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दिल्ली में 'आप' की डॉक्यूमेंट्री पर तेज़ हुई सियासत, केजरीवाल ने कहा डर गई बीजेपी
आम आदमी पार्टी पर बनी फिल्म को आज पत्रकारों को दिखाया जाना था, उस स्थान पर बीजेपी ने बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाकर पत्रकारों को फ़िल्म दिखाने से रोका गया। केजरीवाल का कहना है कि इस फ़िल्म से आम आदमी पार्टी का जन समर्थन बढ़ेगा जिससे बीजेपी डरी हुई है।
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देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा को लेकर सियासी दलों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमकर बयानबाज़ी चल रही है। इसी क्रम में अब आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी पर बनी फिल्म को आज पत्रकारों को दिखाया जाना था, उस स्थान पर बीजेपी ने बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाकर पत्रकारों को फ़िल्म दिखाने से रोका गया। केजरीवाल का कहना है कि इस फ़िल्म से आम आदमी पार्टी का जन समर्थन बढ़ेगा जिससे बीजेपी डरी हुई है।
भाजपा फ़िल्म दिखाने से क्यों रोक रही
आप संयोजक केजरीवाल ने प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि भाजपा इस फिल्म को क्यों रोकना चाहती है? इस फिल्म में आखिर ऐसा क्या है जिससे भाजपा डरी हुई है? ये फिल्म पर्दे के पीछे के उन सब रहस्यों को उजागर करती है जब गलत तरीके से 'आप' के नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। ये भाजपा सरकार के गैर कानूनी और गैर संवैधानिक कामों को उजागर करती है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पत्रकारों को देखने के लिए आम आदमी पार्टी पर बनी फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। आज सुबह ही पुलिस ने वहां पहुंचकर इस फिल्म की स्क्रीनिंग रुकवा दी और कहा कि स्क्रीन नहीं की जा सकती है। इसकी इजाजत नहीं होती कि पुलिस इस तरह से किसी फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रोक दे।
बीजेपी ने भी PM मोदी की फ़िल्म दिखाया था
केजरीवाल ने आगे कहा कि इससे पहले पिछले चुनाव में भी पीएम मोदी पर एक फिल्म बनी थी, उसे सभी थिएटर में बढ़-चढ़ कर दिखाया गया था। और यह फिल्म आम आदमी पार्टी के संघर्ष पर बनी है कि कैसे आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल में डाला गया और कैसे उनकी पार्टी तोड़ने की कोशिश की गई। इसमें कई ऐसे सच हैं जिनको जनता देखेगी तो उसे बहुत कुछ समझ में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में कई ऐसे राज हैं जो सामने आ जाएंगे तो भाजपा का सच सबके सामने आ जाएगा। इसलिए भाजपा वाले इस फिल्म को जनता तक नहीं पहुंचने देना चाहते। जबकि ऐसी फिल्मों को दिखाने के लिए कोई परमिशन नहीं लेनी होती।
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तारीख का ऐलान किए जाने के बाद ज़ुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज़ी से बढ़ा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग अगले महीने 5 फरवरी को होगी जबकि वोटों की गिनती 8 फरवरी को होगी। तब जाकर यह साफ होगा की जनता को लुभाने के लिए ताबड़तोड़ वादों की बौछार करने वाले राजनीतिक दलों में जनता का आशीर्वाद किसे प्राप्त होता है।
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