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शराब, कॉन्सर्ट, क्लब नहीं… जेन जी को भा रही है भजन क्लबिंग, क्या है भक्ति का ये नया ट्रेंड? जिसको PM मोदी ने सराहा
जेन जी का हर तरीका जरा हटके है, तनाव फ्री लाइफ से ब्रेक लेने के लिए जेन जी आध्यात्म की ओर मुड़ने लगा है, लेकिन अंदाज ऐसा है कि PM मोदी भी तारीफ किए बिना नहीं रह पाए.
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पहले जब क्लब का जिक्र होता था तब एक तस्वीर सामने आती थी. कान फोड़ू म्यूजिक, हाथ में वाइन के ग्लास और झूमते लोग, लेकिन आज के दौर की यूथ ने क्लबिंग के मायने ही बदल दिए. जहां राम नारायण की गूंज है, भक्ति की धुन है, आध्यात्म की खोज का मॉर्डन अंदाज है, संगीत, बीट और आधुनिक टच से बना फ्लेवर ऑफ भजन है. जो किसी भी तरह से कॉन्सर्ट से कम नहीं है. भजन क्लबिंग जो युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है. भजन क्लबिंग के बढ़ते क्रेज को अब PM मोदी ने भी सराहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए भजन क्लबिंग का जिक्र किया. उन्होंने कहा, भजन और कीर्तन हमारी संस्कृति की आत्मा हैं. हम सभी ने बचपन में मंदिरों में भजन सुने हैं, कथाएं सुनी हैं और हर पीढ़ी ने भक्ति को अपने अंदाज में अपनाया है. अब नई पीढ़ी ने इसे और भी खास अंदाज में अपने जीवन और अनुभवों के साथ जोड़ दिया है.
यूथ ने आध्यात्म को दी नई दिशा
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PM मोदी ने कहा, आज की युवा पीढ़ी ने भक्ति को एक नई शैली दी है और इसके चलते एक नया चलन सामने आया है जिसे 'भजन क्लबिंग' कहा जा रहा है. यह जेन जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘आपने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो जरूर देखते होंगे. बड़े शहरों में युवा इकट्ठा होते हैं, मंच सजता है, रोशनी होती है, संगीत बजता है और माहौल किसी बड़े कॉन्सर्ट से कम नहीं लगता, लेकिन यहां जो गाया जाता है, वो भजन होता है और वो भी पूरे मन से, पूरी लगन से और पूरी तन्मयता के साथ.
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PM मोदी ने संस्कृति के साथ भक्ति के इस मॉर्डन अंदाज का स्वागत किया. उन्होंने कहा, इस नए चलन में भजन की गरिमा और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है. भक्ति को हल्के में नहीं लिया जाता, शब्दों और भाव दोनों की मर्यादा बनी रहती है. मंच चाहे आधुनिक हो, संगीत की प्रस्तुति अलग हो, लेकिन भावना वही रहती है. वहां एक तरह का आध्यात्मिक प्रवाह महसूस होता है, जो हर किसी को भीतर तक छू जाता है.
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PM मोदी ने कहा, यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि भजन क्लबिंग सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि संस्कृति और भक्ति का एक नया रूप पेश कर रहा है. युवाओं की इस कोशिश से साफ लगता है कि हमारी परंपराएं अब भी जीवित हैं और उन्हें नई पीढ़ी अपनी समझ और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ा रही है. PM मोदी ने कहा, भजन क्लबिंग जेन जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह न केवल संगीत और भक्ति का संगम है, बल्कि युवा संस्कृति का भी हिस्सा बनता जा रहा है.
क्या है भजन क्लबिंग?
आज के युवा नए अंदाज में पार्टी कर रहे हैं जहां गाने नहीं भजन चलते हैं. डीजे की जगह वाद्ययंत्रों ने ली है. पारंपरिक क्लबों में जहां तेज EDM बीट्स और शराब परोसी जाती है. उनकी जगह अब युवा अब भजनों की धुनों बीट में खोए हैं. आध्यात्म के साथ पॉजिटिव एनर्जी को जीने का जेन जी का ये नया अंदाज है. यानी पुरानी भजन-कीर्तन की परंपरा को यूथ ने नया रंग दे दिया है, इसी नई कला को भजन क्लबिंग कहा जाता है.
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जेन जी के लिए शराब और बार नहीं बल्कि आध्यात्म कूल ट्रेंड बन गया है. एक तबका जहां आज भी थक हारकर नाइट लाइफ में आनंद ले रहा है वहीं, जेन जी अपने अंदाज से धर्म को एंजॉय कर रहे हैं. आज की जेन जी भगवान को अपने नजरिए से देख रही है, समझ रही है. ये ही वजह है कि भजन क्लबिंग दिल्ली, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में अपनाया जा रहा है. यूथ यहां भजन क्लबिंग के जरिए तनाव से ब्रेक ले रही है.
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क्लब और नाइट पार्टी के लिए जहां दोस्त एक दूसरे से पूछते हैं कि साथ चलोगे क्या? भजन क्लबिंग में बच्चे मम्मी-पापा से पूछ रहे हैं साथ चलोगे क्या? जेन जी ने इसे न केवल अपनी जिंदगी में ढाल लिया बल्कि पुरानी सोच को भी बदल दिया. सोचने का तरीका बदल दिया.