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IND vs AUS: रोहित शर्मा पहले टेस्ट के बीच में ही पहुंच जाएंगे पर्थ, जानें कब मुंबई से भरेंगे उड़ान

भारतीय टीम 9 से 11 नवंबर के बीच तीन बैचों में ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुई, लेकिन रोहित ने अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक छोटा ब्रेक लेने का फैसला किया। पर्थ टेस्ट से बाहर रहने वाले रोहित एडिलेड ओवल में 6 दिसंबर से होने वाले दूसरे टेस्ट से पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे।

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नई दिल्ली, 21 नवंबर (। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया में अपनी टीम के साथ जल्द जुड़ने वाले हैं। वह 24 नवंबर को पर्थ पहुंच सकते हैं जहां 22 नवंबर से पहला टेस्ट शुरू हो रहा है। रोहित की गैर-मौजूदगी में इस मैच में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के हाथों में टीम की कमान होगी। 

भारतीय टीम 9 से 11 नवंबर के बीच तीन बैचों में ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुई, लेकिन रोहित ने अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक छोटा ब्रेक लेने का फैसला किया। पर्थ टेस्ट से बाहर रहने वाले रोहित एडिलेड ओवल में 6 दिसंबर से होने वाले दूसरे टेस्ट से पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे।

उप-कप्तान जसप्रीत बुमराह पर्थ टेस्ट में भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। ऑस्ट्रेलिया की कमान पैट कमिंस के हाथों में होगी। यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा क्योंकि दो गेंदबाज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी श्रृंखला में अपने-अपने पक्षों का नेतृत्व करेंगे।

इस बीच, एडिलेड टेस्ट की तैयारी के लिए रोहित इंडिया ए टीम और प्राइममिनस्टर इलेवन के बीच दो दिवसीय डे-नाइट अभ्यास मैच में हिस्सा लेंगे।

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, 30 नवंबर और 1 दिसंबर को कैनबरा के मनुका ओवल में होने वाला यह मैच रोहित को ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों के अनुकूल होने और मैच फिटनेस हासिल करने का मौका देगा।

रोहित की ऑस्ट्रेलिया यात्रा में देरी क्रिकेट जगत में अटकलों का विषय बनी हुई थी। टीम पहले से ही चोटों और अनुपस्थिति के कारण चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें शुभमन गिल की अंगूठे की चोट और जसप्रीत बुमराह की स्टैंड-इन कप्तान की भूमिका शामिल है।

दोनों टीमों को काफी कुछ साबित भी करना है। दबाव ऑस्ट्रेलिया पर ज्यादा है क्योंकि वह अपने घर में खेल रहा है। पिछले एक दशक से वह भारत को अपने घर में हराने में नाकाम रहा है। दूसरी तरफ, न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर क्लीन स्वीप होने के बाद टीम इंडिया भी कमबैक का इरादा बनाकर मैदान पर उतरेगी।

पर्थ की पिच तेज गेंदबाजों की मददगार रही है। गेंद की तेज रफ्तार और उछाल के लिए यहां की पिच मशहूर है। बाद में धीरे-धीरे पिच से थोड़ी बहुत मदद स्पिन गेंदबाजों को भी मिलती है। ऐसे में इस पिच पर बल्लेबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ सकता है।

Input: IANS
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