Advertisement

Loading Ad...

‘देश में 994 संपत्तियों पर वक़्फ़ बोर्ड का अवैध क़ब्ज़ा..’ किरेन रिजिजू के खुलासे से मच गया हड़कंप!

केंद्र सरकार ने संसद में वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों का खुलासा किया है। बताया कि देशभर में कुल 994 संपतियों पर वक़्फ़ ने अवैध रूप से अतिक्रमण किया हुआ है। जिसमें अकेले तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा 734 संपत्तियाँ हैं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता जॉ़न ब्रिटास के सवालों के एक लिखित जवाब में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय वक़्फ़ पर उपलब्ध जानकारी के हवाला देते हुए बताया है

Loading Ad...
वक़्फ़ बोर्ड पर देशभर में तेज़ी से वार सियासी तकरार छिड़ी हुई। क्योंकि आए दिन वक़्फ़ बोर्ड मैदान में आता है। किसी की भी ज़मीन पर दावा ठोक जाता है। वक़्फ़ बोर्ड की इस हरकत के बीच मोदी सरकार ने अब संसद में बड़ा कदम उठा लिया है। वक़्फ़ के ख़िलाफ़ ऐसा खुलासा किया है। हर कोई हैरान परेशान हो गया है। क्योंकि मोदी सरकार ने वक़्फ़ बोर्ड के ख़ज़ाने की संसद में पोल खोलकर उसपर सबसे बड़ी चोट मारी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में खुलासा करते हुए बताया कि अल्पसंख्यक मामले के मंत्रालय ने वक़्फ़ पर उपलब्ध जानकारी के हवाले बताया।


देश में वक्फ अधिनियम के तहत 872352 अचल और 16713 चल वक़्फ़ संपत्तियां पंजीकृत हैं।देशभर में कुछ 994 संपत्तियों पर वक़्फ़ बोर्ड ने अवैध क़ब्ज़ा कर रखा है।अकेले तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा 734 अवैध क़ब्ज़े वाली संपत्तियाँ हैं । आंध्र प्रदेश में 152, पंजाब में 63 और उत्तराखंड में 11 और जम्मू कश्मीर में 10 संपत्तियाँ हैं।

केंद्रीय आवास शहरी मामलों के मंत्रालय ने राज्यसभा में खुलासा किया।

केंद्र सरकार ने 2019 के बाद से वक्फ बोर्ड को कोई ज़मीन उपलब्ध नहीं कराई। वक़्फ़ को राज्य सरकारों द्वारा दी गई ज़मीन का कोई डेटा नहीं है।

बता दें की पिछले हफ़्ते ही JPC के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर उनके अधिकार क्षेत्र में विवादित वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों की जानकारी मांगी थी..क्योंकि सच्चर कमेटी ने तमाम राज्यों में वक़्फ़ बोर्ड की अवैध संपत्तियों के बारे में खुलासा किया था। उसी की रिपोर्ट को लेकर आगे मोदी सरकार चल रही है। सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि वक़्फ़ पर एक्शन और खुलासे से जो कांग्रेस इतना बौखला रही है उसी के राज में सच्चर कमेटी का गठन हुआ। उसी की रिपोर्ट वक़्फ़ बोर्ड के कारनामों का खुलासा कर रही है। बावजूद उसके भी कांग्रेस रोना रो रही है।बता दें की अधिनियम की धारा 40 के तहत वक़्फ़ बोर्डों को अधिकार दिया गया था कि वो तय कर सकते हैं कि संपत्ति वक़्फ़ की है या नहीं। यही वजह है कि वक़्फ़ बोर्ड जब मन आता है किसी भी संपत्ति पर अपना दावा ठोक जाता है। फिर चाहे वो सरकारी संपत्ति हो।सड़क मंदिर घर कुछ भी हो। और सबसे हैरानी की बात तो ये है कि वक़्फ़ पर उसकी तानाशाही पर कोई एक्शन भी नहीं ले सकता । यही वजह है कि वक़्फ़ की तानाशाही पर नकेल कसने के लिए। कांग्रेस के पाप का हिसाब करने के लिए मोदी सरकार संशोधन बिल लेकर आई। तो मौलानाओं को तकलीफ़ होने लगी।सबसे बड़ी बात तो ये है कि प्रस्तावित क़ानून मौजूदा क़ानून में कई अन्य बदलाव कर इस अधिकार को सीमित करने का प्रयास करता है। और इसी के तहत समिति ने वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों का हिसाब किताब माँग लिया है। इसके साथ ही  "समिति ने राज्य सरकारों से उन मामलों की भी जानकारी मांगी है जहां सरकारी विभागों का संपत्ति के स्वामित्व या क़ब्ज़े को लेकर वक़्फ़ बोर्ड के साथ क़ानूनी विवाद चल रहा है।
बीजेपी सांसद जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता वाली इस समिति को पता चला है कि 2005-06 में सच्चर समिति को दी गई रिपोर्ट में दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और ओड़िशा में अनधिकृत क़ब्ज़े वाली वक़्फ़ संपत्तियों की जानकारी दी गई थी।
समिति ने इन राज्यों में मौजूदा स्थिति का ब्योरा मांगा था "।

बता दें कि 20 साल पहले 2005 में मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन करने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सच्चर समिति का गठन किया था। और हालही में लोकसभा में वक़्फ़ संशोधन विधेयक पर विचार कर रही इस समिति का कार्यकाल बढ़ाने की मंज़ूरी दी गई थी।अब विधेयक पर चर्चा के लिए बनी समिति वक़्फ़ बोर्ड के एक एक कारनामे का हिसाब-किताब करेगी। यही वजह है जब जब समिति के आगे एक्शन के लिए कदम उठाया सबसे ज़्यादा तकलीफ विपक्ष के नेताओं को। औवैसी साहब को हुई है। यही वजह है कि वक़्फ़ बोर्ड समिति की बैठक में इन लोगों ने जमकर बवाल काटा है। बैठक में चर्चा कम युद्ध की स्थिति ज़्यादा देखने को मिली है। 

ओवैसी साहब अब बौखलाए या चिल्लाए।होना कुछ नहीं है क्योंकि वक्फ की सारी संपत्ति का हिसाब किताब तेज़ी से शुरू हो गया है। संसद में वक़्फ़ के पास कितनी संपत्ति है और कितनी अवैध है सबका आँकड़ा पेश हो गया है। बस बारी अब अवैध संपत्ति को क़ब्ज़े में लेने की है। मोदी सरकार अब वक़्फ़ के ख़िलाफ़ जल्द बड़ा एक्शन उठाने वाली है।
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...