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शिक्षक भर्ती घोटाले में Supreme Court ने Mamata को लताड़ा, बिगड़ा चुनावी खेल! ।Kadak Baat।

बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सीबीआई जाचं पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

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लोकसभा चुनाव के बीच ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ा झटका लगा है । जिससे टीएमसी में भगड़ मच गई है। दरअसल हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती घोटाले में  ममता सरकार को जोरदार फटकार लगाई। जिससे सीएम साहिबा की हालत ही खराब हो गई। क्योंकि कोर्ट से पहले तो बड़ा फैसला सुनाते हुए शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।  और कहा कि शिक्षक भर्ती एक सिस्टमेटिक फ्रॉड है ।यानी की सोची समझी चाल के तहत इस घोटाले को अंजाम दिया गया। गुस्से में लाल चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान गुस्सा जाहिर किया। और फटकार लगाते हुए कहा 

"सरकारी नौकरियों की वैसे ही इतनी कमी है, अगर जनता का विश्वास चला गया तो कुछ नहीं बचेगा। यह सिस्टेमिक फ्रॉड है। एक तो सरकारी नौकरियां हैं नहीं और सिस्टम में क्या बचेगा अगर उन पर भी दाग लगता है। आप इसको किस तरह रखेंगे।"

अब इस मामले में कैसे ममता बनर्जी फंसी । और क्यों सुप्रीम कोर्ट ने छुटते ही फटकार लगाना शुरू कर दिया है। दरअसल ममता सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की भर्ती का डाटा मांगा था। लेकिन सरकार ने हाथ ही खड़े कर दिए। कोर्ट में छुटते ही कहा  उनके पास इस शिक्षक भर्ती में शामिल हुए लोगों की परीक्षा का डाटा नहीं है। जब डाटा ही नहीं तो भर्ती कैसे हो गई ।औऱ भर्ती हो गई। तो जाहिर सी बात है ना सिर्फ करोड़ों का खेल खेला गया। बल्कि अवैध तरीके से भर्ती की गई। यही वजह है कि सुप्रीम ने भर्ती रद्द वाले हाईकोर्ट के फैसले पर रोक तो लगा दी। लेकिन सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी । अब शिक्षक भर्ती घोटाला ममता बनर्जी के लिए काल बन सकता है। क्योंकि जिस वक्त ये घोटाला हुआ ।ममता सरकार में शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी थे ।औऱ जांच एजेंसी को उनके ही करीबी अर्पिता के ठिकानों से नोटों से भरा कमरा बरामद हुआ था।तो फजीहत होने पर ममता बनर्जी ने तुरंत पार्थ चटर्जी को पार्टी से निकाल फेंका । बचने की खूब कोशिश की गई। लेकिन फंसती चली जा रही है।  अब इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने तगड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि  "इस भर्ती में जो लोग अवैध रूप से भर्ती हुए, उन्हें अपनी तनख्वाह लौटानी होगी।"
 
यानी की अब सुप्रीम कोर्ट भी करड़ो अरबो के इस खेल को लेकर सख्त हो गया है। टीएमसी के तमाम लोग इस घोटाले में फंसे हुए हैं। यही वजह है कि घोटालेबाजों को बचाने के लिए ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में गिड़गिड़ा रही है।  लेकिन यहां भी ममता सरकार को मुंह की खानी पड़ गई ।इससे पहले इस मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई थी। कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस भर्ती में हुई गड़बड़ियों को देखते हुए अप्रैल में रद्द कर दिया था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 25,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाए। जो लोग इसके जरिए भर्ती हुए हैं, उन्हें सरकार से ली गई तनख्वाह भी 12% ब्याज के साथ लौटानी होगी। बंगाल शिक्षक भर्ती आयोग इसे दोबारा नए सिरे से चालू करे। इस मामले में सीबीआई की जांच भी चल रही है।  इस निर्णय के खिलाफ बंगाल सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती पर रोक लगाने से इनकार कर दिया । लेकिन सीबीआई जांच को जारी रखा है। जिससे आने वाले दिनों में ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती है।

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