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सीएम के आतिशी बंगले पर दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने खड़े किए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम आतिशी से पूछने के लिए आए हैं कि जिस सरकारी आवास पर उनका नाम लिखा हुआ है, यह बंगला किसका है। अगर उन्हें यह बंगला आवंटित किया गया है तो वह शीश महल क्यों मांग रही हैं।
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दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बुधवार को आईएएनएस के साथ बातचीत के दौरान कहा,"आतिशी बताएं कि उन्हें कितने बंगले की जरूरत है।"
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मथुरा रोड स्थित उस बंगले पर पहुंचे थे, जिसे आतिशी को आवंटित किया गया था। इस बंगले पर आतिशी के नाम का नेम प्लेट भी लगा हुआ था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम आतिशी से पूछने के लिए आए हैं कि जिस सरकारी आवास पर उनका नाम लिखा हुआ है, यह बंगला किसका है। अगर उन्हें यह बंगला आवंटित किया गया है तो वह शीश महल क्यों मांग रही हैं। अगर उन्हें शीशमहल दिया जा रहा था, तो उन्होंने शीश महल क्यों नहीं लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री को कितने बंगले की जरूरत है। कालकाजी में वह रहती हैं, इस बंगले में कौन रहता है, यह बताने के लिए वह तैयार नहीं हैं। हालांकि, बाहर जो पोस्टर लगे हैं, इससे साफ होता है कि इस बंगले में कौन रहता है।
शीश महल पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मैंने कहा है कि भ्रष्टाचार के इस शीश महल को म्यूजियम घोषित किया जाना चाहिए। हमारी सरकार बनेगी, तो भाजपा का कोई भी मुख्यमंत्री उस शीश महल में नहीं रहेगा।
दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आतिशी से चार सवाल भी पूछे हैं। आतिशी बताएं कि 17 ए.बी. मथुरा रोड का बंगला किसको आवंटित है। दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि क्या यह सच नहीं की 17 ए.बी. मथुरा रोड से तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित ने 1998 से 2004 तक सरकार चलाई थी, तो आतिशी क्यों नही चला सकतीं। आतिशी बताएं 2015 से 2024 तक अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री थे, तो फिर 6 फ्लैग स्टाफ रोड को मुख्यमंत्री आवास घोषित क्यों नही किया। आतिशी बताएं कि 17 ए.बी. मथुरा रोड बंगला जो उनको आवंटित है, उसमे कौन रहता है।
कंगना रनौत के दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा यह तो कंगना रनौत ही बता सकती हैं। अभी स्टार प्रचारकों की लिस्ट तैयार नहीं हुई है।
आप नेताओं द्वारा मीडियाकर्मियों को शीश महल दिखाने की कोशिश पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विजिट कराने तब जा रहे हैं, जब आचार संहिता लग गई। जेल से बाहर आने के बाद संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन सबसे पहले इसी शीश महल में गए थे। जब राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल को पीटा गया, तब इन्हें विजिट कराना याद नहीं आया।
Input: IANS
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