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PM Modi के 3 ट्वीट ने संसद में मचा दिया तहलका, Rahul -Sonia की हो गई बोलती बंद

इमरजेंसी की बरसी पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। ट्वीट कर कांग्रेस को इमरजेंसी के काले दिन की याद दिलाई। जिसने 1975 में लोगों को जिंदगियों को थाम दिया था।

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PM Modi : संसद सत्र की शुरुआत होते ही PM Modi एक्शन मोड में नजर आए। सबसे पहले संसद परिसर में कदम रखते ही PM Modi ने ऐसा बयान दिया। कांग्रेस की जमीन हिलाकर रख दी। जिसके बाद विपक्ष ने हाथों में संविधान लेकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की।पहले ही दिन जमकर बवाल काटा। राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव तक तेवर में दिखाए दिए। लेकिन दूसरे दिन  पीएम मोदी ने एक झटके में विपक्ष के सारे तेवर ढीले कर दिए। पीए मोदी ने इस बार वार ट्वीट से किया। और एक बार फिर इमरजेंसी के काले दिन का काला राज खोलकर कांग्रेस में भगदड़ मचा दी है।पीएम मोदी ने कहा कि  ।


"आज का दिन उन सभी महान पुरुषों और महिलाओं को श्रद्धांजलि देने का दिन है जिन्होने आपातकाल का विरोध किया। आपातकाल के काले दिन हमें याद दिलाते हैं कि कैसे कांग्रेस पार्टी ने बुनियादी आजादी को खत्म कर दिया था और भारत के संविधान को रौंद दिया था, जिसका हर भारतीय बहुत सम्मान करता है "

जिस संविधान को हाथों में लेकर आज कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पीएम मोदी ने उसी संविधान को लेकर कांग्रेस को इमरजेंसी के काले दिन को याद दिलाया। आईना दिखाया । बताया  कि कैसे कांग्रेस राज में संविधान को कुचलने की कोशिश की गई।  और आज वही कांग्रेस संविधान की रक्षक बनकर झूठ फैलाने की कोशिश में लगी है। एक्शन मोड में आए पीएम मोदी ने एक के बाद एक धड़ाधड़ कई ट्वीट कर दिए।और सभी ट्वीट में इमरजेंसी के काले दिन की परतें खोल कांग्रेस को आईना दिखाया। अगले ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा-

"सत्ता पर टिके रहने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हर लोकतांत्रिक सिद्धांत की अवहेलना की और देश को जेलखाना बना दिया था। जो भी व्यक्ति कांग्रेस से असहमत होता था उसे प्रताड़ित किया जाता था। सबसे कमजोर वर्गों को निशाना बनाने के लिए सामाजिक रूप से रिग्रेसिव पॉलिसी लागू की गई " 

पीएम मोदी ने एक झटके में कांग्रेस की बोलती बंद कर दी।  जिस संविधान की तौहीन आज कांग्रेस कर रही है। वो शायद उस दिन को भूल गई जब आज से ठीक 49 साल पहले 1975 में 25 जून को इंदिरा गांधी की अनुवाई वाली सरकार ने देश पर इमरजेंसी थोपी थी, इस दौरान लोगों से उनके मौलिक अधिकार तक छीन लिए गए थे। संविधान को दरकिनार कर सत्ता के लालत में कांग्रेस ने लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ किया। लेकिन आज देखिये ।संविधान को लेकर झूठ फैलाकर कांग्रेस ऐसे मोदी सरकार को घेर रहे हैं।  जैसे खुदपाक साफ हो। कांग्रेस का हाल 100 चूहें खाकर बिल्ली हज को चली वाला हो गया है। खैर अब कांग्रेस को वो तस्वीर भी याद कर लेनी चाहिए जिसमें मोदी संसद में पहुंचे तो उन्होने सबसे पहले संविधान को ही माथे से लगाया, और नमन किया। लेकिन आदत से मजबूर कांग्रेस को तो किसी भी हाल में मोदी को घेरना है फिर चाहे उसके पास तथ्य हो या ना हो।  कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए पीएम मोदी ने एक के बाद एक ट्वीट कर जरिए कांग्रेस को आईना दिखाया।जिससे राहुल गांधी तो छोड़िए खड़गे तक मुंह छुपाने को मजबूर हो गए।

पीएम मोदी ही नहीं अमित शाह ने इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा 

"देश में लोकतंत्र की हत्या और उस पर बार-बार आघात करने का कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है। साल 1975 में आज के ही दिन कांग्रेस के द्वारा लगाया गया आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। अहंकार में डूबी, निरंकुश कांग्रेस सरकार ने एक परिवार के सत्ता सुख के लिए 21 महीनों तक देश में सभी प्रकार के नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी थी, संविधान में बदलाव किए और न्यायालय तक के हाथ बाँध दिए थे। आपातकाल के खिलाफ संसद से सड़क तक आंदोलन करने वाले असंख्य सत्याग्रहियों, समाजसेवियों, श्रमिकों, किसानों, युवाओं व महिलाओं के संघर्ष को नमन करता हूं "

संविधान को हाथों में लेकर माहौल बना रहे विपक्ष की एक मिनट में बीजेपी नेताओं मे धड़ाधड़ ट्वीट कर अकल ठिकाने लगा दी है। जिसके बौखालाया विपक्ष अब मुद्दा से हटकर स्पीकर पद के चुनाव को लेकर महौल बनाने में जुट गया है।

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