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19 साल की दिव्या देशमुख ने रच दिया इतिहास, अपने से दोगुनी उम्र की कोनेरू हंपी को पछाड़कर जीता Chess World Cup

जॉर्जिया के बातूमि में खेले गए FIDE वर्ल्ड कप 2025 में दिव्या देशमुख ने वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया.

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भारत की बेटी दिव्या देशमुख ने पूरे विश्व में भारत का परचम लहराया है. दरअसल जॉर्जिया के बातूमि में खेले गए FIDE वर्ल्ड कप 2025 में दिव्या देशमुख ने वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया. दिव्या और उनके साथ मुकाबला कर रहीं कोनेरू हंपी के बीच क्लासिकल मुक़ाबले ड्रॉ रहे. 27 July और 28 July को क्लासिकल मैच में ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी ने चेस की नई स्टार दिव्या देशमुख को बढ़त नहीं हासिल करने दी. क्लासिकल मैच 1-1 अंक की बराबरी पर रहा. 

हालांकि सोमवार को खेले गए रैपिड राउंड के पहले मुकाबले में नागपुर की स्टार शतरंज खिलाड़ी और विश्व रैंकिंग में 18वें स्थान पर काबिज दिव्या देशमुख ने सफेद मोहरों से खेल की शुरुआत की. उनका अंदाज़ आक्रामक था, लेकिन अनुभवी खिलाड़ी और वर्ल्ड नंबर 5 कोनेरू हंपी ने काले मोहरों से संतुलित खेल दिखाते हुए मुकाबले को ड्रॉ करवा लिया. इससे न केवल उन्होंने मुकाबला बचाया, बल्कि मानसिक बढ़त भी हासिल कर ली.
रैपिड राउंड के दूसरे गेम में दिव्या ने काले मोहरों से शुरुआत की और शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा. वहीं, जानकारों के मुताबिक हंपी इस राउंड में टाइम मैनेजमेंट को लेकर संघर्ष करती नज़र आईं. इसी दबाव में उन्होंने एक अहम चाल में चूक की और यही रणनीतिक ब्लंडर था जिसने गेम का रुख ही बदल दिया. चेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक दिव्या शानदार तैयारी के साथ आईं

चीन को पछाड़कर भारत बना चैंपियन
सबसे बड़ी बात यह रही कि कोनेरू हंपी और दिव्या देशमुख — दोनों भारतीय शतरंज खिलाड़ियों ने 'चाइनीज़ वॉल'  को तोड़ते हुए FIDE वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई. 38 वर्षीय अनुभवी हंपी और 19 वर्षीय युवा सितारा दिव्या ने इस नॉकआउट टूर्नामेंट में कई दिग्गज चीनी खिलाड़ियों को शिकस्त दी.
गौरतलब है कि महिला शतरंज में टॉप 100 रैंकिंग में चीन का दबदबा है — जहां चीन के 14 खिलाड़ी शामिल हैं, वहीं भारत के 9. इसके बावजूद, FIDE वर्ल्ड कप में कोनेरू और दिव्या ने चीन की मजबूत चुनौती को ध्वस्त कर भारत की धमक दुनिया को दिखा दी. यह प्रदर्शन न सिर्फ व्यक्तिगत जीत है, बल्कि भारतीय महिला शतरंज की ताकत का प्रतीक भी है.

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विजेता को बड़ा इनामी रकम
FIDE Women's World Cup 2025 फाइनल की विजेता दिव्या देशमुख को करीब 42 लाख रुपये और उपविजेता कोनेरू हंपी को 30 लाख रुपये की इनामी रकम मिलेगी. इसके अलावा ये खिलाड़ी बेहद प्रतिष्ठित ‘कैंडिडेट्स' टूर्नामेंट के लिए भी क्वालिफाई कर गई हैं. 

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वर्ल्ड रैंकिंग में 5वें स्थान पर मौजूद ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी न केवल ओलिंपियाड, एशियाई खेलों और एशियन चैंपियनशिप की गोल्ड मेडल विजेता हैं, बल्कि अपने अनुभव और कौशल का लोहा एक बार फिर FIDE वर्ल्ड कप में भी मनवाया. सेमीफाइनल में उन्होंने तीसरी वर्ल्ड रैंकिंग वाली चीन की लेई टिंगजी को 5-3 से हराया, जहां टाईब्रेक में उन्होंने निर्णायक जीत दर्ज की. इससे पहले क्वार्टरफाइनल में हंपी ने चीन की सॉन्ग युक्सिन (WR 36) को मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई.

नागपुर की 19 साल की 18वीं रैंकिंग वाली इंटरनेशनल मास्टर IM दिव्या देशमुख ने सेमीफाइनल में चीन की तान झोंगयी (चीन, WR 8) को 1.5-0.5 से हराया. इससे पहले क्वार्टरफाइनल में इस टीनेजर ने ग्रैंडमास्टर GM हरिका द्रोणावल्ली (भारत, WR 12) को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. दोनों के क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ रहे, लेकिन दिव्या ने टाईब्रेक में जीत हासिल की. प्री-क्वार्टरफाइनल में दिव्या ने झू जिनेर (चीन, WR 6) को 2.5-1.5 से हरा दिया.

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