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ना ब्लैकमेल, ना ही रोना-धोना...ICC के Carrot & Stick दांव से घुटनों पर आया PAK, भारत से मैच खेलने पर लिया U-Turn

IND VS PAK T20 World Cup: पाकिस्तान ने आखिरकार ICC की वॉर्निंग और गंभीर परिणाम के आगे घुटने टेक ही दिए हैं. उसने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच खेलने पर लिया U-Turn ले लिया है. वो  मैच की एवज में ब्लैकमेल कर रहा था और अपनी डिमांड्स रख रहा था, जिसे सिरे से खारिज कर दिया गया.

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10 Feb 2026
( Updated: 10 Feb 2026
02:51 AM )
ना ब्लैकमेल, ना ही रोना-धोना...ICC के Carrot & Stick दांव से घुटनों पर आया PAK, भारत से मैच खेलने पर लिया U-Turn
भारत से मैच खेलने पर पाकिस्तान का यू-टर्न
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर बने सस्पेंस का आखिरकार अंत हो गया है. पाकिस्तान सरकार ने यू-टर्न लेते हुए अपनी पुरुष क्रिकेट टीम को भारत के खिलाफ तय मैच खेलने की अनुमति दे दी है. यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा. इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश को समर्थन दिखाने के लिए भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला किया था, लेकिन आईसीसी के सख्त रुख और मित्र देशों के हस्तक्षेप के बाद इस निर्णय में बदलाव किया गया. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने ICC से कुछ डिमांड्स रखी थीं, जिसे सिरे से खारिज कर दिया गया.

पाकिस्तान की नहीं चली ब्लैकमेलिंग, डिमांड्स खारिज!

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पाकिस्तान ने आईसीसी को ब्लैकमेल करने के लिए कुछ मांगें भी रखी थीं. पाकिस्तान चाहता था कि बांग्लादेश को पूरा राजस्व हिस्सा मिले, अगले साइकिल में उसे एक आईसीसी इवेंट (यू-19 वर्ल्ड कप) की मेजबानी दी जाए, भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज शुरू हो, भारत-पाक-बांग्लादेश त्रिकोणीय सीरीज आयोजित की जाए और भारत 2026 में बांग्लादेश का दौरा करे. हालांकि, आईसीसी ने साफ कर दिया कि द्विपक्षीय और त्रिकोणीय सीरीज या भारत का बांग्लादेश दौरा उसके दायरे में नहीं आता. आईसीसी ने केवल यू-19 वर्ल्ड कप पर विचार करने की बात कही, जबकि बाकी प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया.

बांग्लादेश से शुरू हुआ विवाद!

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दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी से अपील की थी कि उसके टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच भारत के बजाय किसी अन्य वेन्यू पर कराए जाएं. बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने ग्रुप-स्टेज मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी और यहां तक कि आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने का सुझाव भी दिया था. हालांकि, आईसीसी ने इस अपील को खारिज कर दिया. इसके बाद बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया गया.

ICC की वॉर्निंग ने निकाली पाकिस्तान की धमकी की हवा!

बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के बाद पाकिस्तान ने उसके समर्थन में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की धमकी दी थी. पाकिस्तान इस मुद्दे पर आईसीसी पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा था. हालांकि, आईसीसी ने साफ कर दिया कि भारत के मैच का बहिष्कार स्वीकार्य नहीं होगा. इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और श्रीलंका सरकार ने पाकिस्तान से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया.

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यूएई की धमकी, श्रीलंकाई राष्ट्रपति की बात को टाल नहीं पाया पाकिस्तान!

इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार शाम श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से फोन पर बातचीत की. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने याद किया कि पाकिस्तान और श्रीलंका हमेशा चुनौतीपूर्ण समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं. श्रीलंका के राष्ट्रपति ने मौजूदा गतिरोध को सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने का अनुरोध किया. 

इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने बहुपक्षीय चर्चाओं और मित्र देशों के अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए भारत के खिलाफ मैच खेलने की अनुमति दे दी. इतना ही नहीं यूएई ने भी पाकिस्तान को मुश्किल दिनों में भी क्रिकेटिंग रिश्ते की याद दिलाई और कहा कि बात खेले. पाकिस्तान जो पहले ही ICC बोर्ड में अलग-थलग पड़ गया था, उसे आशंका थी कि अगर वो श्रीलंका के राष्ट्रपति यानी कि श्रीलंकाई बोर्ड, यूएई की बात नहीं मानी तो उसके लिए दीर्घकालिक और भीषण परिणाम होंगे. यूएई ही पाकिस्तान का पाकिस्तान के बाहर दूसरा होम ग्राउंड है.

पाकिस्तान ने भारत से मैच खेलने पर क्या कहा!

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पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा भेजे गए औपचारिक अनुरोधों, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य सदस्य देशों के समर्थन संदेशों की समीक्षा की गई. सरकार ने बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के बयान पर भी गौर किया और कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. बयान में स्पष्ट किया गया कि इन्हीं कारणों से पाकिस्तान ने 15 फरवरी को होने वाले मैच में उतरने का फैसला किया है.

ICC ने क्या कहा?

इस बीच आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी के बीच एक रचनात्मक और सौहार्दपूर्ण बातचीत भी हुई. आईसीसी ने साफ किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने के बावजूद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर कोई वित्तीय, खेल संबंधी या प्रशासनिक पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी. आईसीसी ने बीसीबी की फुल मेंबर के तौर पर स्थिति को दोहराया और कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट के विकास में उसका अहम योगदान है.

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बांग्लादेश को मिली राहत!

आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि बांग्लादेश के पास यदि वह चाहे तो डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी (DRC) से संपर्क करने का अधिकार रहेगा. साथ ही यह सहमति बनी कि बांग्लादेश, आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2031 से पहले एक आईसीसी इवेंट की मेजबानी करेगा, जो आईसीसी की तय होस्टिंग प्रक्रिया और संचालन मानकों के अनुसार होगा. इससे बांग्लादेश की मेजबानी क्षमता पर आईसीसी का भरोसा भी झलकता है.

आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा कि टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की अनुपस्थिति खेदजनक है, लेकिन इससे आईसीसी की बांग्लादेश के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि आईसीसी का फोकस बीसीबी और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर देश में क्रिकेट के सतत विकास पर बना रहेगा.

वहीं, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, आईसीसी और सभी संबंधित पक्षों का आभार जताया. बीसीबी अध्यक्ष मोहम्मद अमीनुल इस्लाम ने पाकिस्तान से 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच खेलने का अनुरोध करते हुए कहा कि पाकिस्तान के समर्थन से बांग्लादेश बेहद प्रभावित है और यह भाईचारा हमेशा बना रहना चाहिए.

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अंततः सभी कूटनीतिक और क्रिकेटिंग दबावों के बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मैच खेलने की अनुमति दे दी है, जिससे 15 फरवरी को क्रिकेट फैंस को एक बार फिर भारत-पाकिस्तान की महामुकाबले की झलक देखने को मिलेगी.

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