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'17 साल में JEE, 20 में IIT, 21 की उम्र में UPSC….', गायकी के लिए IAS की कुर्सी छोड़ देने वाले कशिश मित्तल कैसे बने यूथ सेंसेशन?

महज 21 साल की उम्र में IAS बने, IIT दिल्ली से B Tech, Microsoft में जॉब और फिर AI स्टार्टअप के फाउंडर. कशिश मित्तल बचपन से ही प्रतिभा के धनी थे. हर फ़ील्ड में कामयाबी हासिल की लेकिन ये कामयाबी सिर्फ़ दुनिया के लिए थी. कशिश मित्तल के लिए उनकी असली कामयाबी उनके सुर और ताल थे. फिर क्या था! सब कुछ छोड़कर Kashish Mittal ने अपने बचपन के पैशन और टैलेंट को ही सब कुछ मान लिया. उनकी आवाज़ का जादू लोगों पर सिर चढ़ कर बोल रहा है.

Image: Kashish Mittal (File Photo)
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वो भी अपने ना हुए दिल भी गया हाथों सेइन्हीं शब्दों से सजी गाने की ये रील इन दिनों सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रही है. ये लाइनें गुनगुना रहे शख़्स कोई सिंगर नहीं, बल्कि वो शख़्स हैं जिन्होंने अपनी कामयाबी की कहानी खुद लिखी. पारस पत्थर की तरह जो भी फ़ील्ड चुना उसमें सफलता हासिल की. लेकिन इसके बावजूद पैशन नहीं छोड़ा. दिल की आवाज़ सुनी और बन गए Youth के बीच नए सेंसेशन. एक IAS, एक IITIAN और अब एक सिंगरये कहानी है कशिश मित्तल की.

महज 21 साल की उम्र में IAS बने, IIT दिल्ली से B.Tech, Microsoft में जॉब और फिर AI स्टार्टअप के फाउंडर

कशिश मित्तल बचपन से ही प्रतिभा के धनी थे, हर फ़ील्ड में कामयाबी हासिल की लेकिन ये कामयाबी सिर्फ़ दुनिया के लिए थी. कशिश मित्तल के लिए उनकी असली कामयाबी उनके सुर और ताल थे. फिर क्या था सब कुछ छोड़कर उन्होंने अपने बचपन के पैशन और टैलेंट को ही सब कुछ मान लिया. उनकी आवाज़ का जादू लोगों पर सिर चढ़ कर बोल रहा है. लोग बार-बार उनकी रील देख रहे हैं और उनका गाये गाने को गुनगुना रहे हैं.

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ये वीडियो एक पार्टी का है जब कशिश मित्तल दोस्तों के साथ उनके घर पर उस्ताद नुसरत फतेह अली खान के गाए गाने की लाइनें गुनगुना रहे थे. वहां मौजूद उनके दोस्तों ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, उस वक्त कशिश ने भी नहीं सोचा होगा कि कैजुअल पार्टी में गाया उनका गाना इतना पॉपुलर हो जाएगा.

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उनकी इस रील ने केवल एक टैलेंटेड शख्स के बारे में बताया बल्कि उनकी कहानी को भी सबके सामने ला दिया. वो कहानी जो मिसाल बन गई. पंजाब के जालंधर में साल 1989 में जन्में कशिश मित्तल के परिवार में शुरू से ही पढ़ाई लिखाई का माहौल था.

“पिता IPS ऑफिसर थे और मां टीचर थी लेकिन कशिश ने छोटे भाई लवीश मित्तल के साथ महज 8 साल की उम्र में ही शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू कर दिया था, पंडित यशपाल से आगरा घराने की खयाल गायकी की बारिकियां सीखीं, पहली बार 11 साल की उम्र में पंजाब के हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में परफॉर्म कियायहीं से कशिश मित्तल ने गायकी को अपने जीवन का हिस्सा मान लिया.” मित्तल पढ़ाई में भी काफी तेज थे.12वीं बाद उन्होंने JEE की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल की, 2010 में उन्होंने IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में B.Tech पूरा किया. IIT के बाद कशिश ने UPSC की तैयारी की और 2011 में सिर्फ 21 साल की उम्र में उन्होंने UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल की

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IAS बनने के बाद उन्‍हें AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-यूनियन टेरिटरी) कैडर का IAS अधिकारी बनाया गया. अपने करियर में उन्होंने चंडीगढ़ में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर, तवांग में डिप्टी कमिश्नर और नीति आयोग में एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी जैसे पदों पर काम किया. 9 साल सिविल सर्विसेज में सेवा देने के बाद उन्होंने अचानक इस्तीफ़ा दे दिया. इसके बाद उन्होंने टेक जगत की ओर रुख़ किया. IAS की नौकरी छोड़ने के बाद कशिश ने टेक की दुनिया में कदम रखा.

2020 में वह माइक्रोसॉफ्ट में प्रिंसिपल रिसर्च प्रोग्राम मैनेजर के तौर पर शामिल हुए. यहां उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च में AI फॉर सोसाइटी इंपैक्ट जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया. लेकिन पांच साल बाद माइक्रोसॉफ़्ट से भी इस्तीफ़ा दे दिया. इसके बाद कशिश मित्तल ने बेंगलुरु में अपना AI स्टार्टअप Disha AI शुरू किया, इसके साथ साथ कशिश म्यूज़िक के लिए भी अपने पैशन पर काम कर रहे हैं. वह कई सिंगिंग फ़ेस्टिवल में परफ़ॉर्म कर चुके हैं. वो कई लीडिंग म्यूज़िक फ़ेस्टिवल का हिस्सा भी रहे हैं और कई बड़े क्लासिकल गायकों के साथ मंच भी शेयर किया है.

इतना ही नहीं, वह All india Radio और दूरदर्शन के रेगुलर कलाकार भी हैं, उनकी गायकी को हर कहीं सराहा गया है. उनकी गायकी में गहराई और इमोशनल अटैचमेंट है. जो दिल को छू जाता है. लोगों ने तो उनसे ये तक पूछ लिया कि कौन है वो जिन्होंने आपका दिल तोड़ा है, ये आवाज़ तो टूटे दिल की ही होती है. इसका जवाब देते हुए कशिश ने कहा था कि, I am Born to be A singer but forced to be a DM, यानी मैं तो पैदा ही सिंगर बनने के लिए हुआ था लेकिन जबरदस्ती DM बना दिया गया. उनकी आवाज़ की खूब तारीफ़ हो रही है लेकिन कुछ ऐसे भी लोग थे जिन्होंने कशिश को ट्रोल भी किया. लोगों का कहना था कि, जब अपना पैशन ही फ़ॉलो करना था तो पहले कर लेते UPSC की एक सीट भी क्यों खराब की. कशिश ने एक इंटरव्यू में ट्रोलिंग का ज़िक्र किया, साथ ही इसका जवाब भी दिया, उनका कहना था कि, जब मैंने पढ़ाई की तो शिद्दत से की, नौकरी की तो दिल लगाकर की, अब जो कर रहा हूं वो भी पूरी ईमानदारी से कर रहा हूं. ज़िंदगी एक ही बार मिलती है उसे अपनी तरह से जीना चाहिए.

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इंटरव्यू में कशिश ने ये भी बताया कि,

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ट्रोलिंग से इतर कशिश मित्तल ने उस ढांचे को तोड़ा है जिसे दुनिया कामयाबी कहती है. सफलता का मतलब केवल सफल होना नहीं बल्कि अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत रखना भी है. कशिश मित्तल उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो प्रेशर में आकर या डर से अपने सपने पूरे करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते. कशिश ने ये भी समझाया कि पैशन फ़ॉलो करने या उसे जीने की कोई उम्र नहीं होती. बहरहाल कशिश अपने पैशन, अपनी गायकी की दुनिया में ऐसे ही आगे बढ़े, अपने सपनों को बखूबी जीते रहें, साथ ही और लोगों को भी प्रेरित करते रहें ऐसी हमारी शुभकामनाएं हैं.

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