Advertisement

Loading Ad...

बिहार चुनाव के बीच नीतीश और मांझी के बागी नेताओं ने चिराग पासवान को दी बड़ी टेंशन, 2 सीटों पर लोजपा-आर के खिलाफ पर्चा दाखिल किया

खबरों के मुताबिक, बोधगया सीट से HAM के राष्ट्रीय प्रवक्ता नंदलाल मांझी और बेगूसराय जिले की साहेबपुर कमाल सीट से JDU के बागी शशिकांत कुमार शशि उर्फ अमर कुमार सिंह ने निर्दलीय पर्चा भरा है. NDA में सीटों के बंटवारे के तहत यह दोनों ही सीट चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के हिस्से में गई है. बोधगया सीट पर पार्टी ने श्यामदेव पासवान को उम्मीदवार बनाया है.

Loading Ad...

बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से बागी हुए दो नेताओं ने चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास ) की टेंशन बढ़ा दी है. खबरों के मुताबिक, NDA दल की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के बागी नेताओं ने बागी तेवर अपनाते हुए पर्चा दाखिल कर दिया है. दोनों ही नेता अब चिराग पासवान की पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनावी मैदान में नजर आएंगे. इससे पहले चिराग पासवान की पार्टी के एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द हुआ था. कुल मिलाकर देखा जाए, तो चुनाव से पहले चिराग की टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है. 

JDU और HAM के बागी नेताओं ने खड़ी की टेंशन

खबरों के मुताबिक, बोधगया सीट से HAM के राष्ट्रीय प्रवक्ता नंदलाल मांझी और बेगूसराय जिले की साहेबपुर कमाल सीट से JDU के बागी शशिकांत कुमार शशि उर्फ अमर कुमार सिंह ने निर्दलीय पर्चा भरा है. NDA में सीटों के बंटवारे के तहत यह दोनों ही सीट चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के हिस्से में गई है. बोधगया सीट पर पार्टी ने श्यामदेव पासवान को उम्मीदवार बनाया है. यही वजह है कि नंदलाल मांझी ने अपनी पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने निर्दलीय प्रचार दाखिल करते हुए कहा कि 'अब जनता ही उनकी पार्टी है और जीतन राम मांझी चाहे उन्हें पार्टी से निकाल दें या फिर रखें, लेकिन वह जनता के लिए चुनाव लड़ेंगे.'

Loading Ad...

साहेबपुर सीट से भी चिराग पासवान को बड़ा झटका

Loading Ad...

बोधगया सीट के अलावा साहेबपुर कमाल विधानसभा सीट भी NDA के हिस्से में है. यहां JDU के टिकट के दावेदार शशिकांत कुमार शशि उर्फ अमर कुमार सिंह बागी हो गए हैं. उन्होंने निर्दलीय पर्चा भर दिया है. उनका कहना है कि सीएम नीतीश से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन यह सीट लोजपा (रामविलास) को दिए जाने पर नाराजगी जताई, क्योंकि इस सीट पर उन्होंने चुनाव लड़ने की आस लगाई थी, लेकिन बंटवारे के तहत यह सीट चिराग पासवान के खाते में चली गई. 

अमर कुमार सिंह को 2020 में मिली थी हार

Loading Ad...

शशिकांत कुमार शशि उर्फ अमर कुमार सिंह ने साल 2020 में साहेबपुर सीट से ही चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार यह सीट जब चिराग पासवान की पार्टी के खाते में चली गई, तो उनके चुनाव लड़ने की उम्मीदें धराशाई हो गई, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने बागी होकर पर्चा दाखिल कर दिया. 2020 के चुनाव की बात की जाए, तो आरजेडी के सतानंद सबुद्ध उर्फ ललन जी ने उन्हें हराया था. अमर कुमार का कहना है कि चुनाव हारने के बाद से ही वह क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन इसके बावजूद यह सीट चिराग पासवान की पार्टी को दे दी गई. इस सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सुरेंद्र विवेक को प्रत्याशी बनाया है. 

यह भी पढ़ें

जानकारी के लिए बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में NDA में सीटों के बंटवारे के तहत चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 29 सीटों पर लड़ रही है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...