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झारखंड में आखिरी चरण का मतदान 20 नवंबर को, पोलिंग पार्टियां हुई रवाना

मतदान केंद्रों और पोलिंग पार्टियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 585 कंपनी, जैप (झारखंड आर्म्ड फोर्स) की 60 कंपनी के अलावा जिला बल और होमगार्ड के 30 हजार जवानों को तैनात किया गया है।

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झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण में 12 जिलों की 38 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान के लिए पोलिंग पार्टियां मंगलवार को रवाना कर दी गई हैं। इन्हें बसों, ट्रेनों और छोटी गाड़ियों से गंतव्य तक रवाना किया गया है। रांची से पोलिंग पार्टियों के रवाना होने से पहले लोक कलाकारों ने गीत-नृत्य के साथ उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्हें तिलक लगाकर लोकतंत्र के पर्व में ड्यूटी के लिए विदा किया। 

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि इन सभी सीटों पर कुल मिलाकर 14 हजार 218 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां पोलिंग पार्टियां 19 नवंबर की शाम तक पहुंच जाएंगी। पोलिंग पार्टियों को लेकर जा रहे सभी वाहनों की जीपीएस से ट्रैकिंग की जा रही है। रूट मैप से भटकने की स्थिति में कंट्रोल रूम से उनकी निगरानी की जाएगी। मंगलवार शाम तक सभी पोलिंग पार्टियां निर्धारित क्लस्टरों और केंद्रों तक पहुंच जाएंगी।

मतदान केंद्रों और पोलिंग पार्टियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 585 कंपनी, जैप (झारखंड आर्म्ड फोर्स) की 60 कंपनी के अलावा जिला बल और होमगार्ड के 30 हजार जवानों को तैनात किया गया है।

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सभी मतदान केंद्रों पर 20 नवंबर की सुबह मॉक पोल कराया जाएगा और इसके बाद 7 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। इस चरण में 31 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां सुबह सात से शाम चार बजे तक ही मतदान होगा। इन्हें छोड़ अन्य 13 हजार 187 केंद्रों पर शाम पांच बजे तक वोट डाले जा सकेंगे। 2414 मतदान केंद्र शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों की संख्या 11 हजार 804 है। 48 बूथों को यूनिक बूथ के रूप में विकसित किया गया है। 239 बूथ ऐसे हैं, जिनका संचालन पूरी तरह महिला कर्मियों के हाथ में होगा। 22 मतदान केंद्रों की व्यवस्था दिव्यांग कर्मी संभालेंगे, जबकि 26 मतदान केंद्रों की व्यवस्था युवाओं के हाथों में सौंपी गई है। मतदान की पूरी प्रक्रिया पर वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की जाएगी। सभी केंद्रों पर रिकॉर्डिंग के लिए कैमरे लगाए गए हैं।

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इस चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, उनमें संथाल परगना प्रमंडल और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की 18-18 और दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की दो सीटें शामिल हैं। आठ सीटें अनुसूचित जनजाति और तीन अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं, जबकि सामान्य सीटों की संख्या 27 है। इस चरण में कुल 528 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनकी किस्मत कुल 1 करोड़ 23 लाख 58 हजार 195 मतदाता तय करेंगे।

इस चरण में क्षेत्रफल की दृष्टि से हजारीबाग जिले का मांडू विधानसभा क्षेत्र सबसे बड़ा और धनबाद जिले का झरिया विधानसभा क्षेत्र सबसे छोटा है। सबसे अधिक पांच लाख 82 हजार 101 वोटर बोकारो विधानसभा सीट पर हैं, जबकि सबसे कम 2 लाख 17 हजार 388 वोटर संथाल परगना की लिट्टीपाड़ा सीट पर हैं।

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इस चरण के प्रमुख प्रत्याशियों में बरहेट सीट से झामुमो प्रत्याशी के तौर पर सीएम हेमंत सोरेन, राजधनवार सीट पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के पहले सीएम बाबूलाल मरांडी, गांडेय सीट से झामुमो की स्टार प्रचारक कल्पना सोरेन, नाला सीट पर झामुमो प्रत्याशी के रूप में विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो, चंदनकियारी सीट पर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी, महगामा सीट पर कांग्रेस की प्रत्याशी मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, जामताड़ा में कांग्रेस कोटे के मंत्री इरफान अंसारी, मधुपुर में झामुमो कोटे के मंत्री हफीजुल हसन, डुमरी सीट पर झामुमो प्रत्याशी के रूप में मंत्री बेबी देवी, सिल्ली सीट पर आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो और दुमका सीट पर सीएम हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन शामिल हैं।

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Input: IANS

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