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अश्विन के संन्यास पर पिता ने किया बड़ा खुलासा! बोले- 'उसे अपमानित किया जा रहा था, मैं भी इस फैसले से हैरान हूं'

रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के कुछ ही घंटे बाद अब उनके पिता का बयान सामने आया है। अश्विन के पिता ने सीएनएन 18 से बात करते हुए कहा कि "मुझे भी आखिरी समय में पता चला। संन्यास लेना उनकी इच्छा और चाहत है। मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता। अश्विन ने जिस तरीके से संन्यास लिया। इसके बारे में वही जान सकते हैं। लेकिन कहीं ना कहीं उन्हें अपमानित किया जा रहा था। उसकी बेइज्जती की गई।"

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 भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के फैसले को कोई भी पचा नहीं पा रहा है। हर कोई इस फैसले से हैरान और परेशान है। सभी के जुबान से सिर्फ यही बात निकाल कर सामने आ रही है कि अश्विन अभी भी 1 से 2 साल तक टीम इंडिया के लिए खेल सकते थे। लेकिन अचानक से ऐसा क्या हुआ कि अश्विन को संन्यास लेना पड़ा ? मीडिया जगत में अश्विन के फैंस से लेकर कई दिग्गज क्रिकेटरों की तरफ से तमाम तरह के अलग-अलग बयान सुनने को मिल रहे हैं। परिवार को भी नहीं पता था कि अश्विन इस तरह का फैसला लेने वाले हैं। लेकिन अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा कोई और नहीं बल्कि आर अश्विन के पिता ने किया है। 

उसे अपमानित किया जा रहा था - आर अश्विन के पिता 


रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के कुछ ही घंटे बाद अब उनके पिता का बयान सामने आया है। अश्विन के पिता ने सीएनएन 18 से बात करते हुए कहा कि "मुझे भी आखिरी समय में पता चला। संन्यास लेना उनकी इच्छा और चाहत है। मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता। अश्विन ने जिस तरीके से संन्यास लिया। इसके बारे में वही जान सकते हैं। लेकिन कहीं ना कहीं उन्हें अपमानित किया जा रहा था। उसकी बेइज्जती की गई। ऐसे कई और कारण भी हो सकते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि वह 14- 15 साल तक मैदान में रहा। अचानक से लिए इस फैसले ने मुझे भी हैरान कर दिया। इस संन्यास ने हमें एक प्रकार का झटका दिया है। वह अपमानित महसूस कर रहा था। आखिर वह कब तक इस चीज को बर्दाश्त करता। शायद इसी वजह से उसने यह फैसला लिया ? उसने जिस तरीके से रिटायरमेंट लिया उससे मैं खुश भी हूं और नहीं भी हूं।"

आर अश्विन पर नहीं जताया गया भरोसा ? 


आर अश्विन बीते एक दशक से टीम इंडिया के सबसे अनुभवी स्पिन गेंदबाज रहे। मौजूदा दौर में वह अच्छा परफॉर्मेंस दिखा रहे थे। वह गेंद और बल्ले दोनों से कमाल कर रहे थे। आप चाहे ऑलराउंडर की रैंकिंग देख ले या फिर गेंदबाजी रैंकिंग दोनों में ही आर अश्विन का नाम है। दुनिया के वह नंबर एक गेंदबाज भी रहे। लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें वह सम्मान नहीं मिला। जिसके वे हकदार थे। वन डे और T20 में वह काफी दिनों से बाहर चल रहे थे। लेकिन टेस्ट मुकाबले में उनकी जगह बनी हुई थी। उसके बावजूद भी कई टेस्ट सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। आर अश्विन का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन रहा है। लेकिन उसके बावजूद पिछले फाइनल में उन्हें बाहर रखा गया। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी ऐसा ही कुछ हुआ जब अश्विन को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखकर वाशिंगटन सुंदर को प्लेईंग 11 में मौका दिया गया। एडिलेड में उन्हें मौका दिया गया। लेकिन ब्रिस्बेन में उन्हें फिर से प्लेईंग 11 से बाहर कर दिया गया। अश्विन कहीं ना कहीं अंदर ही अंदर खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे। वह टेस्ट इतिहास के टॉप फाइव स्पिनरों की लिस्ट में आते हैं। वहीं पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने हाल ही में अश्विन को लेकर कहा था कि जब टेस्ट का नंबर एक बल्लेबाज प्लेइंग इलेवन में खेल सकता है। तो फिर नंबर एक गेंदबाज बेंच पर क्यों बैठता है ? अश्विन ने कई आईसीसी टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभाई।  

भारत लौटे आर अश्विन 


रिटायरमेंट की घोषणा के बाद आर अश्विन भारत लौट चुके हैं। प्रेस कांफ्रेंस के जरिए अपनी रिटायरमेंट का ऐलान करने के बाद उन्होंने ड्रेसिंग रूम में साथी खिलाड़ियों के संग केक काटा और सभी से गले मिलकर भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम को आखिरी पल में इंजॉय किया। भारत लौटते ही वह सीधे अपने परिवार से मिलने गए। 

भारत के दूसरे सबसे सफल स्पिनर 


रविचंद्रन अश्विन भारत के दूसरे सबसे सफल स्पिनर रहे। अनिल कुंबले के बाद सबसे ज्यादा विकेट उनके नाम रहा। 106 टेस्ट में 537, वनडे में 156 और टी20 के 65 मुकाबलों में 72 विकेट चटकाए। 

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