Advertisement
बांग्लादेश ने भारत से पंगा लेकर अपने पैर पर मारी कुल्हाड़ी, ICC ने BCB की मांग सिरे से की खारिज, दिया आखिरी अल्टीमेटम
ICC ने दिया बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को तगड़ा झटका दिया है. बोर्ड ने कह दिया है कि भारत में ही होंगे बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप मैच, वेन्यू में कोई बदलाव संभव नहीं है. इसके साथ ही आखिरी अल्टीमेटम दे दिया गया है.
Advertisement
भारत से लगातार पंगा ले रहे बांग्लादेश को बार-बार झटका लग रहा है. BCCI जैसे बड़े बोर्ड से एकतरफा झगड़ा मोल लेकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना कोई बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से सीखे. अपनी अवाम को दिखाने के लिए हार्ड लाइन लेने वाली मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार और उसकी कठपुतलियों ने क्रिकेट का बेड़ा गर्क करने का ठान ही लिया है.
इसी बीच इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को करारा झटका दिया है. आईसीसी ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि आगामी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के मुकाबले पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही खेले जाएंगे. बीती रात हुई बार्ड की बैठक में 14: 2 के अंतर से बांग्लेदश की भारत की जगह श्रीलंका में उसके मैच कराए जाने की मांग सिरे से खारिज कर दी गई है.
कब-कब होने हैं बांग्लादेश के मैच?
Advertisement
बांग्लादेश ने 7 फरवरी को वेस्टइंडीज, 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में मुकाबले खेलने हैं. इसके बाद 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल से मुकाबला होगा.
Advertisement
T20 विश्व कप में बांग्लादेश की जगह लेगा स्कॉटलैंड!
अगर बांग्लादेश इस बड़े इवेंट से हटता है, तो उम्मीद है कि स्कॉटलैंड टीम उसकी जगह लेगी. यह टीम फिलहाल 14वें पायदान पर है. यह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में क्वालीफाई न करने वाली सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है. यह फैसला आईसीसी बोर्ड की मीटिंग के बाद आया. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अनुरोध पर हुई यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई, जिसमें सभी सदस्य शामिल थे.
Advertisement
मुस्तफिज़ुर रहमान के KKR से निकाले जाने से भड़का है बांग्लादेश
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को मुस्तफिज़ुर रहमान को अपनी आईपीएल 2026 टीम से हटाने का निर्देश दिया था. इसके बाद बीसीबी ने आईसीसी से मांग की थी कि उसके मैच भारत के बजाय श्रीलंका में शिफ्ट कर दिए जाएं.
भारत में सुरक्षा का नहीं कोई खतरा: ICC
Advertisement
आईसीसी ने कहा है कि उसका फैसला सुरक्षा आकलन पर आधारित था, जिसमें स्वतंत्र समीक्षाएं भी शामिल थीं. इसमें. भारत में टूर्नामेंट के किसी भी वेन्यू पर बांग्लादेश के खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया या फैंस को कोई खतरा नहीं पाया गया.
आईसीसी प्रवक्ता ने बताया, "पिछले कई हफ्तों से आईसीसी ने बीसीबी के साथ लगातार बातचीत की है, जिसका स्पष्ट उद्देश्य बांग्लादेश की टूर्नामेंट में भागीदारी को सक्षम बनाना है. इस दौरान, आईसीसी ने विस्तृत जानकारी साझा की, जिसमें स्वतंत्र सुरक्षा आकलन, व्यापक वेन्यू-स्तरीय सुरक्षा योजनाएं और मेजबान अधिकारियों से औपचारिक आश्वासन शामिल हैं. सभी ने यह निष्कर्ष निकाला कि भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा के लिए कोई विश्वसनीय या सत्यापित खतरा नहीं है."
ICC ने खारिज की बांग्लादेश की मांग
Advertisement
बयान में आगे कहा गया, "इन प्रयासों के बावजूद, बीसीबी अपनी बात पर कायम रहा, और बार-बार टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी को अपने एक खिलाड़ी के घरेलू लीग में शामिल होने से जुड़ी एक अकेली, अलग और असंबंधित घटना से जोड़ता रहा. इस जुड़ाव का टूर्नामेंट के सुरक्षा ढांचे या आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी को नियंत्रित करने वाली शर्तों पर कोई असर नहीं पड़ता है."
आईसीसी ने साफतौर पर कहा है कि टूर्नामेंट के इतने करीब बदलाव संभव नहीं थे. आईसीसी के अनुसार, विश्वसनीय सुरक्षा जोखिम के बिना शेड्यूल में बदलाव भविष्य के आईसीसी इवेंट्स की निष्पक्षता को कमजोर करने वाली एक मिसाल कायम कर सकता है.
20 टीमें ले रही हैं T20 विश्वकप में भाग
Advertisement
यह भी पढ़ें
आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा, "आईसीसी के वेन्यू और शेड्यूलिंग के फैसले खतरे के आकलन, मेजबान की गारंटी और टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की तय शर्तों से तय होते हैं, जो सभी 20 हिस्सा लेने वाले देशों पर समान रूप से लागू होते हैं. किसी भी स्वतंत्र सुरक्षा रिपोर्ट के अभाव में जो बांग्लादेश टीम की सुरक्षा से समझौता करती हो, आईसीसी मुकाबलों के वेन्यू नहीं बदल सकते. ऐसा करने से दुनिया भर की दूसरी टीमों और फैंस के लिए लॉजिस्टिक्स और शेड्यूलिंग के बड़े नतीजे होंगे, और इससे दूरगामी मिसाल से जुड़ी चुनौतियां भी पैदा होंगी जो आईसीसी गवर्नेंस की निष्पक्षता, न्याय और अखंडता को कमजोर करने का जोखिम पैदा करेंगी."