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Chess Olympiad 2024: भारतीय शतरंज खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, जीत लिया Gold
18 वर्षीय वर्ल्ड चैंपियनशिप के चैलेंजर डी. गुकेश ने व्लादिमीर फेडोसेव के खिलाफ तकनीकी कुशलता का परिचय देते हुए यह जीत हासिल की। ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश (D Gukesh), अर्जुन एरिगेसी और आर प्रज्ञानानंदा ने स्लोवेनिया के खिलाफ 11वें और अंतिम राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 में से 21 points अपने नाम कर जीत हासिल की। यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
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Chess Olympiad 2024 : हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित 45वें शतरंज ओलंपियाड में भारतीय शतरंज खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया है। पहली बार, भारत ने पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व शतरंज के पटल पर अपना दबदबा कायम किया है। महिला और पुरुष दोनों टीमें चैंपियन बनीं और इस प्रतियोगिता में पहली बार अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। इससे पहले 2014 और 2022 में भारतीय पुरुष टीम ने कांस्य पदक जीते थे। महिला टीम ने भी 2022 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
18 वर्षीय वर्ल्ड चैंपियनशिप के चैलेंजर डी. गुकेश ने व्लादिमीर फेडोसेव के खिलाफ तकनीकी कुशलता का परिचय देते हुए यह जीत हासिल की। ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश (D Gukesh), अर्जुन एरिगेसी और आर प्रज्ञानानंदा ने स्लोवेनिया के खिलाफ 11वें और अंतिम राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 में से 21 points अपने नाम कर जीत हासिल की। यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
भारतीय महिला टीम ने भी किया शानदार प्रदर्शन!
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कप्तान अभिजीत कुंटे की टीम ने अजरबैजान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसमें हरिका द्रोणावली, वैशाली रमेशबाबू, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल, तानिया सचदेव शामिल थे। भारतीय महिला टीम के लिए भी यह एक बड़ी उपलब्धि थी।
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भारतीय शतरंज खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन ने तिरंगे को दुनिया भर में फहराया। यह जीत और शतरंज के लिए लोगों का बढ़ता जुनून, देश के युवाओं को शतरंज खेलने के लिए और ज़्यादा प्रेरित करेगी।आजकल स्कूलों और कॉलेजों में भी शतरंज को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कई शतरंज टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे युवा खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिल रहा है।