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महाराष्ट्र में चुनावी नतीजों से पहले महाविकास अघाड़ी में शुरू हो गया वाकयुद्ध

इस चुनाव में सत्ताधारी महायुति और महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बीच सीधा मुक़ाबला देखने को मिला। इस बीच विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना यूबीटी के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर वॉकयुद्ध की शुरुआत हो चुकी है।

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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए सभी सीटों पर हुए मतदान के बाद अब सभी की निगाहें अब चुनावी नतीजों पर टिकी हुई है। इस चुनाव में सत्ताधारी महायुति और महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बीच सीधा मुक़ाबला देखने को मिला। इस बीच विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना यूबीटी के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर वॉकयुद्ध की शुरुआत हो चुकी है। हालाँकि इससे इतर महाविकास में शामिल दलों के बड़े नेताओं ने राज्य में अपनी सरकार बनने का दावा किया जा रहा है। लेकिन संजय राउत और नाना पटोले के बयानों ने नतीजे से पहले ही इस गठबंधन में दरार पड़ने के संकेत भी दे रहे है। 


नाना पटोले और संजय राउत के बीच वॉकयुद्ध

दरअसल, विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद तमाम एग्ज़िट पोल सामने आए है। जिनमे से ज़्यादातर में बेजेपी के नेतृत्व वाली महायुति की एक बार फिर से सरकार बनने की उम्मीद जताई जा रही है। वही दूसरी तरफ़ महाविकास अघाड़ी का कहना है की जब वोटों की गिनती शुरू होगी तो ये तमाम एग्ज़िट पोल ग़लत साबित होंगे। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख नाना पटोले बे बयान दिया है कि "कांग्रेस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनने जा रही है"। पटोले के इसी बयान के बाद उनके सहयोगी दल शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत का बयान आया। जिसमें उन्होंने कहा कि "“मैं इस बात को स्वीकार नहीं करूंगा और कोई भी इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम मिल बैठकर तय करेंगे कि क्या नाना पटोले ने यह कहा है और क्या नाना पटोले के पास कांग्रेस की कमान है।” इसके साथ ही संजय राउत ने यह भी कहा कि इस तरह की घोषणाए पार्टी के बड़े पदाधिकारी करते हैं।  उन्होंने आगे कहा, “ अगर आप मुख्यमंत्री बन रहे हैं तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी को इसकी घोषणा करनी चाहिए।”


चुनाव से पहले भी हो चुके है इस तरह के मतभेद 

बताते चले कि चुनाव से पहले भी शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस में सीट बँटवारे को लेकर कई बार नेताओं के बीच बयानबाज़ी देखने को मिली थी, जिसके बाद इन दलों के बड़े नेताओं के बीच व्यापक बातचीत के बाद इस समस्या का समाधान निकाला गया था। उस वक़्त समाजवादी पार्टी ने भी महाविकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग को लेकर एक अलग तरह का दबाव बनाया था। ग़ौरतलब है कि  महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर बुधवार को मतदान हुआ था अब वोटों की गिनती शनिवार 23 नवंबर को होनी है। जिसमें यह पता चलेगा कि नेताओं के बीच चुनाव के दौरान हुए सियासी लड़ाई में जनता ने अपना समर्थन देकर किसे राज्य के सिंघासन पर विराजमान करती है। 
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