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'सनातन धर्म की सुरक्षा के लिए हिंदू को एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में वोट करना चाहिए'- साधु-संत
VidhanSabha Election: देश के कई प्रमुख साधु-संतों ने पीएम मोदी के नारे का समर्थन करते हुए वीडियो संदेश जारी कर लोगों से सनातन के लिए भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
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VidhanSabha Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक हैं तो सेफ हैं' वाले नारे और 'वोट जिहाद' के मुद्दे पर देशभर में सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां एक ओर विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी के इस नारे की आलोचना कर रहे हैं, वहीं अब साधु-संत भी इस नारे के पक्ष में खुलकर सामने आए हैं। देश के कई प्रमुख साधु-संतों ने पीएम मोदी के नारे का समर्थन करते हुए वीडियो संदेश जारी कर लोगों से सनातन के लिए भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।आइए जानते है इस खबर को विस्तार से ....
मुस्लिम धर्मगुरु हिंदुत्व विरोधी सरकारों के लिए वोट देने की अपील कर रहे हैं- साधु-संत
इन साधु-संतों का कहना है कि देश में मुस्लिम धर्मगुरु हिंदुत्व विरोधी सरकारों के लिए वोट देने की अपील कर रहे हैं, ऐसे परिस्थितियों में हिंदू समाज को भी एकजुट होकर हिंदुत्ववादी सरकारों के समर्थन में वोट करना चाहिए। मां बगलामुखी सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर त्रिशूल बाबा ने कहा कि भारत में यदि मुस्लिम धर्मगुरु गैर हिंदुत्ववादी सरकार के पक्ष में वोट देने की अपील करते हैं, तो हम भी अपने हिंदू भाइयों से यह अपील करते हैं कि वे केवल हिंदुत्ववादी सरकार का समर्थन करें, जो सनातन धर्म के लिए कार्य करे। यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। हमें सत्य को स्वीकार करना होगा कि आज भारत की धरती पर गैर-सनातनी सरकार को स्थापित करने के लिए हर तरह से षड्यंत्र किया जा रहा है। इस स्थिति में, हम हिंदू समाज से यह अनुरोध करते हैं कि वे सिर्फ हिंदुत्ववादी सरकार के लिए वोट करें, ताकि हमारे धर्म और संस्कृति की रक्षा हो सके।
इस तरह की अपील देश की एकता और अखंडता को खतरे में डालती है- साधु-संत
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता और महंत दुर्गादास ने 'वोट जिहाद' पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो मौलाना साहब ने घोषणा की है, वह न केवल देशद्रोह है, बल्कि कानून की दृष्टि से भी गलत है। इस तरह की अपील देश की एकता और अखंडता को खतरे में डालती है। वोट देना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, और इसे कोई भी धर्मगुरु या व्यक्ति छीन नहीं सकता। उन्होंने कहा कि देश की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, जैसे बेरोजगारी, सीमाओं की सुरक्षा, और सामाजिक समरसता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भ्रामक और विभाजनकारी बातों से बचें और अपने स्वतंत्र मतदान अधिकार का उपयोग करें, ताकि देश में सही नेतृत्व आए। हरिशेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के दौरान कुछ इस्लामिक स्कॉलर ने यह घोषणा की है कि जो लोग भाजपा को वोट देंगे, उनका 'हुक्का पानी बंद' कर दिया जाएगा। इस प्रकार की विभाजनकारी अपीलों का विरोध किया जाना चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि देश और सनातन धर्म की सुरक्षा के लिए हिंदू समाज को एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में वोट करना चाहिए।
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अगर हम आज नहीं एकजुट होंगे, तो कभी नहीं हो पाएंगे। हिंदू समाज को इस्लामिक जिहाद से बचने के लिए भाजपा को समर्थन देना चाहिए। इससे पहले धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि आजकल जो वोट जिहाद का खेल कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा खेला जा रहा है, वह गलत है। यह बिल्कुल अनुचित है कि अगर मुस्लिम समाज हिंदू विरोधी दलों को वोट देता है, तो मैं अपील करता हूं कि हिंदू समाज भी एकजुट होकर हिंदू समर्थक दलों को वोट दे। ऐसा करके हम हिंदू विरोधी ताकतों को परास्त कर सकते हैं। यह समय है जब हिंदू समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए और धार्मिक राजनीति से परे, अपनी पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए मतदान करना चाहिए।
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हिंदुत्ववादी विचारधारा के लोग चुनाव जीत सकें और राष्ट्र विरोधी ताकतों को हराया जा सके
वहीं, राजू दास ने महाराष्ट्र में चल रहे 'वोट जिहाद' के मामले को लेकर चिंता जताई और कहा कि मुस्लिम उलेमा और कट्टरपंथी ताकतें हिंदू धर्म विरोधी राजनीति को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र चुनावों में जिस प्रकार से वोट जिहाद चलाया जा रहा है, यह बहुत ही चिंता का विषय है। मुस्लिम उलेमा और मौलवी लगातार इस कोशिश में हैं कि जनता को बरगलाकर भाजपा के खिलाफ मतदान कराया जाए। कुछ धर्मगुरुओं ने यह अपील की है कि सनातनी वोट करें, ताकि हिंदुत्ववादी विचारधारा के लोग चुनाव जीत सकें और राष्ट्र विरोधी ताकतों को हराया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू धर्म गुरुओं को इसलिए आगे आना पड़ा है क्योंकि लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि हिंदू विचारधारा को सत्ता से बाहर रखा जाए और राष्ट्र विरोधी ताकतों को बढ़ावा मिले। ऐसे में यह जरूरी है कि हिंदू धर्म के ठेकेदार, धर्मगुरु, और समाज के अन्य वर्ग एकजुट होकर अपनी संस्कृति और विचारधारा की रक्षा करें।