Advertisement
Loading Ad...
पेरिस ओलंपिक से विनेश फोगाट ने की घर वापसी, दिल्ली में हुआ भव्य स्वागत
विनेश फोगाट भारतीय कुश्ती की जानी-मानी खिलाड़ी हैं। पेरिस ओलंपिक में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बार पदक जीतने में सफल नहीं हो सकीं। हालांकि, उनके प्रयास और मेहनत की सराहना हर जगह हो रही है।
Advertisement
Loading Ad...
पेरिस ओलम्पिक में भारत के साथ जो सबसे बुरी चीज हुई वो ये हुई कि विनेश फोगाट को फाइनल में अयोग्य घोषित कर दिया गया, लेकिन अब इतनी जद्दो जहद के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 से भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट की घर वापसी हो गई हो गई है, दिल्ली के इंद्रागांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया।जैसे ही वो भारत लौटी उन्हें देखने और उन्हें सम्मान देने के लिए कई लोग वहां मौजूद थे और सभी ने उनका तिरंगे के साथ स्वागत किया और साथ ही उनके साहस की तारीफ की, भले ही वो मेडल ना जीत पाई हो लेकिन सभी देशवासियों के मन में उनके लिए बहुत सम्मान है जिस वजह से विनेश बहुत भावुक नज़र आई, उनके आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
जैसे ही विनेश एयरपोर्ट से बाहर आई तो उन्हें बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक के साथ तमाम लोग सँभालते नज़र आये, भले ही विनेश फोगाट पेरिस ओलम्पिक में कोई मेडल हांसिल नहीं कर पाई हो लेकिन पुरे देश के लिए वो खुद गोल्डन गर्ल हैं और हमेशा रहेंगी, हर कोई इस वक्त यही कहता नज़र आ रहा है कि भारत की इस बेटी को और भारत के लोगों के सपने को कोई नहीं तोड़ सकता, और बात रही पेरिस में CAS में चली सुनवाई को लेकर तो पूरा देश विनेश के साथ खड़ा है।
इस बीच हर कोई विनेश और उनकी हिम्मत को भी सलाम कर रहा है इतने दिनों तक विनेश लड़ती रही सिल्वर मेडल के लिए गुहार लगाई, उनकी इस मांग को लेकर सुनवाई की तारीख हर बार डिले की गई लेकिन आखिरी सुनवाई में भी फैसला विनेश के पक्ष में नहीं आया, और सिल्वर मेडल की उम्मीद भी टूट गई,विनेश ने भारत लौटने से पहले एक भावुक पोस्ट भी किया था जिसमें उन्होंने अपने इस संघर्ष को साझा किया और पूरी जर्नी को बताते हुए ये भी कहा कि - "मेरी टीम, मेरे साथी भारतीयों और मेरे परिवार को ऐसा लगता है कि जिस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम काम कर रहे थे और जिसे हांसिल करने की हमने योजना बनाई थी वह अधूरा है, कुछ न कुछ कमी हमेशा रह सकती है और चीजें फिर कभी पहले जैसी नहीं हो सकती हैं। शायद अलग-अलग परिस्थितियों में, मैं खुद को 2032 तक खेलते हुए देख सकती हूं, क्योंकि मेरे अंदर लड़ाई और मेरे अंदर कुश्ती हमेशा रहेगी। मैं यह अनुमान नहीं लगा सकती कि भविष्य में मेरे लिए क्या होगा, और इस सफर में आगे क्या होगा, लेकिन मुझे यकीन है कि मैं जिस चीज़ पर विश्वास करती हूं और सही चीज़ के लिए हमेशा लड़ना जारी रखूंगी।"
पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट के साथ वो सब हुआ है जो शायद किसी भी खिलाड़ी को बुरी तरह तोड़ देगा, ओलम्पिक के फाइनल में पहुंचने के बाद भी विनेश को 100 ग्राम वजन बढ़ने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया उन्होंने अपना वजन कम करने के लिए अपने नाख़ून, बाल तक काट दिया सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने अपने शरीर से खून तक निकाल दिया था, वो फाइनल से पहले पानी पिए बिना रात भर जॉगिंग करती रही, लेकिन उसके बावजूद वो सफल नहीं हो पाई, विनेश इतना टूट चुकी थी कि उन्होंने सन्यास का ऐलान भी कर दिया था और कहा था।
लेकिन अब जब उनकी घर वापसी हो गई है तो उनके परिवार से लेकर हर कोई विनेश को एक बार फिर कुश्ती लड़ते हुए और अपनी इस हार का बदला लेते हुए देखना चाहता है।
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...