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भारत-पाकिस्तान मैच का प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग न हो, सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर की मांग

प्रियंका चतुर्वेदी ने अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में कहा कि मैं आपको गहरी पीड़ा और चिंता के साथ लिख रही हूं, न सिर्फ एक संसद सदस्य के रूप में, बल्कि इस देश के एक नागरिक के रूप में भी, जो इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हुई जानमाल की हानि पर अभी भी शोक मना रहा है.

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महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद और शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा. उन्होंने पत्र को 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि इंडिया गठबंधन इस बात से नाराज है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए भारत सरकार के प्रयासों में उसके साथ खड़ा रहा है और प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर जारी रखने का आह्वान किया है. ऐसे में पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत इस समर्थन के साथ विश्वासघात होगी.

भारत-PAK मैच की लाइव स्ट्रीमिंग पर लगे रोक

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि आप भारत प्रथम का रुख अपनाएंगे और वही करेंगे जो देश अपनी सरकार से उम्मीद करता है. भारत-पाक मैच की लाइव स्ट्रीमिंग और प्रसारण रोकने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्री और आईटी को पत्र लिखा है.

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प्रियंका चतुर्वेदी ने अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र

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प्रियंका चतुर्वेदी ने अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में कहा कि मैं आपको गहरी पीड़ा और चिंता के साथ लिख रही हूं, न सिर्फ एक संसद सदस्य के रूप में, बल्कि इस देश के एक नागरिक के रूप में भी, जो इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हुई जानमाल की हानि पर अभी भी शोक मना रहा है. इस त्रासदी के बाद सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जो एक आतंकवाद-रोधी अभियान था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान को उसके निरंतर आतंकवाद प्रायोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराना था. आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का संदेश लेकर एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया भर में भेजा गया था, जिसका मैं भी हिस्सा थी, और भारत सरकार का पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट मैच आयोजित करने का यह निर्णय मुझे और मेरी अंतरात्मा को पूरी तरह से अस्वीकार्य है.

पत्र में क्या लिखा 

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पत्र में कहा गया है कि बीसीसीआई और खेल मंत्रालय, दोनों द्वारा एशिया कप में भारत की भागीदारी और पाकिस्तान के खिलाफ मैच पर जोर देने से मैं निराश हूं. खेल भावना की आड़ में मैच होने देना, आतंकवादी राष्ट्र के खिलाफ खड़े होने का नैतिक साहस नहीं दिखाता. विश्व इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है, जहां राष्ट्रों ने खेलों की बजाय सिद्धांतों को चुना, रंगभेद के दौरान दक्षिण अफ्रीका का बहिष्कार, दशकों से ओलंपिक बहिष्कार, और हाल ही में, पाकिस्तान की अपनी हॉकी टीम द्वारा सभी मंजूरियों के बावजूद एशिया हॉकी कप के लिए भारत में खेलने से इनकार करना, खेल मंत्रालय के इस फैसले के पाखंड को उजागर करता है.

उन्होंने कहा कि मैं सरकार को 1990-91 में भारत-पाक तनाव बढ़ने पर पाकिस्तान द्वारा एशिया क्रिकेट कप के बहिष्कार की भी याद दिलाना चाहूंगी. पैसा कमाने के लिए बीसीसीआई द्वारा इस मैच को बढ़ावा देने की जिद वास्तव में न सिर्फ खून की कमाई होगी, बल्कि अभिशापित धन भी होगा, क्योंकि इस पर पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों और हमारे वर्दीधारी जवानों के ताबूतों का अभिशाप लगा है.

140 करोड़ लोगों में आक्रोश

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प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के लोग ऐसा मैच नहीं देखना चाहते जो 140 करोड़ से ज्यादा नागरिकों के दर्द और आक्रोश से लाभ कमाए. जब ​​सीमा पार आतंकवाद में अभी भी जानें जा रही हैं, तो हम देशभक्तों को अलग-थलग नहीं कर सकते. जहां हमारी सेनाएं पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को खत्म करने के लिए अपनी जान कुर्बान कर रही हैं, वहीं सरकार क्रिकेट मैचों को स्ट्रीम करने वाले प्लेटफॉर्म पर नजरें गड़ाए बैठी है, जो आपसी संवाद को सामान्य बनाते हैं और त्रासदी को व्यापार में बदल देते हैं.

पत्र में आगे कहा गया है कि राष्ट्रीय हित और जनभावना को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेबसाइट और ऐप्स पर भारत बनाम पाकिस्तान मैच की लाइव स्ट्रीमिंग को रोक दे, क्योंकि आपके पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का भी प्रभार है. मैं आपसे आग्रह करती हूं कि प्रसारकों को मैच का सीधा प्रसारण करने से रोकें.

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