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वीडियो कॉल नहीं हो पाई तो बीमार एकनाथ शिंदे से मिलने पहुंच गए बीजेपी नेता, क्या महायुति में बन गई बात ?

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन से पहले सियासी उठापटक शुरू हो गई है. शिंदे नाराज बताए जा रहे हैं तो देवेंद्र फडणवीस और उनके नेता उन्होंने मनाने की कवायद में जुट गए हैं, खबर है कि देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे से फोन पर बातचीत की है और फडणवीस के करीबी नेता ने शिंदे से मुलाकात की

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महाराष्ट्र में महायुति चुनाव तो जीत गई। लेकिन ये जीत गले की फांस बनती हुई दिखाई दे रही है। क्योंकि मुख्यमंत्री और मंत्री पद के लिए खींचतान चल रही है। ख़बरें आ रही है कि इस बार शिंदे का सीएम पद से पत्ता कट रहा है। फडणवीस बाजी मार सकते हैं. और 5 दिसंबर को तस्वीर साफ होने वाली है। क्योंकि 3 नेता उस दिन शपथ लेंगे। जिसमें खबर है दो डिप्टी सीएम और सीएम हो सकते हैं। और नया मुख्यमंत्री निकलकर बाहर आ सकता है। जैसे ही इन ख़बरों ने ज़ोर पकड़ा। वैसे ही शिंदे ने खेल करना शुरू कर दिया है। बागी बनकर ख़ुद को बीमार बताकर गांव पहुंच गए। और फिर वहां से जो ज़ोर लगाया। महाराष्ट्र में उठापटक मच गई..बीजेपी नेता भागे भागे शिंदे को मनाने के लिए उनके गाँव ही पहुँच गए। जिससे सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी शिंदे को मनाने की कोशिश कर रही है। क्या बीजेपी नेता शिंदे के आगे गिड़गिड़ा रहे हैं।द


देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे से फ़ोन पर बातचीत की है। फडणवीस के करीबी नेता गिरीश महाजन ने गांव पहुंचकर शिंदे से मुलाक़ात की

हालाँकि इस मुलाक़ात में गिरीश महाजन-शिंदे की क्या बात हुई उन्होंने ये तो नहीं बताया। लेकिन ये जरूर कहा कि वे यहां राजनीति पर चर्चा करने नहीं आए थे। उनके यहां आने का मकसद एकनाथ शिंदे का हालचाल जानना था। लेकिन जाते जाते ये इशारा जरूर दे गए कि महायुति गठबंधन में हम सभी एक साथ हैं और एकनाथ शिंदे शपथग्रहण समारोह में मौजूद रहेंगे। यानी की शिंदे को पूरजोर तरीके से मनाने की कोशिश हो रही है। वैसे भी नाराज़गी कर शिंदे बीजेपी से अलग जाएँगे। तो अपना तो नुक़सान करवाएंगे। लेकिन अभी पद के लिए दवाब वाली पॉलिटिक्स कर रहे हैं।लेकिन बीजेपी तालमेल बैठाकर आगे चलने की कोशिश में लगी है। और हो सकता है इसी वजह से शिंदे का हाल-चाल लेने के बाहने उन्हें मनाने की कोशिश शुरू हो गई है। बता दें की इससे देवेंद्र फडणवीस एकनाथ शिंदे और अजित पवार के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत होनी थी। लेकिन कहा जा रहा है कि शिंदे की वजह से ये बातचीत नहीं हो पाई। क्योंकि शिंदे मुख्यमंत्री और गृहमंत्री पद को लेकर जिद पर अड़े हुए हैं। और बीजेपी उनकी जिद को तोड़ने की पूरी कोशिश कर रही है। शिंदे से बीजेपी नेताओं की मुलाकात के बाद कहा जा रहा है कि शिंदे बतौर कार्यवाहक  मुख्यमंत्री सभी आधिकारिक बैठकों में हिस्सा लेंगे। वैसे भी शिंदे जब भी मीडिया के आगे आ रहे हैं ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। महायुति में सब ठीक है। आगे फैसले सबके सामने होगा.।

तो शिंदे बीते दिनों से कहते आ रहे हैं कि वो मोदी-शाह को अपना फैसला सुना चुके हैं। और जो आगे मोदी-शाह फैसले लेंगे। उसको मानने के लिए शिंदे पूरी तरह तैयार हैं। खैर आगे कहानी का एंड कहा होता है। क्या सीएम की कुर्सी या फिर गृहमंत्रालय शिंदे को मिल पाता है या नहीं ये तो वक्त ही बताएगा। क्योंकि महायुति की बड़ी बैठक होने वाली है।और ये बैठक ही नेताओं के भविष्य को तय करेगी।



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