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गुजरात टाइटंस की हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने पंजाब के इस खिलाड़ी की जमकर की तारीफ
जीटी के कप्तान शुभमन गिल ने मैच में जीटी के पिछड़ने के पीछे जीटी की पारी में पावरप्ले के तीन ओवर और अंत में तीन ओवरों को बड़ा कारण माना।
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पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) और गुजरात टाइटंस (जीटी) के बीच खेले गए आईपीएल 2025 के पांचवें मुकाबले में लीग के इतिहास में एक मैच में छठे सर्वाधिक रन बने। जीटी के कप्तान शुभमन गिल ने मैच में जीटी के पिछड़ने के पीछे जीटी की पारी में पावरप्ले के तीन ओवर और अंत में तीन ओवरों को बड़ा कारण माना।
244 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जीटी 12 रन पीछे रह गई। जीटी को अंतिम छह ओवर में 75 रनों की दरकार थी और उनके हाथ में आठ विकेट शेष थे। जॉस बटलर और शरफेन रदरफोर्ड बड़े हिट्स लगा रहे थे लेकिन इम्पैक्ट सब के तौर पर विजयकुमार वैशाख को लाना पंजाब के लिए कारगर सिद्ध हुआ। वैशाख ने 15वें और 17वें ओवर में मात्र कुल 10 रन ही दिए जबकि 16वें ओवर में मार्को यानसन ने भी कसी हुई गेंदबाजी की। अब अंतिम तीन ओवरों में जीटी को जीत के लिए 57 रनों की जरूरत थी।
गिल ने कहा, "बीच के तीन ओवरों में हम शायद 18 रन और पहले तीन ओवरों में हम ज्यादा रन (17 रन) नहीं बना पाए। तो मुझे लगता है इन छह ओवरों में जहां हम 30 से 40 रन ही बना पाए वो हमारी हार की वजह बना। इसके अलावा इस मैच से हमें कई सकारात्मक चीजें हासिल हुई हैं और हमारे लिए यह टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत है।"
जीटी ने गेंदबाजी के दौरान अंतिम आठ ओवरों में 135 रन लुटाए, जिसमें श्रेयस अय्यर और शशांक सिंह की मिलकर 28 गेंदों पर नाबाद 81 रनों की साझेदारी शामिल है। श्रेयस ने नाबाद 97 रन बनाए जबकि शशांक 16 गेंदों पर 44 रन बनाकर नाबाद रहे। मोहम्मद सिराज ने अंतिम ओवर में 23 रन दिए।
गिल ने कहा, "हम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में मौकों को भुना नहीं पाए। गेंदबाजी के दौरान अंतिम ओवर में काफी रन चले गए। लेकिन मुझे लगता है कि हमने फील्डिंग में भी खराब प्रदर्शन किया। कुछ कैच छूटे और मिसफील्ड भी हए। अगर आप 240-250 के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं तो यह हमेशा मुश्किल होता है।" गिल ने वैशाख की तारीफ की जिन्होंने 15वें ओवर से लगातार तीन ओवर डाले और 28 रन ही दिए। वह लगातार वाइड यॉर्कर करते रहे जिसका जवाब जीटी के पास नहीं था।
गिल ने कहा, "इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर आकर ऐसे यॉर्कर डालना कभी भी आसान नहीं रहता। 15 ओवर तक बेंच पर बैठे रहने के बाद वैसे यॉर्कर डालना काफी कठिन होता लेकिन मुझे लगता है कि इसके श्रेय उन्हें (पंजाब के गेंदबाजों को) जाता है जो उन्होंने इतनी सटीकता के साथ गेंदबाजी की।"
चार ओवर में 36 रन देकर दो विकेट चटकाने वाले अर्शदीप सिंह ने बताया कि वैशाख किस रणनीति के साथ गेंदबाजी करने आए थे।
अर्शदीप ने कहा, "रणनीति एकदम स्पष्ट थी कि उन्हें ऑफ साइड में खेलने के लिए मजबूर करना है। वहां मारना आसान नहीं होता, अगर वे इसमें सफल होते हैं तो उनकी तारीफ कीजिए और फिर एक यॉर्कर डालने के लिए तैयार हो जाइए। मैं उनके लिए काफी खुश हूं, वह काफी मेहनत कर रहे थे, अभ्यास के दौरान भी यॉर्कर डालने का प्रयास कर रहे थे और वह मैच में भी ऐसा करने में सफल रहे।"
अर्शदीप ने रनों की गति बरक़रार रखने और टीम के पक्ष में माहौल करने के लिए पंजाब के बल्लेबाज़ों की भी तारीफ़ की। "240-50-60 कोई पार स्कोर नहीं होता, इसलिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाने का प्रयास करना चाहिए और फिर उसे डिफेंड करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।"
Input: IANS
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