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Modi सरकार देश में लागू करने वाली है बड़ा क़ानून, जल्द आएगा एक देश एक चुनाव बिल!

मोदी सरकार अपने मौजूदा तीसरे कार्यकाल के दौरान एक राष्ट्र एक चुनाव पर विधेयक लाएगी। सूत्रों के मुताबिक़ जल्द ही इस बिल को पेश किया जा सकता है। इस बिल के पास होने के बाद देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। फ़िलहाल पीएम मोदी इस बिल पर समर्थन के लिए अपने साथियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

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एक तरफ़ दिल्ली में Kejriwal के इस्तीफ़े के ऐलान के बाद आप में बवाल छिड़ा हुआ है। सीएम हाउस के अंदर उठापटक मची है। तो दूसरी तरफ़ देश में पीएम मोदी बड़ा ऐलान करने जा रहे हैं। ऐसा ऐलान जिससे ना सिर्फ़ केजरीवाल के पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी। बल्कि पूरा इंडिया गठबंधन भी हिल उठेगा। बड़ी खबर तो ये है कि 


मोदी सरकार जल्द ही एक देश एक चुनाव को लागू कर सकती है ।


2029 तक देश में एक साथ चुनाव हो सकते है।
इस कार्यकाल में बिल ला सकती है मोदी सरकार।
BJP कर रही है बिल लाने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश।

सूत्रों के मुताबिक़ NDA को भरोसा है कि इस सुधार को लेकर सभी दलों का समर्थन मिलेगा। ख़ासकर उनके साथी भी इस मांग में उनके साथ होंगे। क्योंकि पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन के एजेंडे में ये सबसे अहम है। यानी की 100 दिन पूरे होने से पहले पहले पहले पीएम मोदी देशभर में ये बड़ा ऐलान कर देंगे। और मोदी के साथी भी इस मांग में पूरा साथ देंगे। क्योंकि सत्ता में इस बार पीएम मोदी बैसाखियों के सहारे हैं। नीतीश और चंद्रबाबू नायडू की रज़ामंदी भी ज़रूरी होगी।सूत्रों के मुताबिक़ कहा जा रहा है कि इस बात को लेकर पीएम मोदी साथियों से बात भी कर रहे हैं। यानी समर्थन जुटाने की पूरी कोशिश हो रही है। वैसे भी लाल क़िले की प्राचीर से पीएम मोदी ने इस बार साफ़ शब्दों में कहा था कि वन नेशन वन इलेक्शन इस देश के लिए बेहद ज़रूर है।

सबसे बड़ी बात तो ये है कि वन नेशन वन इलेक्शन का मुद्दा लोकसभा चुनाव में बीजेपी के घोषणापत्र में प्रमुख वादों में एक रहा है। और इसी पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने वन नेशन वन इलेक्शन की संभावनाओं पर मार्च में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में जो सुझाव दिए गए थे। उसके मुताबिक़ पहले कदम के रूप में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने चाहिए। समिति ने आगे सिफ़ारिश की है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के पूरे होने के 100 दिन के अंदर ही निकाय चुनाव भी होने चाहिए।  इससे पूरे देश में एक निश्चित समयावधि में सभी स्तर के चुनाव पूरे कराए जा सकेंगे। तो चलिए ये भी बताते हैं कि आख़िर


क्या है एक देश एक चुनाव क़ानून ?


ये भारत में होने वाले सभी चुनावों को एक साथ कराने की व्यवस्था से जुड़ा प्रस्ताव है। 
चुनाव एक दिन के अंदर या एक निश्चित समयावधि में कराए जा सकते हैं।
मोदी जब गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे, तबसे इस व्यवस्था की वकालत करते आए हैं। 
'एक देश, एक चुनाव' के तहत लोकसभा और सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव है।

खैर जब पीएम मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन की बात  पहली बार उठाई  थी तभी केजरीवाल ने बौखला शुरू कर दिया था।  आरोप लगाया कि मोदी सरकार ऐसा करके योजनाओं में कमी करना चाहती है। जनता से दूर होना चाहती है।

अब विपक्ष बौखलाए या चिल्लाए होने वाला कुछ नहीं है। क्योंकि मोदी सरकार बहुमत में है। साथी भी उनके साथ हैं। तो ऐसे में विपक्ष इस बिल पर अगर साज़िश रचने की कोशिश करेगा।तो ख़ुद ही फंस जाएगा।

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