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संभल हिंसा में शामिल पत्थरबाज महिला गिरफ्तार, पुलिस के क़ाफ़िले पर किया था पथराव

संभल के नखासा थाना पुलिस में हिंसा के दौरान पुलिस के काफिले पर पथराव करने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस अन्य महिलाओं की तलाश में जुटी है. गिरफ्तार महिला का पत्थरबाज़ी करने का वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद से महिला फ़रार चल रही थी. अब उसे पुलिस ने ढूँढ निकाला और गिरफ्तार किया

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संभल में भड़की हिंसा के दंगाईयों का ढूंढ ढूंढकर हिसाब किताब किया जा रहा है। अब्दुल हो या नासिर सबको सबक़ सिखाया जा रहा है। लेकिन इसी बीच हिंसा के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने उस वक़्त पुलिस प्रशासन के हाथ पाँव फुला दिए। जब पत्थरबाज़ी-गोलीबारी में ना सिर्फ शहबाज़ आलम दिखाए दिए। बल्कि एक महिला भी छत से उथल उछलकर एसपी की टीम के साथ पत्थरबाज़ी करती दिखाई दी। चौंकाने वाली बात तो ये है कि ये महिला पत्थरबाज़ी करने के तुरंत बाद फ़रार हो गई। पुलिस की टीम एक महीने से ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थी। एक महीने बाद पुलिस को उस वक़्त बड़ी कामयाबी मिली जब पुलिस ने इस महिला को धर दबोचा।


पुलिस ने पत्थरबाज़ महिला को असमोली थाना क्षेत्र से रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया है।
आरोपी महिला का नाम जिकरा बताया जा रहा है महिला ने हिंसा के दौरान पुलिस टीम पर पत्थरबाज़ी की थी।
अबतक हिंसा फैलाने में शामिल 54 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बाक़ी आरोपियों को एजेंसियों और मुखबिर के आधार पर चिन्हित किया जा रहा है।
फ़रार आरोपियों के ख़िलाफ़ NBW वारंट भी जारी किए जाएंगे।

पत्थरबाज़ महिला से सख़्ती से पूछताछ की जा रही है। इसके कारनामों का हिसाब किताब किया जा रहा है। क्योंकि तस्वीरें बयां कर रही है कि जिस फुर्ती से ये महिला छत से उछल उछलकर पुलिस टीम पर पत्थरबाज़ी कर रही थी। उससे हिंसा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यही वजह है कि हिंसा के आरोपी कहीं भी छिपे हों, संभल पुलिस इन्हें ढूंढकर बार ला रही है। हिंसा भड़कवाने वाले आकाओं का पता लगवा रही है। बता दें कि इससे पहले पुलिस ने SP केके बिश्नोई पर गोली चलाने वाले शहज़ाद को गिरफ्तार किया गया था। शहज़ाद ने भी हिंसा के वक्त मुंह पर नकाब बांधकर गोली चलाई थी। जिसमें ना सिर्फ़ एसपी घायल हुए थे।बल्कि एक और पुलिसकर्मी को गोली लगी थी। बता दें कि मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई थी। जबकि SP-SDM-CO समित तमाम पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।यही वजह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस बवाल पर काफ़ी ग़ुस्से में थे। उन्होंने दंगाईयों की सख़्ती से कमर तोड़ने से सख्त आदेश दिए। साफ़ साफ़ कहा।जो हिंसा में शामिल पाया जाएगा। उसे छोड़ा नहीं जाएगा। यही वजह है कि जिस जगह हिंसा भड़काई वहाँ जल्दबाज़ी में चौकी का निर्माण करवा दिया गया।

हालांकि इस पुलिस चौकी के निर्माण से भी कई लोगों को तकलीफ़ हुई। मस्जिद के आगे बन रही चौकी की ज़मीन को वक़्फ़ बोर्ड की जमीन बता दिया। लेकिन यहां भी पुलिस का हंटर ऐसा चला सबकी बोलती बंद हो गई। क्योंकि पुलिस ने सारी जाँच पड़ताल की उसके बाद ज़मीन को वक़्फ़ की बताकर झूठ फैलाने वालों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने का काम शुरू किया। ज़ाहिर सी बात संभल में जिस तरीक़े से पुलिस प्रशासन सतर्कता दिखा रहा है। उससे शांति तो बनी ही। लेकिन जितने भी उपद्रवी बवाल की फिराक में बैठे थे।अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे। सबको सबक़ सिखाया जा रहा है। ढूँढ ढूँढकर दूसरे राज्यों को निकाला जा रहा है।

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