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मुंबई के कोलाबा में रतन टाटा का शानदार घर : करोड़ों की कीमत, इनफिनिटी पूल से सन डेक तक, अब यहां कौन रह रहा है?
मुंबई के कोलाबा में रतन टाटा का आलीशान सी-फेसिंग घर लग्ज़री और सादगी का बेहतरीन मेल है. करोड़ों की कीमत वाला यह बंगला आधुनिक सुविधाओं से सजा है. उनका यह घर अब भी मुंबई के सबसे चर्चित और खूबसूरत प्रॉपर्टीज़ में से एक माना जाता है.
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रतन टाटा, भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों में से एक, अपनी सादगी के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. 9 अक्टूबर 2024 को 86 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है. मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित उनका आलीशान बंगला 'हलेकाई' (पहले 'बख्तावर' और 'कैबिन्स' के नाम से जाना जाता था) न सिर्फ उनकी सादगी का प्रतीक था, बल्कि लग्जरी का भी बेजोड़ नमूना. 13,350 वर्ग फीट में फैला यह तीन मंजिला बंगला समुद्र का मनमोहक नजारा देता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपये है.
लेकिन सवाल यह है कि रतन टाटा के जाने के बाद यह आलीशान घर अब किसके कब्जे में है? आइए, जानते हैं इसकी पूरी कहानी.
कोलाबा का सफेद बंगला
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मुंबई के पॉश इलाके कोलाबा में स्थित यह बंगला रतन टाटा के जीवन के आखिरी सालों का साथी था. बाहर से पूरी तरह सफेद रंग का यह घर सादगी भरा लगता है, लेकिन अंदर से यह किसी राजमहल से कम नहीं. 13,350 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला यह तीन मंजिला बंगला टाटा संस के हेडक्वार्टर बॉम्बे हाउस से महज 20 मिनट की दूरी पर है. रतन टाटा ने यहां अपने कुत्तों के साथ शांतिपूर्ण जीवन बिताया, जहां उनका बेडरूम भी बेहद सादा था. यह घर न सिर्फ उनका निवास था, बल्कि उनकी परोपकारी सोच का भी प्रतिबिंब. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि रतन टाटा ने अपनी अधिकांश संपत्ति दान कर दी थी, लेकिन यह बंगला उनकी सादगी और लग्जरी का मिश्रण दर्शाता है.
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घर की लग्जरी सुविधाएं
यह बंगला बाहर से विंटेज लगता है, लेकिन अंदर की दुनिया बेहद आधुनिक है, मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं :
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- इनफिनिटी पूल : समुद्र की लहरों के साथ तालमेल में बना यह पूल शाम की चाय के लिए परफेक्ट स्पॉट था.
- प्राइवेट जिम और लाइब्रेरी : रतन टाटा की फिटनेस और पढ़ने की आदत को ध्यान में रखकर बनाई गई.
- मीडिया रूम और प्लेरूम : मनोरंजन के लिए खास, जहां वे अकेले समय बिताते.
- 15 कारों की पार्किंग : बेसमेंट में लग्जरी कारों का कलेक्शन रखने की जगह.
- सी-व्यू सन डेक : 50 लोगों के बैठने लायक, जहां से अरब सागर का नजारा लुभाता है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, घर का इंटीरियर पीसफुल और शानदार रेलिंग वाली सीढ़ियों से सजा है. रतन टाटा की सादगी यहां भी झलकती थी – कोई फिजूलखर्ची नहीं, बस जरूरत और आराम.
करोड़ों की कीमत
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में कोलाबा जैसे इलाके की कीमत आसमान छूती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बंगले की अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपये है. कुछ स्रोतों में इसे 140 करोड़ के आसपास बताया गया, लेकिन ज्यादातर 150 करोड़ पर सहमत हैं. यह कीमत घर के 13,350 वर्ग फीट क्षेत्र, लोकेशन और लग्जरी सुविधाओं को देखते हुए सही लगती है. हालांकि, रतन टाटा की कुल संपत्ति 7,900 करोड़ आंकी गई थी, जिसमें टाटा संस की 0.83% हिस्सेदारी शामिल थी. लेकिन यह घर व्यक्तिगत संपत्ति का हिस्सा था, जो उनकी सादगी के बावजूद करोड़ों का था.
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अब कौन रह रहा है यहां?
रतन टाटा के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा – यह आलीशान बंगला अब किसका होगा? रिपोर्ट्स के अनुसार, 'हलेकाई' बंगले का स्वामित्व पूरी तरह से ईवार्ट इन्वेस्टमेंट्स के पास है, जो टाटा संस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. वर्तमान में कोई व्यक्ति यहां नहीं रह रहा; यह संपत्ति टाटा ग्रुप के नियंत्रण में है. रतन टाटा की वसीयत में संपत्ति के बंटवारे का जिक्र है, लेकिन घर को ग्रुप ने अपने पास रखा है. पूर्व टाटा चेयरमैनों के अन्य बंगले भी निधन के बाद खाली पड़े रहे हैं. फिलहाल, यह बंगला टाटा ग्रुप की विरासत का हिस्सा बना हुआ है, और भविष्य में इसका इस्तेमाल संभवत: ग्रुप के किसी वरिष्ठ अधिकारी या संरक्षण के लिए हो सकता है.
रतन टाटा की विरासत
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रतन टाटा का यह घर उनकी जिंदगी की तरह था - आलीशान लेकिन सादा. उन्होंने अपनी आधी से ज्यादा संपत्ति दान कर दी, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण शामिल हैं. वसीयत में सौतेली बहनें शिरीन और डायना जेजीभॉय, वकील दारायस खंबाटा और दोस्त मेहली मिस्त्री को जिम्मेदारी सौंपी गई. लेकिन 'हलेकाई' जैसे घर टाटा ग्रुप की अमानत बने रहेंगे. उनकी यादें यहां हमेशा जीवित रहेंगी. अगर आप मुंबई घूमने जाएं, तो कोलाबा से गुजरते हुए इस सफेद बंगले को निहारना न भूलें – यह सादगी की मिसाल है.