मां स्कंदमाता की पूजा से संतान सुख की प्राप्ति होती है और शत्रुओं का नाश होता है. सूर्यमंडल की पालनहार होने के कारण इनकी उपासना करने वाला भक्त तेजस्वी और आकर्षक बनता है. शास्त्रों में इनकी महिमा का वर्णन है कि इनकी भक्ति से भवसागर पार करना सरल हो जाता है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
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धर्म ज्ञान22 Mar, 202604:09 PMChaitra Navratri 5th Day: मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान प्राप्ति के बनते हैं योग, जानें क्या करने से बरसेगी माता रानी की कृपा
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धर्म ज्ञान21 Mar, 202601:21 PMChaitra Navratri 2026 Day 4: मां कुष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम, जानें पूजा विधि और भोग
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है. अगर आप भी देवी की कृपा पाना चाहते हैं, तो ये काम जरुर करें.
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धर्म ज्ञान21 Mar, 202608:00 AMनवरात्रि के तीसरे दिन गणगौर व्रत और पूजा का महत्व एवं शुभ-अशुभ समय
नवरात्र के तीसरे दिन सूर्योदय 6 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 33 मिनट पर होगा. शुक्ल तृतीया रात 11 बजकर 56 मिनट तक है. नक्षत्र अश्विनी 21 को पूरे दिन और 22 मार्च की देर रात 12 बजकर 37 मिनट तक है. योग इन्द्र शाम 7 बजकर 1 मिनट तक, करण तैतिल दोपहर 1 बजकर 14 मिनट तक है.
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धर्म ज्ञान17 Mar, 202608:00 AMमासिक शिवरात्रि 17 मार्च 2026: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय
17 मार्च को सूर्योदय 6 बजकर 29 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 30 मिनट पर होगा.तिथि की बात करें तो कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगी.
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धर्म ज्ञान15 Mar, 202608:00 AMपापमोचनी एकादशी 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, द्विपुष्कर योग और पूजा का महत्व
15 मार्च को राहुकाल शाम 5 बजे से 6 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. यमगंड दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 2 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से 5 बजे तक और दुर्मुहूर्त शाम 4 बजकर 54 मिनट से 5 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. इन समय में शुभ या नया कार्य वर्जित होता है.
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धर्म ज्ञान13 Mar, 202604:34 PMचैत्र नवरात्रि स्पेशल: यहां तीन प्रहर होती है मां के तीन शक्तिशाली रूपों की पूजा, चर्म रोग से लेकर मानसिक रोगों से मिलती है मुक्ति
केरल के एर्नाकुलम जिले में कोच्चि के पास लगभग 100 साल पुराना मंदिर चोट्टानिक्करा भगवती मंदिर है, जहां आज भी मां के चमत्कारों की गूंज सुनाई देती है. चोट्टानिक्करा भगवती को चर्म रोग की देवी माना जाता है, जो भक्तों को चर्म रोग से निदान दिलाने का आशीर्वाद देती है. मंदिर की खास बात है मंदिर की पूजा विधि. मंदिर में मां के दिन रूपों की पूजा की जाती है, जो हर प्रहर के बाद बदल जाती है.
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धर्म ज्ञान02 Mar, 202606:21 AMहोलिका दहन 2 या 3 मार्च? जाने शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व
गों की होली से पहले होलिका दहन की परंपरा सदियों से चली आई है. होलिका दहन को पवित्र माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि सारी नकारात्मक ऊर्जा और शारीरिक रोग भी होलिका में दहन हो जाते हैं. होलिका दहन को सुख और समृद्धि का त्योहार माना जाता है.
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न्यूज02 Mar, 202603:59 AMकाशी विश्वनाथ धाम में पूजा के लिए पहुंचे थे CM योगी, दिखा दिलचस्प नजारा, बच्चे ने कहा Happy Holi बाबा जी, फिर जो हुआ...
सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ धाम में पूजन-अर्चना की. उन्होंने इस दौरान ‘काशी के कोतवाल’ काल भैरव के चरणों में भी शीश झुकाया. यहां एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब बच्चे ने सीएम को हैप्पी होली बाबा जी कहा, जिस पर उन्होंने भी होली की शुभकामनाएं दीं.
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धर्म ज्ञान27 Feb, 202602:30 AMचंद्र ग्रहण 2026: होली पर लग रहा सूतक काल, बदल गई तारीख, जानें टाइमिंग और सावधानियां
ग्रहण का सूतक काल लगभग 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा. सूतक काल के दौरान सभी मंगलकारी कार्य वर्जित हो जाते हैं और मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाएंगे.
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धर्म ज्ञान21 Feb, 202602:45 AMजागेश्वर मंदिर: जहां से शुरू हुई शिवलिंग पूजा की परंपरा और छिपा है 2500 साल पुराना रहस्य
मंदिर तकरीबन 2500 से ज्यादा पुराना है, और मंदिरों के पत्थरों, पत्थर की मूर्तियों और वेदों पर नक्काशी मंदिर का मुख्य आकर्षण है. मंदिर को सख्त काले चट्टान वाले पत्थर से बनाया गया है, और यही कारण है कि मंदिर आज भी मजबूती से टिका है.
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धर्म ज्ञान16 Feb, 202608:23 AMSurya Grahn 2026: अमावस्या के दिन लगेगा ग्रहण, पूजा-पाठ करें या नहीं? जानें सूतक का नियम और समय
Surya Grahn 2026: 17 फरवरी 2026 का यह वलयाकार सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक रूप से बहुत खास है, खासकर अंटार्कटिका और दक्षिणी देशों के लिए. लेकिन भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां न तो सूतक लगेगा और न ही किसी तरह का धार्मिक प्रतिबंध रहेगा. लोग सामान्य दिन की तरह अपने काम कर सकते हैं.
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न्यूज23 Jan, 202602:35 PMभोजशाला में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: नमाज और सरस्वती पूजा साथ-साथ, 8 हजार जवान रहे तैनात
22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला में नमाज और सरस्वती पूजा दोनों की इजाजत दी थी. इस फैसले के बाद बंसत पंचमी और जुमे की नमाज सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई.
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धर्म ज्ञान22 Jan, 202602:00 PMBasant Panchami 2026: नोट कर लें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त, ये उपाय कर बरसेगी मां सरस्वती की कृपा
बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक होने के साथ ही यह श्री पंचमी या सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन श्रद्धालु अज्ञानता, आलस्य और सुस्ती से मुक्ति पाने के लिए मां सरस्वती की उपासना करते हैं.