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ED की रडार पर टीम इंडिया के गब्बर, अवैध सट्टेबाजी ऐप मामले में पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन से ईडी करेगी पूछताछ
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर हैं. एक अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में शिखर धवन को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है.
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समाचार एजेंसी पीटीआई ने गुरुवार को अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी कि शिखर धवन को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है. ईडी ने पहले भी कुछ क्रिकेटरों से इस मामले में पूछताछ की है, जिनमें पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना का नाम शामिल है. ईडी ने 8 घंटे तक सुरेश रैना से पूछताछ की थी और उनका बयान दर्ज किया था.
शिखर धवन का बयान दर्ज करेगी ईडी
रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय जांच एजेंसी 1xBet नामक 'अवैध' सट्टेबाजी ऐप से जुड़ी इस जांच के हिस्से के रूप में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शिखर धवन का बयान दर्ज करेगी. ऐसा माना जा रहा है कि 39 वर्षीय पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हुए थे. ईडी पूछताछ के दौरान इस ऐप से उनके संबंधों का पता लगाना चाहता है. जांच एजेंसी अवैध सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़े कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिन पर कई लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने या भारी मात्रा में कर चोरी करने का आरोप है.
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एजेंसी ने हाल ही में इस जांच के तहत गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए बुलाया था. उसने ‘परिमैच' नामक एक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के खिलाफ इसी तरह की जांच के सिलसिले में कई राज्यों में तलाशी भी ली थी. एजेंसी विभिन्न अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने या भारी मात्रा में कर चोरी का आरोप है. बाजार विश्लेषण कंपनियों और जांच एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, ऐसे विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के लगभग 22 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से आधे (लगभग 11 करोड़) नियमित उपयोगकर्ता हैं.
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देश में सट्टेबाजी ऐप का बाजार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का बाजार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है और 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है. सरकार ने पिछले महीने संसद को बताया था कि उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए मंच को ब्लॉक करने के लिए 2022 से जून 2025 तक 1,524 आदेश जारी किए हैं.
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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा को एक लिखित उत्तर में बताया कि जीएसटी खुफिया महानिदेशालय मुख्यालय को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (आईटी अधिनियम) और आईजीएसटी अधिनियम के तहत एक उपयुक्त सरकारी एजेंसी के रूप में अधिकार प्राप्त है कि वह आईजीएसटी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले अपंजीकृत ‘मनी गेमिंग' मंच को ब्लॉक करने के लिए बिचौलियों को निर्देश दे.