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Maharashtra Election : पहले ननद- भाभी हुई आमने सामने, अब चाचा-भतीजा के बीच होगी कांटे की लड़ाई

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में ननद और भाभी की जोड़ी के बाद अब चाचा और भतीजे की जोड़ी में कांटे की लड़ाई हो सकती है। महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट से उपमुख्यमंत्री अजित पवार उनके भतीजे युगेंद्र आमने-सामने हो सकते हैं। इससे पहले लोकसभा चुनाव में बारामती लोकसभा सीट से पवार परिवार से ही अजीत पवार की पत्नी और उनकी चचेरी बहन एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं।

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कहते हैं कि राजनीति में न तो कोई अपना दोस्त होता है न ही कोई दुश्मन। राजनीति एक ऐसी जगह है। जहां सब कुछ माफ है और सब कुछ जायज है। इस वक्त देश में चुनावी त्यौहार चल रहा है। जहां हाल ही में हरियाणा और जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव संपन्न हुए। तो वहीं अब झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। दोनों राज्यों के चुनाव के बाद फिर अगला नंबर बिहार और दिल्ली विधानसभा चुनाव का है। ऐसे में महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजरे हैं। लेकिन महाराष्ट्र की बारामती सीट पर एक ऐसी लड़ाई होने जा रही है। जो रिश्ते में सगे चाचा-भतीजा हैं। 

इससे पहले इसी परिवार से भाभी और ननद के बीच बारामती लोकसभा सीट से गजब की लड़ाई देखने को मिली थी। उस दौरान अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और उनकी ननद सुप्रिया सुले के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था। इस लड़ाई में ननद सुप्रिया सुले की जीत हुई थी। जो अजित की चचेरी बहन हैं। बता दें कि जुलाई 2023 के बाद अजित पवार के बगावत के बाद पारिवारिक कलह की वजह से लोकसभा चुनाव में सुनेत्रा पवार की हार हुई थी और सुप्रिया सुले 1.50 लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल की थी। ऐसे में इस बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी कुछ उसी तरह की लड़ाई देखने को मिलेगी। इस बार चुनावी मैदान में चाचा और भतीजे की जोड़ी एक दूसरे के सामने दुश्मन की तरह नजर आएगी। 

चाचा-भतीजे के बीच होगी कांटे की लड़ाई 

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही प्रचार-प्रसार का दौर शुरू हो चुका है। लेकिन महाराष्ट्र की इस विधानसभा सीट पर चाचा और भतीजे के बीच संघर्ष देखने को मिल सकता है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके भतीजे युगेंद्र पवार के बीच बारामती सीट पर राजनीतिक लड़ाई होगी। हालांकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की तरफ से 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन बारामती जैसी हॉट सीट पर इस तरह अटकलें तेज हैं। 

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कौन है युगेंद्र पवार जो अजित पवार के  सामने पेश करेंगे चुनौती 

32 वर्षीय युगेंद्र पवार महाराष्ट्र के कद्दावर नेता शरद पवार के पोते और अजीत पवार के भाई श्रीनिवास पवार के बेटे हैं। इन्होंने अमेरिका की बोस्टन स्थित नॉर्थ ईस्टर्न विश्वविद्यालय से "बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन" की डिग्री हासिल की है। युगेंद्र परिवार के मुखिया और एनसीपी नेता शरद पवार के काफी करीबी माने जाते हैं। युवा चेहरा होने के नाते वह महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं। युगेंद्र कई बार जनता के सामने आ चुके हैं। सितंबर महीने में बारामती में आयोजित स्वाभिमान यात्रा में भी शामिल हुए थे। युगेंद्र के पिता ने अपने भाई अजीत पवार की आलोचना की थी। जब उन्होंने जुलाई 2023 में एनसीपी छोड़कर महायुति सरकार में जाने का फैसला किया था। उस दौरान एनसीपी के कई नेताओं के साथ इनकी सहानभूति थी। लोकसभा चुनाव के दौरान भी युगेंद्र ने सुप्रिया सुले का प्रचार किया था। 

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युगेंद्र ने चुनाव लड़ने को लेकर क्या कहा 

आपको बता दें कि अजीत पवार के भतीजे युगेंद्र ने अभी तक बारामती सीट से उम्मीदवारी को लेकर कुछ भी नहीं कहा है। न ही शरद पवार से उनकी कोई बात हुई है। लेकिन इन सब से हटकर उन्होंने इस बात का संकेत जरूर दिया है कि वह चुनावी मैदान से नहीं हटेंगे। वहीं युगेंद्र से जब इस बात को लेकर सवाल किया गया कि क्या वह अजित पवार की जगह लेने के लिए तैयार हैं। तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि - 

"मैं किसी की जगह लेने की दिलचस्पी नहीं रखता हूं और न ही किसी का विरोध करना चाहता हूं। बारामती के लोग शरद पवार के प्रति वफादार हैं। जिनमें वह भी शामिल है। वह अपने दादा को छोड़ने के बारे सोच भी नहीं सकते। पवार साहेब और लोग तय करेंगे कि मुझे राज्य विधानसभा जाना चाहिए या नहीं। बारामती के आत्मसम्मान वाले लोगों को पवार साहेब के साथ जो कुछ हुआ, वह पसन्द नहीं आया"। 

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अजीत पवार को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा नहीं है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है। कि क्या अजीत पवार 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में बारामती सीट से चुनाव लड़ेंगे या नहीं। फिलहाल आने वाले दो-चार दिनों के अंदर इस सीट की तस्वीर साफ हो सकती है।

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