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बागी नेताओं पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी, आरजेडी ने विधायक फतेह बहादुर समेत 11 नेताओं को पार्टी से किया बाहर, अब तक 38 लोग हुए निष्कासित

बता दें कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा पार्टी में अनुशासन को लेकर एक बार फिर से कड़ा रुख अपनाया गया है. पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में आरजेडी ने विधायक फतेह बहादुर सिंह समेत 11 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी द्वारा इस बड़ी कार्रवाई का मकसद चुनाव से पहले किसी भी तरह की बगावत को जड़ से खत्म करना है.

बागी नेताओं पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी, आरजेडी ने विधायक फतेह बहादुर समेत 11 नेताओं को पार्टी से किया बाहर, अब तक 38 लोग हुए निष्कासित
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच महागठबंधन और NDA दलों की पार्टियों की तरफ से बागी नेताओं पर एक्शन जारी है. टिकट कटने से बगावत पर उतरे कई विधायकों, मंत्रियों सहित और अन्य नेताओं पर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है. इस बीच बिहार चुनाव में महागठबंधन के सीएम चेहरे तेजस्वी यादव ने ‘जीरो-टॉलरेंस’ का पुख्ता संदेश देते हुए बुधवार को विधायक फतेह बहादुर सिंह समेत 11 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी द्वारा इस बड़ी कार्रवाई का मकसद चुनाव से पहले किसी भी तरह की बगावत को जड़ से खत्म करना है.

तेजस्वी ने 11 नेताओं को पार्टी से किया बाहर 

बता दें कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा पार्टी में अनुशासन को लेकर एक बार फिर से कड़ा रुख अपनाया गया है. पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में आरजेडी ने विधायक फतेह बहादुर सिंह समेत 11 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इनमें रोहतास जिले के डेहरी विधायक फतेह बहादुर सिंह, नालंदा जिले के राजद प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश कुमार, बिहार शरीफ के मो0 सैययद नौसादुल नवी उर्फ पप्पू खां, कांटी के पूर्व विधायक मो0 गुलाम जिलानी वारसी, गोपालगंज के पूर्व राजद विधायक मो0 रियाजुल हक राजू, पूर्णियां जिले के राजद प्रदेश महासचिव अमोद कुमार मंडल, सिंहेश्वर के क्रियाशील राजद सदस्य विरेन्द्र कुमार शर्मा, मधेपुरा जिले के क्रियाशील राजद सदस्य ई0 प्रणव प्रकाश, भोजपुर जिले के राजद प्रदेश महासचिव महिला प्रकोष्ठ सह जिला परिषद सदस्य जिप्सा आनंद और भोजपुर जिले के क्रियाशील राजद सदस्य राजीव रंजन उर्फ पिंकू शामिल हैं. 

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अब तक 38 बागियों पर गिरी गाज

इससे पहले आरजेडी ने 2 मौजूदा विधायकों और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ऋतु जायसवाल समेत 27 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था. वहीं बुधवार को 11 नेताओं पर हुई कार्रवाई को मिलाकर पार्टी ने अब तक कुल 38 बागियों को पार्टी से निष्कासित किया है. पार्टी से निकाले गए सभी नेता या तो पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे या फिर विरोधी खेमे का समर्थन कर रहे हैं.

पार्टी से निकाले गए नेता की अपने क्षेत्रों में पकड़ मजबूत 

हालांकि, आरजेडी के इस फैसले का एक दूसरा पहलू यह भी है कि निष्कासित किए गए नेता, खासकर मौजूदा विधायक, अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं. उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने या किसी और दल का समर्थन करने से आरजेडी के वोटों का बिखराव हो सकता है. जिसका सीधा फायदा NDA को मिल सकता है.

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तेजस्वी यादव का फैसला एक बड़ा राजनीतिक दांव 

तेजस्वी यादव का यह फैसला एक बड़ा राजनीतिक दांव है, जिसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं. इस कार्रवाई से तेजस्वी यादव ने साफ संदेश दिया है कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और बगावत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह कदम पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगा. 

जेडीयू ने भी लिया बड़ा एक्शन 

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शनिवार को जेडीयू ने 11 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था और रविवार को भी 5 अन्य नेताओं पर बड़ा एक्शन लिया. ऐसे में अब तक कुल 16 बागी नेताओं को जेडीयू ने निष्कासित किया है. इनमें पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ़ गोपाल मंडल विधायक गोपालपुर, हिमराज सिंह पूर्व मंत्री, संजीव श्याम सिंह पूर्व एमएलसी, महेश्वर प्रसाद यादव पूर्व विधायक, संजय प्रसाद पूर्व एमएलसी, श्याम बहादुर सिंह पूर्व विधायक, रणविजय सिंह पूर्व एमएलसी, सुदर्शन कुमार पूर्व विधायक, प्रभात किरण, अमर कुमार सिंह, डॉक्टर आसमा परवीन, लव कुमार, आशा सुमन, दिव्यांशु भारद्वाज और विवेक शुक्ला शामिल हैं. 

बीजेपी ने भी बागी नेताओं को किया बाहर 

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जेडीयू और आरजेडी के अलावा NDA दल की प्रमुख पार्टी बीजेपी ने भी हाल ही में विधायक पवन यादव समेत 5 नेताओं को निष्काषित किया था. पार्टी ने बताया कि 'विधायक पवन यादव के आचरण से पार्टी की छवि धूमिल हुई है, जो पार्टी अनुशासन के खिलाफ है. बीजेपी विधायक का यह कदम गठबंधन की एकजुटता और संगठन की नीतियों के विपरीत है. ऐसे में पार्टी अनुशासन समिति के अनुशंसा और दिशा निर्देशों के आधार पर पवन को 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया जा रहा है.' बीजेपी विधायक पवन यादव के अलावा 4 अन्य पर भी गाज गिरी थी. इनमें सनी यादव, श्रवण कुशवाहा, मारुति नंदन मारुति और पवन चौधरी शामिल हैं. 

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