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क्या वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल से छिन जाएंगे मुसलमानों के मस्जिद-मदरसे ? वायरल वीडियो पर भड़के JPC के सदस्य!

वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल पर मुसलमानों को भड़काने का काम तेज़ी से शुरू हो गया है एक तरफ़ ज़ाकिर नाइक मलेशिया में बैठकर वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल पर भड़काऊ बयानबाज़ी कर रहा है तो दूसरी तरफ़ एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमें मुसलमानों से वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल का विरोध करने का ऐलान किया जा रहा है

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अचानक एक ख़बर तेज़ी से फैल रही है कि देशभर में मुसलमानों से उनकी सारी मस्जिदें छीनी जाएंगी। गली गली लाउडस्पीकर लेकर बक़ायदा मौलाना ऐलान लगा रहे हैं। मुसलमानों के कानों तक चिल्ला चिल्लाकर ये ख़बर पहुंचा रहे हैं। और इन खबरों की आग में घी डालने का काम कर रहे हैं विदेश में छुपकर बैठे कट्टरपंथियों के मसीहा ज़ाकिर नाईद। जो वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल पर जमकर ज़हर उगल रहे हैं। और भारत में मुसलमानों से अपील की जा रही है कि किसी भी तरह वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल को पास नहीं होने दिया जाए। अगर ऐसा हुआ तो मुसलमानों से उनकी मस्जिद, मदरसे क़ब्रिस्तान। और तो और वक़्फ़ बोर्ड की सारी संपत्ति छीन ली जाएगी। खैर जैसे ही ये भड़काऊ अफ़वाहें फैली JPC के सदस्य और बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने मोर्चा संभाला। निशिकांत दूबे ने तंज कसते हुए तुरंत ट्वीटर पर लिखा 

"वक़्फ़ संशोधन विधेयक संसद की संयुक्त समिति के पास विचाराधीन है ।मैं ख़ुद इसका सदस्य हूं,यह वीडियो देखकर मन विचलित है।पूरे बिल को कम से कम 100 बार पढ़ चुका, इस बिल की कौन सी धारा में मस्जिद,क़ब्रिस्तान ,दरगाह,मदरसा पर सरकार क़ब्ज़ा करने का क़ानून ला रही है? झूठ की बुनियाद, वोट बैंक की राजनीति व मोदी विरोध की अंधी राजनीति ने देश के एक वर्ग विशेष के मन में लगातार नफ़रत पैदा करने की कोशिश की है।काश वक़्फ़ जिसकी बुनियाद पैगंबर मोहम्मद साहब ने ग़रीबों के लिए रखी, वक़्फ़ की पहली कमिटी ग़ैर मुस्लिम ने बनाई,उनके आदेश पर मुस्लिम समाज गरीब मुसलमानों के हित में सोचकर कमिटि को बताता"

तो निशिकांत दुबे ने मुसलमानों में झूठी अफवाह फैलाने वालों को तगड़ा जवाब देते हुए तमाचा मारने का काम किया है। आईना दिखाते हुए साफ़ साफ़ कहा है कि वो ख़ुद वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल पर चर्चा के लिए JPC के सदस्य है। कई बार उन्होंने ड्राफ़्ट पढ़ा है लेकिन कहीं से कहीं तक भी वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल में मस्जिद मदरसे कब्रिस्तान छीनने का प्रावधान नहीं है। लेकिन मौलानाओं के ज़रिए लाउडस्पीकर पर इस तरह का ऐलान लोगों को विचलित करने वाला है। मुसलमानों के बीच भ्रम फैलाने वाला है। ताकी देश में बवाल शुरू हो। दंगे भड़कें। इसी का नतीजा है कि मौक़े देखते ही भगोड़े ज़ाकिर नाइक ने भी भारत में मुसलमानों के बीच आग में घी डालने का काम शुरू कर दिया है। ज़ाकिर नाक की तरफ़ से बयान देते हुए कहा गया है कि

"अगर हम वक़्फ़ बोर्ड संशोधन विधेयक को पारित होने देते हैं। तो हम अल्लाह के क्रोध और आने वाली पीढ़ियों की अभिशाप को सहन करेंगे। भारत में कम से कम 50 लाख मुसलमानों को वक़्फ़ संशोधन विधेयक  की अस्वीकृति को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजना चाहिए आइए वक़्फ़ की पवित्रता की रक्षा के लिए एक साथ खड़े हों और भावी पीढ़ियों के लिए इसका संरक्षण सुनिश्चित करें"।

भड़काऊ ज़ाकिर नईक का ख़ुद का ठिकाना नहीं है। भारत में दख़लअंदाज़ी कर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रहा है।जल्द मोदी सरकार इसपर भी लगाम लगाएगी। खैर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वो वीडियो भी दिखाते हैं। जिसमें कुछ मौलाना माइक लगाकर हाथों में स्पीकर उठाकर ऐलान कर रहे हैं कि अपने फ़ोन के ज़रिए से इस बिल के ख़िलाफ़ राय पेश करें। याद रखे यदि बिल पास हो गया तो हमारी मस्जिदें छिन जाएंगी मज़ारें छिन जाएंगी, क़ब्रिस्तान छिन जाएंगे।13 तारीख़ तक का वक़्त है ईमेल के ज़रिए जेपीसी को अपनी राय पेश करें।

JPC ने किससे राय मांगी है। ये तो मालूम नहीं। लेकिन मौलानाओं को बिना ड्राफ्ट पढ़े। बिना किसी कागज को देखे पहले पता चल गया है क्या होगा। रायशूमारी 13 तारीख़ तक ऐसे माँग रहे हैं। जैसे ना जाने कितना बढ़ा खेल होने वाला । खैर इस तरह के वीडियो पर अब मोदी सरकार भी लगाम लगाने के लिए तैयार हो गई है। क्योंकि झूठी अफ़वाहें फैला कर मोदी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये बात निशिकांत दूबे साफ़ शब्दों में कह चुके हैं।
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