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Modi Mitra बनने पर क्या मिलता है लाभ? जानिए सरकार के इस अभियान का असली मकसद
Modi Mitra: ‘मोदी मित्र’ भारतीय जनता पार्टी का एक डिजिटल अभियान है, जो लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भी बिहार में तेजी से जारी है. इसका उद्देश्य है प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए सरकार की योजनाओं को डिजिटल माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना.
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Modi Mitra Abhiyan: लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का डिजिटल प्रचार अभियान ‘मोदी मित्र’ तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह अभियान एक तरह से डिजिटल योद्धाओं की फौज तैयार करने की कोशिश है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार की योजनाओं और कामों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं. भाजपा का यह लक्ष्य है कि हर विधानसभा क्षेत्र से करीब 10,000 डिजिटल स्वयंसेवक यानी ‘मोदी मित्र’ बनाए जाएं. पूरे बिहार में इस तरह के करीब 25 लाख डिजिटल वालंटियर्स तैयार किए जा रहे हैं. आइए जानते हैं इस अभियान से जुड़ी हर जरूरी बात....
मोदी मित्र बनने पर नहीं मिलता कोई पैसा
सबसे पहले इस सवाल का जवाब जो बहुत सारे लोग पूछ रहे हैं, “क्या मोदी मित्र बनने पर कोई वेतन या पैसा मिलता है?” नहीं...मोदी मित्र’ एक स्वैच्छिक (voluntary) अभियान है. इसमें शामिल होने वालों को किसी तरह का वेतन, भत्ता या आर्थिक लाभ नहीं दिया जाता. यह पूरी तरह से जन-जागरूकता और प्रचार पर आधारित एक सोशल और पॉलिटिकल मुहिम है.भाजपा के आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय के अनुसार, मोदी मित्र बनने वाले लोग भाजपा कैडर का हिस्सा नहीं होते, लेकिन वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सरकार की योजनाओं का प्रचार करते हैं. इस अभियान का उद्देश्य है कि आम लोग खुद आगे आकर सरकार की अच्छी बातों को दूसरों तक पहुंचाएं.
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कैसे बन सकते हैं आप ‘मोदी मित्र’?
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अगर आप भी इस अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो तरीका बहुत आसान है. भाजपा ने इसके लिए एक नंबर जारी किया है: 95821 57157
आपको सिर्फ इस नंबर पर एक मिस्ड कॉल देना है. मिस्ड कॉल करने के बाद, व्हाट्सएप के जरिए आपको ‘मोदी मित्र’ बनाया जाएगा. इसके बाद पार्टी की तरफ से आपको सरकार की योजनाओं, ग्राफिक्स, वीडियो, और मैसेज दिए जाएंगे, जिन्हें आप अपने सोशल मीडिया के ज़रिए दूसरों तक पहुंचा सकते हैं.
मोदी मित्र अभियान का असली मकसद क्या है?
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भाजपा के अनुसार यह केवल एक चुनावी अभियान नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक सामाजिक जुड़ाव का प्रयास है. पार्टी चाहती है कि सरकार की विकास योजनाएं, जैसे कि –
- सड़क निर्माण
- बिजली और पानी की सुविधाएं
- डिजिटल कनेक्टिविटी
- किसानों और युवाओं के लिए योजनाएं
इन सबकी जानकारी सीधे गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे, वो भी लोगों के खुद के सोशल मीडिया और मोबाइल के जरिए. ‘मोदी मित्र’ बनकर लोग फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर सरकार के कामों को प्रचारित करते हैं. इससे जनता और सरकार के बीच का जुड़ाव मजबूत होता है और पार्टी को भी जमीनी स्तर पर समर्थन बढ़ाने में मदद मिलती है.
मोदी मित्र बनना है सेवा का काम?
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अगर आप सोच रहे हैं कि ‘मोदी मित्र’ बनकर आपको कोई नौकरी, वेतन या सरकारी फायदा मिलेगा तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह एक स्वयंसेवक अभियान है, जिसका मकसद सिर्फ यह है कि लोग सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को दूसरों तक डिजिटल तरीके से पहुंचाएं.