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बड़े-छोटे भाई का खेल खत्म... बिहार चुनाव के लिए BJP का 'मास्टर प्लान' तैयार, जानें NDA गठबंधन की रणनीति

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं. शनिवार को पटना में बीजेपी की चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसमें रणनीति और संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की गई. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक में गठबंधन दलों की भूमिका और सीटों की समीक्षा पर भी मंथन हुआ. पार्टी ने 84 में से 60 सीटों की समीक्षा पूरी कर ली है और एनडीए की एकजुटता पर जोर दिया गया.

Source: X/ @DilipJaiswalBJP
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बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों का दौर तेज हो गया है. केंद्रीय चुनाव आयोग के राज्य दौरे के बीच, राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. इसी क्रम में शनिवार को पटना में बीजेपी की चुनाव समिति की अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में पार्टी की रणनीति और संभावित उम्मीदवारों पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा गठबंधन में शामिल घटक दलों की भूमिका को लेकर भी मंथन हुआ. 

NDA गठबंधन में सभी दल बराबर 

बैठक में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अध्यक्षता की, जिन्हें बिहार चुनाव का पार्टी प्रभारी नामित किया गया है. बैठक देर शाम पार्टी के राज्य मुख्यालय में हुई और इसमें उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, गिरिराज सिंह और स्थानीय सांसद रवि शंकर प्रसाद भी शामिल हुए. बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस बार चुनाव में कोई बड़े भाई-छोटे भाई की भूमिका नहीं निभाएगा. एनडीए पूरी तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी और चट्टान की तरह खड़ी रहेगी.

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60 सीटों की हुई समीक्षा

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बैठक में पार्टी ने अपनी 84 सिटिंग सीटों में से 60 सीटों की समीक्षा पूरी कर ली है. इनमें मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया. बिहार बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बाकी सीटों और 2020 विधानसभा चुनाव में हारी हुई सीटों पर रविवार शाम 6 बजे फिर चर्चा होगी. बैठक में नए उम्मीदवारों के आवेदन पर भी विचार किया गया. दूसरे राउंड की बैठक के बाद उम्मीदवारों की लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी, और अंतिम मुहर भाजपा केंद्रीय कमेटी द्वारा लगाई जाएगी.

एंटी-इंकंबेंसी वाली सीटों पर फोकस

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बैठक में तय किया गया कि महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. जिन मौजूदा विधायकों का प्रदर्शन अच्छा रहा और उनके खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी नहीं है, उन्हें दोबारा मौका मिलेगा. वहीं, जिन उम्मीदवारों के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी है, उन पर विशेष चर्चा की जाएगी. इस रणनीति का मकसद पार्टी को मजबूत आधार पर खड़ा करना और सभी सीटों पर संतुलित उम्मीदवार उतारना है. पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर कोई समझौता न हो.

चुनाव में रहेगा विकास का एजेंडा

बैठक में पार्टी नेताओं ने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित किए हैं. उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने X हैंडल पर लिखा कि आज की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव पर व्यापक चर्चा हुई. बीजेपी का संदेश साफ है, इस चुनाव में विकास और जनकल्याण के एजेंडे को प्राथमिकता दी जाएगी, और सभी सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारे जाएंगे.

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राज्य में चुनावी तैयारियों का लगभग पूरी 

सियासी दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, और जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने के लिए लगातार दौरे और प्रचार करेंगे. बिहार के लिए यह चुनाव विकास, नेतृत्व और युवा एवं महिलाओं की भागीदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. बीजेपी की रणनीति यह सुनिश्चित करती है कि पार्टी हर सीट पर सशक्त और योग्य उम्मीदवार उतारे, ताकि बिहार में फिर से विकासमुखी सरकार बनाई जा सके.

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बताते चलें कि बीजेपी की तैयारियों और रणनीति से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी हर सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारकर एनडीए की एकजुटता और विकासमुखी एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी, जिससे बिहार में फिर से स्थिर और विकासपरक सरकार बन सके.

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