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कमेंटेटर्स की कमाई का आकाश चोपड़ा ने खोला राज़, रकम जानकर हो जायेंगे परेशान !
टीवी पर मैच देखते समय दर्शकों का ध्यान केवल खेल पर नहीं बल्कि कमेंट्री पर भी होता है, जो मैच को और भी मजेदार बनाती है, लेकिन जब बात कमाई की आती है तो शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि कमेंटेटर्स कितना कमा लेते हैं।
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क्या आपको पता है कि कमेंटेटर्स कितना कमा लेते हैं, या फिर आपने कभी सोचा हो ? दरअसल क्रिकेट मैचों में खिलाड़ियों के साथ-साथ कई अन्य लोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उनमें से एक अहम भूमिका होती है कमेंटेटर्स की। उनकी लाइव कमेंट्री मैच को और ज्यादा रोमांचक और दिलचस्प बना देती है। जब हम मैच देखते हैं, तो सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि कमेंटेटर्स की आवाज़ और उनका खेल विश्लेषण भी दर्शकों का ध्यान खींचता है। खासकर वे कमेंटेटर्स जो खुद क्रिकेटर रहे हैं, खेल की बारीकियों को समझते हैं और अपनी विशेषज्ञता से दर्शकों के लिए मैच का अनुभव और भी बेहतर बना देते हैं।अब सवाल आता है कि एक कमेंटेटर की कमाई कितनी होती है, जिसका जवाब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और अब मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने दिया है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ क्रिकेटर्स ही करोड़ो में नहीं कमाते बल्कि कमेंटेटर्स भी करोड़ों में कमाते हैं, और इसका खुलासा हाल ही में भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने किया है । उन्होंने बताया है कि कमेंटेटर्स की कमाई कितनी होती है, वो कितना मोटा रकम कमाते हैं।
एक इंटरव्यू के दौरान आकाश चोपड़ा से पूछा गया किसी कॉमेंटेटर को कितना पैसा मिल सकता है? और इस सवाल का जवाब देते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा ज्यादातर कमेंटेटर्स को एक मैच की फीस मिलती है, और इसमें 6 से 10 लाख रुपये हर दिन की कमाई हो सकती है। यानि कि देखा जाये तो इस लिहाज से अगर कोई कॉमेंटेटर 100 दिन भी कमेंट्री करता है तो वो उस दौरान 10 करोड़ रुपये तक कमा सकता है। और हो सकता है कई कमेंटेटर्स उससे ज्यादा भी कमाते हों ।
हालांकि ज्यादातर कमेंटेटर्स ऐसे होते हैं जिनका करियर क्रिकेट ही होता है, इसके अलावा कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्होंने कभी क्रिकेट खेला ही नहीं होता है। ऐसा जरूरी नहीं है कि हर कमेंटेटर क्रिकेट खेल चुका हो। कई बार आपको कमेंट्री बॉक्स में कुछ ऐसे लोग भी देखने और सुनने मिलते हैं, जिन्होंने कभी क्रिकेट नहीं खेला होता है, लेकिन उनके पास खेल की गहरी समझ होती है और वे अपनी कमेंट्री से दर्शकों को बांधने की क्षमता रखते हैं और दर्शकों के दिलों में खास जगह बना लेते हैं।
जिसका सबसे ताज़ा उदाहरण है टी20 वर्ल्ड कप 2024, टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में जब भारत के सूर्यकुमार यादव ने डेविड मिलर का कैच पकड़ा था, उस समय जतिन सप्रू की कमेंट्री ने उस पल को भारतीय फैंस के लिए और भी खास बना दिया था। उनका “लॉन्ग ऑफ” बोलने का अंदाज ऐसा था कि वह पल आज भी फैंस के लिए यादगार है।जबकि जतिन सप्रू ने कभी प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन उनकी कमेंट्री और खेल की समझ उन्हें एक बेहतरीन कमेंटेटर बनाती है।
अगर शार्ट में कमेंट्री के इतिहास की बात करें तो, इसका इतिहास भी बहुत पुराना है। पहले लोग रेडियो पर मैच की कमेंट्री सुनते थे और पूरे मैच की कल्पना सिर्फ कमेंट्री सुनते हुए करते थे। लेकिन बाद में टीवी के आने से यह अनुभव और भी बेहतर हो गया, और अब तो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए लोग कमेंट्री का लाइव आनंद उठा सकते हैं। चाहे रेडियो हो या टीवी, कमेंट्री ने हमेशा खेल की रोमांचकता को बढ़ाया है।कमेंट्री केवल खेल का हिस्सा नहीं है, यह खेल के प्रति प्रेम, समझ और जुनून का प्रतीक है। और इसी वजह से क्रिकेट कमेंटेटर्स की कमाई भी बहुत होती है।
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