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IND vs ENG: Leeds Test में कैसे जीती बाजी हार गई टीम इंडिया, जानें 5 बड़ी वजह
भारत-इंग्लैंड के बीच लीड्स के हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए टेस्ट मैच में भारतीय टीम को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है. इस मुकाबले में इंग्लैंड को जीत के लिए 371 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने मैच के आखिरी दिन मंगलवार (24 जून) के आखिरी सेशन में हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही मेजबान इंग्लैंड ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 2 जुलाई से बर्मिंघम में खेला जाएगा
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लीड्स टेस्ट की पहली पारी में बेन डकेट को दो बार 11 रनों के निजी स्कोर पर जीवदान मिला. इन दो जीवनदानों के चलते डकेट 62 रन बनाने में सफल रहे. वहीं दूसरी इनिंग्स में 97 रन पर बेन डकेट कैच छूटा और उन्होंने 149 रन बना डाले. पहली पारी में ओली पोप को 60 रनों के स्कोर पर जीवदान मिला और उन्होंने 160 रन बनाए. वहीं पहली इनिंग्स में हैरी ब्रूक का कैच 82 रनों पर कैच छूटा, जिसके बाद उन्होंने 17 रन और जोड़े. अपनी इनिंग्स की शुरुआत में जब ब्रूक 0 रन पर थे, तो बुमराह की गेंद पर वो आउट हो जाते, लेकिन वो बॉल नो-बॉल करार दी गई. दूसरी पारी में जेमी स्मिथ और जैक क्राउली को भी जीवदान मिले.
आइए जानते हैं टीम इंडिया के हार की वो 5 बड़ी वजह
करुण नायर का फ्लॉप होना - क्रिकेट से एक मौका मांगने वाले करुण नायर पर भरोसा दिखा कर टीम इंडिया ने बड़ा मौका दिया था, लेकिन पहले टेस्ट में करुण इसे भुनाने में नाकाम रहे.
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पहले टेस्ट की पहली पारी में करुण बिना खाता खोले चलते बने, वहीं दूसरी पारी में महज 20 रन का योगदान दे पाए, इसके चलते टीम इंडिया का मिडिल आर्डर कमजोर रहा और टीम जिस स्कोर तक पहुंचना चाह रही थी वहां तक नहीं पहुंच पाई.
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रविंद्र जडेजा का खराब फॉर्म - टीम इंडिया के ऑल राउंडर सर रविंद्र जडेजा का दोनों पारियों में गेंद और बल्ले से फ्लॉप होना हार की बड़ी वजह में से एक रही. जडेजा बल्ले से पहली पारी में 11 रन और दूसरी पारी में 25 रन बनाकर नाबाद रहे.
वहीं गेंद से जडेजा पहली पारी में अपने 23 ओवर की गेंदबाजी में 68 रन खर्च कर देते हैं लेकिन उन्हें कोई सफलता हाथ नहीं लगती है. दूसरी पारी में अपने 24 ओवर की गेंदबाजी में जडेजा 104 रन खर्च करके एक सफलता प्राप्त करते हैं.
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शार्दुल ठाकुर का चयन - लॉर्ड शार्दुल का टीम में चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं, आखिर उन्हें रखा ही क्यों गया था जब सही से उनका इस्तेमाल ही कप्तान को नहीं करना था. शार्दुल ने बल्ले से मैच की दोनों पारियों में 1 और 4 रन का योगदान दिया.
वहीं गेंदबाजी में शार्दुल का अधिक इस्तेमाल नहीं किया गया, पहली पारी में शार्दुल अपनी 6 ओवर की गेंदबाजी में 38 रन खर्च करते हुए खाली हाथ रहते हैं. दूसरी पारी में 10 ओवर की गेंदबाजी में 51 रन खर्च करते हुए शार्दुल 2 विकेट झटकते हैं.
8 कैच ड्रॉप
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इस मैच में हार का सबसे बड़ा कारण भारतीय टीम की खराब फील्डिंग रही. भारतीय खिलाड़ियों ने पहली पारी में छह और दूसरी पारी में दो कैच छोड़े. यशस्वी जायसवाल ने सबसे ज्यादा 4 कैच टपकाए. वहीं रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत, साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह भी एक-एक कैच नहीं लपक सके.
खराब कप्तानी
इस मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी उतनी खास नहीं दिखी, जिनका बतौर कप्तान ये पहला टेस्ट मैच था. शुभमन गेंदबाजों को सही से रोटेट नहीं कर पाए और उनका अच्छे तरीके से इस्तेमाल भी नहीं किया. शार्दुल ठाकुर ने पहली पारी में सिर्फ 6 ओवर फेंके, जबकि दूसरी पारी में भी उनका इस्तेमाल सबसे कम हुआ. दूसरी पारी में जब बेन डकेट और क्राउली की ओपनिंग जोड़ी जम चुकी थी, तब टीम इंडिया की फील्ड सेटिंग काफी डिफेंसिव नजर आ रही थी.
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अब सवाल उठ रहे हैं कि बेंच पर बैठे वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, और नीतीश रेड्डी का कब इस्तेमाल किया जाएगा? क्या इनका इस्तेमाल 2 जुलाई से होनेवाले बर्मिंघम टेस्ट में बदलाव करके टीम इंडिया करेगी.