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खून के आंसू रो रहा आसिम मुनीर...बागी हुआ वो PAK फौज का मुखौटा, जिसने कुलभूषण जाधव को किया था अगवा, जानें कौन

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मलांगी इलाके में बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है. PFF इस हमले में 16 पाकिस्तानी सैनकिों सहित 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. ये पीपल्स फाइटर्स फ्रंट वही ISI का मुखौटा आतंकी संगठन है, जिसने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को अगवा किया था.

Kulbhushan Jadhav Meeting with Family / Asim Munir (File Photo)
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कहते हैं कि सांप को आप दूध पिलाएंगे तो वो एक ना एक दिन आपको डसेगा जरूर. ऐसा नहीं हो सकता कि आपका पाला सांप सिर्फ आपके दुश्मनों को काटेगा, आपको नहीं. यही कुछ पाकिस्तान के साथ हो रहा है. उसने भारत को घाव देने, खून बहाने के लिए लंबे समय तक अब तक आतंकियों को पाला, आतंकवाद को देश की पॉलिसी के तौर पर इस्तेमाल किया, वो आज खून के आंसू रो रहा है. वो अपनी नाकामी छुपाने के लिए भारत पर आरोप लगा रहा है. हालांकि उसकी बात पर कोई विश्वास नहीं कर रहा है. इसी बीच पाकिस्तान के बलूचिस्तान सहित KPK में भारी हिंसा, हमले और आतंक की लहर देखी जा रही है. BLA के हमले के अलावा PFF ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 16 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है.

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी फौज की नींद उड़ाने वाला ये संगठन वही है जो कभी ISI के इशारे पर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को किडनैप कर अपने आकाओं, पाक फौज के हवाले कर दिया था. PFF का फुल फॉर्म है पीपल्स फाइटर्स फ्रंट. दरअसल, पाकिस्तान के खैबर फख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले के ममूंद (मलांगी) इलाके में तैनात 172वें विंग बाजौर इस्काउट्स पर सोमवार को बड़ा आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 16 पाकिस्तानी सैनकिों और चार आम लोगों की मौत हो गई.

रिपोर्ट के मुताबिक यह आतंकी संगठन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का मुखौटा जैश अल-अदल का ही एक नया चेहरा है. इसकी स्थापना वैसे ही हुई थी जैसे जैश और लश्कर का नया फ्रंट भारत के कश्मीर में TRF है. सूत्रों के अनुसार यह वही आतंकी संगठन है, जिसने 2016 में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को ईरान से अगवा किया था. बाद में आंतरिक खटपट, मांगें-खाद-पानी में दिक्कतों की वजह से ये बागी की तरह व्यवहार कर रहे हैं और मुनीर की नाक में दम किए हुए हैं.

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क्या है PFF, जिसने मुनीर की नाक में किया दम?

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आपको बता दें कि KPK में इस भीषम हमले की जिम्मेदारी PFF ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर ली है. PFF ने कहा है कि यह ईरानी सेना के वाहनों पर आईईडी हमलों का हिस्सा है. खुफिया सूत्रों की मानें तो PFF जैश अल-अदल का ही छद्म नाम है. जैश अल-अदल एक सुन्नी चरमपंथी गुट है, जो ईरानी पोस्ट्स, पोर्ट और सुरक्षाबलों पर हमलों को अंजाम देता आया है. कहा जाता है कि जैश अल-अदल ने ही 2016 में ईरान के चाबहार बंदरगाह से कुलभूषण जाधव को अगवा किया और फिर ट्रेड ऑफ करके पाकिस्तानी ISI को सौंप दिया.

कुलभूषण जाधव की किडनैपिंग में क्या रोल?

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भारत में लगातार आतंकवादी हमले करवाने के आरोपों से दुनिया का ध्यान बंटाने और बलूचिस्तान सहित अन्य इलाकों में हमलों का दोष भारत पर डालने के लिए पाकिस्तान को एक मोहरा चाहिए था. इसलिए उसने ये साजिश रची और उन पर जासूसी के झूठे आरोप लगाए और मौत की सजा सुना दी. अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने पाकिस्तान को फटकार लगाई और फांसी देने पर रोक लगा दी. कुलभूषण जाधव आज भी पाकिस्तान की अवैध हिरासत में हैं.

दूसरी तरफ बलूचिस्तान में बीएलए ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के सिक्योरिटी फोर्स के सात सदस्यों को हिरासत में ले लिया है. बीएलए ने यह भी दावा किया है कि उसने पाकिस्तान सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है. 

BLA की पाकिस्तान को चेतावनी

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बलूच आर्मी ने पाकिस्तान सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि, इन सात दिनों में अगर पाकिस्तान सरकार उनके साथ बातचीत नहीं करती तो फिर अगवा किए गए सैनिकों को फांसी दी जा सकती है. बीएलए की ओर से ये चेतावनी एक वीडियो जारी करके दी गई है, जिसमें कहा गया है कि डेडलाइन खत्म होने में छह दिन ही बाकी हैं. अगर तय समय सीमा के अंदर पाकिस्तान सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती तो फिर कैदियों के साथ बुरा हश्र होगा.

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