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वाशिम की रैली में सीएम योगी ने उठाया अयोध्या-काशी-मथुरा का मुद्दा, जानिए क्या कहा

महाराष्ट्र के वाशिम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू धर्मस्थलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण एक शुरुआत है, और अब काशी और मथुरा की ओर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू एकता पर जोर देते हुए लोगों से जातिगत बंटवारे से दूर रहने की अपील की।

वाशिम की रैली में सीएम योगी ने उठाया अयोध्या-काशी-मथुरा का मुद्दा, जानिए क्या कहा
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 महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जोरदार भाषण देकर हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद का मुद्दा उठाया। वाशिम जिले में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में सीएम योगी ने अयोध्या, काशी और मथुरा का जिक्र करते हुए यह संदेश दिया कि उनकी सरकार के एजेंडे में सांस्कृतिक पुनरुत्थान और धर्मस्थलों की पुनर्स्थापना का काम जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि “अयोध्या तो बस शुरुआत है, अब हम काशी और मथुरा की ओर भी बढ़ चुके हैं।”

सीएम योगी ने अपने भाषण में बताया कि किस तरह अयोध्या दीपोत्सव में जगमगाई, और यह केवल शुरुआत है। योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अयोध्या में भगवान राम ने दिवाली का आनंद लिया, पूरी दुनिया ने देखा। अब हम अयोध्या तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारी यात्रा काशी और मथुरा तक पहुंच चुकी है।" यह बयान हिन्दू धार्मिक स्थलों की पुनर्स्थापना को लेकर बीजेपी के दृढ़ इरादों को जाहिर करता है और हिन्दुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाता है।
हिन्दुत्व के साथ एकता का आह्वान
सीएम योगी ने अपने समर्थकों को जातिगत बंटवारे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "बंटिए मत, क्योंकि जब भी बंटे थे तो कटे थे। एक हैं तो नेक हैं, एक हैं तो सेफ हैं।" इस संदेश के माध्यम से योगी ने हिन्दू एकता को बनाए रखने की अपील की। उनका यह बयान राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रयास था। योगी ने बीजेपी और एनडीए की ताकत के पीछे एकजुट हिन्दू मतदाताओं का समर्थन होने का दावा किया, और विपक्षी कांग्रेस के गठबंधन को “महाअनाड़ी गठबंधन” कहा। उन्होंने इस गठबंधन पर यह आरोप भी लगाया कि इनका धर्म और राष्ट्र से कोई सरोकार नहीं है, जिसके कारण वे एक असफल और अनाड़ी गठबंधन हैं।
शिवाजी बनाम औरंगजेब का मुद्दा
वाशिम की सभा में योगी आदित्यनाथ ने मराठा नायक छत्रपति शिवाजी और मुगल शासक औरंगजेब का भी जिक्र किया। उनका यह बयान महाराष्ट्र में हिन्दू मतदाताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक प्रयास माना जा रहा है। उन्होंने शिवाजी महाराज के हिंदू संस्कृति और स्वतंत्रता के प्रतीक होने पर जोर दिया और औरंगजेब के संदर्भ में कहा कि आज यह वैचारिक संघर्ष जारी है।

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा नीति को सराहा और कहा कि “पहले आतंकवादी भारत में घुसकर विस्फोट करते थे, लेकिन आज कोई सीमा पर अतिक्रमण करता है तो उसका राम नाम सत्य हो जाता है।” यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा पर बीजेपी के मजबूत रुख को दर्शाता है, जो मोदी सरकार की नीतियों को लेकर उनका समर्थन हासिल करने की कोशिश करता है।

इसी के साथ ही सीएम योगी ने अपने भाषण में धारा 370 के हटने का एक रोचक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार एयरपोर्ट पर एक मौलवी ने उन्हें ‘राम-राम’ कहा, जो उनकी नज़र में बदलाव का प्रतीक है। योगी ने इसे धारा 370 हटने के परिणाम का हिस्सा बताया और कहा कि इस निर्णय ने न केवल कश्मीर, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी विचारधारा को बदलने का काम किया है। उनका यह किस्सा इस बात पर जोर देता है कि बीजेपी सरकार के कुछ कड़े निर्णयों का असर मुस्लिम समुदाय पर भी पड़ा है।
योगी आदित्यनाथ का हिन्दू धर्म के प्रति दृढ़ संकल्प
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू धर्म और इसकी आस्था का समर्थन किया और कहा, "ये लोग (विपक्ष) कहते थे राम हुए नहीं, कृष्ण हुए नहीं। आज भी जो लोग ऐसा कहते हैं, उन पर भरोसा मत करिएगा। राम हमारी रग-रग में हैं, कण-कण में हैं।" उनका यह बयान हिंदू आस्था और धर्म के प्रति उनके समर्थन को दर्शाता है और उन मतदाताओं को लुभाने का प्रयास है, जो धार्मिक प्रतीकों में विश्वास रखते हैं।

महाराष्ट्र में बीजेपी की रणनीति हिन्दुत्व, राष्ट्रवाद, और एकता पर केंद्रित है। योगी आदित्यनाथ ने अपनी रैली में स्पष्ट किया कि बीजेपी का उद्देश्य न केवल सत्ता प्राप्त करना है, बल्कि देश को सुरक्षित और सशक्त बनाना भी है। उन्होंने महाराष्ट्र में बीजेपी की विजय की उम्मीद जताई और कहा कि “वाशिम में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि महाराष्ट्र में बीजेपी एक ऐतिहासिक विजय प्राप्त करने जा रही है।

योगी आदित्यनाथ का यह भाषण महाराष्ट्र में बीजेपी की हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद पर आधारित चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने अयोध्या, काशी और मथुरा के मुद्दे को एक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के रूप में पेश किया। इस भाषण में न केवल हिन्दू एकता और धार्मिक आस्था का आवाहन किया गया, बल्कि विपक्षी दलों पर राष्ट्रवाद और सुरक्षा की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया गया। योगी के इस बयान ने महाराष्ट्र के चुनावी माहौल में एक नई ऊर्जा भर दी है, जो बीजेपी के पक्ष में जन समर्थन को बढ़ावा देने का कार्य कर सकता है।

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