई अंतर्कलह की आहत ही नहीं गूंज सुनाई दे रही है किसी के आंसू छलक रहे हैं कोई बागी हो रहा है ये हाल इस समय दिल्ली में BJP का है।

दिल्ली में BJP प्रत्याशियों को लेकर पहले तो मंथन ही करती रह गई फिर जब चुनाव सिर पर आए गए तो दो लिस्ट में 41 प्रत्याशियों के नाम जारी किए। पहली लिस्ट तक तो सब ठीक था जैसे ही दूसरी लिस्ट आई नेताओं में सिर फुटव्वल शुरू हो गया सबसे ज्यादा विरोध तो कपिल मिश्रा का हो रहा है वे ही कपिल मिश्रा जो कभी सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी में थे। उनका विरोधी खेमे से BJP में आना लड़ाई का विषय नहीं है लड़ाई तो इस बात की है कि जिस कपिल मिश्रा ने PM मोदी और अमित शाह को भर-भर कर अपशब्द कहे. बदजुबानी की। ऐसे ऐसे शब्दों से नवाजा था कि मोदी और शाह के कानों से आंसू निकलने लगे। कपिल मिश्रा का विधानसभा में दिए गए एक बयान की क्लिप भी शेयर की जा रही हैं। जिसमें वे मोदी और अमित शाह पर बोलते हुए मर्यादा लांघ जाते हैं। उसी कपिल मिश्रा को BJP ने करावल नगर सीट से टिकट दिया। 

कपिल मिश्रा का साल 2015 का ये वीडियो शेयर कर लोग BJP को उनके बयान याद दिला रहे हैं। किसी ने लिखा, ताज्जुब है BJP के इस फैसले पर तो किसी ने लिखा, गाली गलौच से पार्टी में एंट्री मिलती है क्या ? कपिल मिश्रा को टिकट देने के चक्कर में BJP के अपने पांच बार के विधायक मोहन सिंह बिष्ट का पत्ता साफ कर दिया। जिसके बाद मोहन बिष्ट भड़क गए और इसे पार्टी की बड़ी गलती करार दिया।

मोहन बिष्ट पार्टी संगठन के फैसले से इतने आहत हो गए कि BJP के सिंबल पर चुनाव लड़ने से ही इंकार कर दिया। नाराजगी बढ़ी देख आनन-फानन में BJP मोहन बिष्ट को मनाने में जुट गई और उन्हें मुस्तफाबाद सीट से टिकट दिया। पार्टी इस कदर बैकफुट पर आ गई कि एक कैंडीडेट के लिए अलग से तीसरी लिस्ट जारी की।हालांकि मोहन बिष्ट ने करावल नगर के अलावा किसी और सीट चुनाव लड़ने से साफ इंकार कर दिया था लेकिन मान मनौव्वल के बाद मान वे तैयार हो गए।

मोहन सिंह बिष्ट और कपिल मिश्रा एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। एक बार नहीं दो बार दोनों का आमना-सामना हुआ।

मोहन सिंह बिष्ट पांच बार विधायक रह चुके हैं।2013 के चुनाव में कपिल मिश्रा को मोहन सिंह बिष्ट ने हरा दिया था। 2015 के चुनाव में कपिल मिश्रा को मोहन बिष्ट ने हराया।  कपिल मिश्रा दिल्ली की AAP सरकार में मंत्री भी रहे। 2019 में AAP ने कपिल मिश्रा को बाहर का रास्ता दिखा दिया। 2020 में BJP ने कपिल मिश्रा को मॉडल टाउन से टिकट दिया। AAP के अखिलेश पति त्रिपाठी ने कपिल मिश्रा को हरा दिया ।

अब सवाल है कि कपिल मिश्रा को टिकट देने से इतनी नाराजगी है तो पार्टी ने उन्हें टिकट दिया ही क्यों ? क्यों पार्टी को नेताओं की नाराजगी भी मंजूर है? दरअसल, कपिल मिश्रा BJP के हिंदुत्व के एजेंटे के लिए फिट कैंडिडेट हैं ।साथ ही AAP छोड़ने के बाद उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बेहद आक्रामक रहे।

फिलहाल तो BJP ने पार्टी में उठे इस कलह पर पानी डाल दिया है लेकिन सवाल ये है कि करावल नगर से BJP के मोहन सिंह बिष्ट ने उस वक्त जीत दर्ज की थी जब दिल्ली में केजरीवाल लहर चरम पर थी। ऐसे में क्या कपिल मिश्रा BJP को इस पर सीट पर बरकरार रखने में कामयाब हो पाएंगे ? 

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