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Katehari में Mayawati ने चल दिया ऐसा दांव, BJP का पलड़ा हुआ भारी और टेंशन में आई सपा !

Maharashtra और Jharkhand में मिली चुनावी प्रचार की जिम्मेदारी निभाने के साथ ही CM Yogi यूपी में भी ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने भी उपचुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन इसी बीच एक सीट ऐसी है जहां बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ऐसा खेल कर दिया जिसे देख कर सपाई जहां सन्न रह जाएंगे तो वहीं बीजेपी वाले बम बम हो जाएंगे !

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महाराष्ट्र और झारखंड के साथ योगी के उत्तर प्रदेश में उपचुनाव भी होने जा रहे हैं। जिसे जीतने के लिए सीएम योगी खुद पसीना बहा रहे हैं। इसीलिये महाराष्ट्र और झारखंड में मिली चुनावी प्रचार की जिम्मेदारी निभाने के साथ ही यूपी में भी ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने भी उपचुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। लेकिन इसी बीच एक सीट ऐसी है जहां बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ऐसा खेल कर दिया। जिसे देख कर सपाई जहां सन्न रह जाएंगे। तो वहीं बीजेपी वाले बम बम हो जाएंगे।

दरअसल यूपी में नौ सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें एक सीट ऐसी है। जहां बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने दमदार उम्मीदवार उतार कर सपा की सांसें रोक दी है। ये सीट है। अंबेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट। 


कटेहरी में कैसे हुआ खेल ?


अंबेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट से साल 2022 के यूपी चुनाव में सपा नेता लाल जी वर्मा ने जीत हासिल की थी। लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव में अंबेडकर नगर सीट से सांसद बनने के बाद उन्हें ये सीट छोड़नी पड़ी। इसीलिये कटेहरी में उपचुनाव होने जा रहा है। जिसे जीतने के लिए बीजेपी ने जहां धर्मराज निषाद को मैदान में उतारा है तो वहीं सपा ने लालजी वर्मा की पत्नी शोभवती वर्मा को टिकट दिया है। लेकिन असली खेल तो मायावती ने कर दिया। जिन्होंने वर्मा बिरादरी से ही अमित वर्मा को टिकट देकर मैदान में उतार दिया है। जिससे अचानक कटेहरी में बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आने लगा। क्योंकि कटेहरी में

कटेहरी का जातीय समीकरण।

95 हजार अनुसूचित जाति के वोट हैं। 50 हजार ब्राह्मण जाति के वोट हैं। 30 हजार क्षत्रिय जाति के वोट हैं। 45 हजार कुर्मी जाति के वोट हैं। 40 हजार मुस्लिम वोट बैंक हैं। 22 हजार यादव जाति का वोट है। 30 हजार निषाद जाति का वोट हैं। और सबसे बड़ी बात ये है कि सपा और बसपा ने कटेहरी में सवर्ण प्रत्याशी नहीं उतारा है। जबकि बीजेपी ने भी इस बार धर्मराज निषाद को टिकट देकर पिछड़ों के वोट बैंक में सेंध लगाने की बड़ी तैयारी कर ली है। जबकि ब्राह्मण और क्षत्रिय वोट तो पहले से ही बीजेपी का माना जाता रहा है। जिससे बीजेपी के लिए जीत का रास्ता आसान नजर आने लगा है। तो वहीं रही सही कसर मायावती ने अमित वर्मा को उतार कर पूरी कर दी। क्योंकि इससे पिछड़े और दलित वोटों में बिखराव तय माना जा रहा है। जबकि सपा की उम्मीदवार शोभवती वर्मा और बीएसपी उम्मीदवार अमित वर्मा के बीच कुर्मी वोट भी बंट सकता है। जिसका नुकसान कहीं ना कहीं सबसे ज्यादा सपा को ही हो सकता है। यही वजह है कि कटेहरी में बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आने लगा है।


BJP ने सोच समझ कर उतारा उम्मीदवार !

बीजेपी ने एक बड़ी रणनीति के तहत धर्मराज निषाद को कटेहरी में उतारा है। क्योंकि वो पहले भी बीएसपी के टिकट से लगातार तीन बार 1996, 2022, 2007 में कटेहरी से विधायक रह चुके हैं। और इस बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। आपको बता दें सपा बसपा और बीजेपी तीनों मुख्य पार्टियों से सवर्ण प्रत्याशी नहीं होने से यहां करीब 1 लाख सवर्ण वोटर ही निर्णायक हो गए हैं। पिछली बार बसपा से प्रतीक पांडेय और भाजपा से अवधेश द्विवेदी थे, इसलिए वोटों का बिखराव हुआ। और सपाई लालजी वर्मा को फायदा हुआ था। जबकि इस बार सवर्ण वोटर भाजपा की तरफ जाता दिख रहा है। जिससे धर्मराज निषाद की जीत तय मानी जा रही है। हालांकि असली फैसला तो 23 नवंबर को होगा। जब चुनावी नतीजे आएंगे। वैसे आपको क्या लगता है। कटेहरी में कौन बाजी मारेगा। 
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