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वोट जिहाद वाले नारे ने बढ़ा दी महाराष्ट्र की सियासी तपिश, ओवैसी ने दी अपनी प्रतिक्रिया
चुनावी जनसभा के मंच से नेताओं द्वारा ऐसे कई नारे दिए जा रहे है। जिसका चुनाव में सीधा प्रभाव पड़ सकता है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी चुनावी मंच से एक सभा को संबोधित करते हुए न 'एक हैं तो सेफ हैं' का नारा जोर शोर से लगाते दिखाई दिए इसके साथ ही उन्होंने 'अपने भाषण में 'वोट जिहाद' का भी ज़िक्र किया है।
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में सियासी सरगर्मी इस वक़्त आसमान छू रही है। महाविकास अघाड़ी और महायुति के बीच इस चुनाव में सीधी टक्कर है। यही वजह है की इन दोनों गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं के बीच ज़ुबानी जंग की रफ़्तार भी लगातार बढ़ती जा रही है। चुनावी जनसभा के मंच से नेताओं द्वारा ऐसे कई नारे दिए जा रहे है। जिसका चुनाव में सीधा प्रभाव पड़ सकता है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी चुनावी मंच से एक सभा को संबोधित करते हुए न 'एक हैं तो सेफ हैं' का नारा जोर शोर से लगाते दिखाई दिए इसके साथ ही उन्होंने 'अपने भाषण में 'वोट जिहाद' का भी ज़िक्र किया है।
ओवैसी ने दिया जवाब
हरियाणा विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए नारे 'बटेंगे तो कटेंगे' की सफलता के बाद इस तरह के नारे को बीजेपी ने चुनावी हथियार बना लिया है। यही वजह है कि अब मोदी-योगी के बाद बीजेपी के अन्य नेता भी लगातार हिंदू वोटर्स को साधने के लिए नए-नए नारे लगाकर सियासी तपिश को बढ़ाने का काम कर रहे है। राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र द्वारा 'एक हैं तो सेफ हैं' और वोट जिहाद का ज़िक्र करते हुए दिए गये भाषण पर अब सियासी नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। सबसे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि वोट जिहाद है तो अयोध्या में क्यों हार गए? वहीं, बीजेपी नेता किरीट सोमैया के मुताबिक वोट जिहाद की शुरुआत कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने की और बीजेपी के खिलाफ 100 फीसदी मुसलमानों के वोट डलवाए गए। इन बयानों से नेताओं को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। वही मुंबई में कांग्रेस के बड़े नेता अमीन पटेल ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस का वोट जिहाद वाला बयान सिर्फ़ चुनावी जुमला है ये लोग जनता को असली मुद्दों से भटकाने की साज़िश कर रहे है।
वोट जिहाद को बीजेपी ने कैसे बनाया चुनावी मुद्दा
महाराष्ट्र की राजनीतिक जानकारो की माने तो बीते लोकसभा चुनाव में और महाराष्ट्र की कुछ सीटों पर मुस्लिम समाज के मतदाता बड़ी संख्या में खुलकर सामने आए और उन्होंने सीधे तौर पर महाविकास अघाड़ी के प्रत्याशियों को वोट किया। यही वजह है कि इस चुनाव में मुस्लिम वोट को बीजेपी ने वोट जिहाद का नाम देकर बड़ा मुद्दा बना लिया है। इसे एक तरह से हिंदू-मुस्लिम के बेच ध्रुवीकरण की राजनीति भी माना जा सकता है।
ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अब गिनती के दिन बचे है।राज्य की 288 विधानसभा सीटों पर सिंगल फ़ेज़ में 20 नवंबर को मतदान होंगे जबकि नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएँगे। ऐसे में चुनाव के नज़दीक आते इस तरह के बयानों को पार्टी ने अपना चुनावी हथियार बनाते हुए इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया है। वही दूरी तरफ़ विपक्षी पार्टी के नेता भी इन बयानों पर जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। अब देखना होगा की इन बयानों का जनता पर कैसा प्रभाव पड़ता है और चुनाव में बाज़ी कौन मारता है।
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