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‘हार के डर से भ्रम फैला रही कांग्रेस’, केरल में CPI-BJP गठबंधन के दावे को CM पिनाराई विजयन ने किया खारिज

Kerala Election: केरल में चुनाव प्रचार तेज होने के साथ कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने इस कथित ‘सौदे’ को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बना लिया है.

‘हार के डर से भ्रम फैला रही कांग्रेस’, केरल में CPI-BJP गठबंधन के दावे को CM पिनाराई विजयन ने किया खारिज
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केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. जिसमें CPI(M) और BJP के बीच कोई गुप्त समझौता होने की बात कही गई थी. पिनाराई विजयन ने कहा कि यह आरोप UDF के हार के डर से निकला है. विजयन ने जोर देकर कहा कि 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में BJP को केरल में एक भी सीट नहीं मिलेगी. 

चुनाव प्रचार तेज होने के साथ कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने इस कथित ‘सौदे’ को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बना लिया है. UDF का मकसद अल्पसंख्यक वोटों को सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की तरफ जाने से रोकना है. 

केरल में कांग्रेस ने क्या डर बताया था? 

कांग्रेस का दावा है कि CPI (M) कुछ चुनिंदा सीटों पर कमजोर उम्मीदवार उतारकर BJP की चुपके से मदद कर रही है, जिससे भगवा पार्टी को राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने का मौका मिल रहा है. मुख्यमंत्री विजयन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही ऐतिहासिक रूप से BJP के साथ समझौते करती आई है. उन्होंने केरल की राजनीति में चर्चित कांग्रेस-लीग और BJP गठजोड़ का जिक्र किया और दावा किया कि कई साल पहले एक RSS नेता ने भी कई क्षेत्रों में कांग्रेस के समर्थन की बात कबूल की थी. विजयन के मुताबिक, हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भी कुछ जगहों पर इसी तरह का सहयोग देखा गया था. 

उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा का विकास बहुत सीमित रहा है। वोट शेयर में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पार्टी इसे सीटों में बदलने में नाकाम रहेगी. CM विजयन ने भरोसा जताया कि LDF लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगा और उसकी सीटें भी बढ़ेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है. 

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यह बयान चुनावी माहौल को और गरमाने वाला है, जहां LDF और UDF दोनों एक-दूसरे पर BJP से सांठगांठ के आरोप लगा रहे हैं. BJP की तरफ से भी केरल में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन LDF इसे नकार रही है. 

हालांकि, कांग्रेस ने CPI (M) और BJP के बीच गुप्त गठजोड़ को धर्मनिरपेक्ष वोटों के लिए बड़ा खतरा बताया है. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह आरोप राहुल गांधी द्वारा पहले उठाए गए सीजेपी (सीपीआई (एम)-भाजपा) नैरेटिव का ही विस्तार है. अब इसे चुनाव से ठीक पहले और तेज कर दिया गया है, क्योंकि मुकाबला कड़ा होने वाला है. 

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CPI (M) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि वे UDF के अंदरूनी झगड़ों को छिपाने के लिए झूठ फैला रहे हैं. चुनाव प्रचार जैसे-जैसे तेज हो रहा है, सौदा या गुप्त समझौता का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बन गया है. दोनों तरफ के नेता इस आरोप-प्रत्यारोप के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं. अब देखना यह है कि कांग्रेस का यह नैरेटिव लोगों पर कितना असर डाल पाता है या LDF का जवाब कितना मजबूत साबित होता है. यह सवाल केरल के 2026 विधानसभा चुनावों के नतीजों पर काफी हद तक असर डाल सकता है. 

केरल में कब हैं चुनाव? 

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केरल की सभी 140 सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को चुनाव होंगे. जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी. तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डुचेरी के चुनावी नतीजे भी इसी दिन आएंगे. 

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