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झारखंड चुनाव : विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, प्रदेश अध्यक्ष रहे मानस सिन्हा ने थामा बीजेपी का दामन
झारखंड चुनाव : झारखंड में विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए अब गिनती के दिन रह गए है। ऐसे में राज्य में इंडिया गठबंधन से लेकर विपक्षी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत चुनाव प्रचार अभियान में झोंक दी है। इस बीच कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मानस सिन्हा बीजेपी में शामिल हो गए है।
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झारखंड चुनाव : झारखंड में विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए अब गिनती के दिन रह गए है। ऐसे में राज्य में इंडिया गठबंधन से लेकर विपक्षी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत चुनाव प्रचार अभियान में झोंक दी है। इस बीच कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मानस सिन्हा बीजेपी में शामिल हो गए है। चुनाव से पहले मानस सिन्हा का बीजेपी ज्वाइन करना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मानस सिन्हा ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के सह प्रभारी बनाए गए हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बने।
झारखंड विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता में काबिज होने का सपना देख रहे हैं भारतीय जनता पार्टी के सपने को मानस सिन्हा के आने से मजबूती मिलेगी। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद मानस सिन्हा ने कहा कि "मैंने पिछले 27 साल से कांग्रेस पार्टी की सेवा की और अलग-अलग पदों पर काम किया लेकिन पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए कोई सम्मान नहीं रह गया है इसलिए मैंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया।" मानव सिंह ने आगे कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। सिंह को पार्टी ज्वाइन करते वक्त असम के मुख्यमंत्री और चुनाव के सब प्रभारी बनाए गए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस में उन कार्यकर्ताओं का कोई महत्व नहीं है जिन्होंने पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मानस सिन्हा के अनुभव का उपयोग राज्य स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में किया जाएगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में चुनाव के लिए टिकट तीन मानदंडों पर दिया जाता है। पहले पैसा दो, दूसरा विधायक, सांसद या मंत्री के प्रतिष्ठित परिवार से जुड़ा होना चाहिए और तीसरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने वाला हो। वहीं झामुमो के द्वारा झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को हटाने के लिए चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर हिमांता नेकहा कि "यह पहली बार हो रहा है जब सत्ताधारी दल किसी हड़प्पा अधिकारी को हटाने की मांग कर रहे हैं अधिकारी तो सरकार के द्वारा ही नियुक्त किया गया है अब उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। वास्तव में झामुमो चाहती है कि अधिकारी राजनीतिक रूप से उनकी मदद करें लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।
बताते चलें कि झारखंड की 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव आयोग ने दो चरण में मतदान करने का फैसला लिया था। आयोग के मुताबिक 13 नवंबर और 20 नवंबर को राज्य में मतदान होंगे जबकि नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
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