Advertisement

Loading Ad...

Kadak Baat : केजरीवाल ने तोड़ दिया जेल का बड़ा नियम, जेल प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी

केजरीवाल ने जेल से एलजी को चिट्ठी लिखी और अपनी जगह आतिशी को झंडा फहराने की बात कही. जिसको लेकर जेल प्रशासन भड़क गया है।

Loading Ad...

Kadak Baat : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जेल में बैठकर ऐसी हरकत कर डाली है,ऐसा नियम तोड़ दिया है। जिससे जेल प्रशासन गुस्से में भड़क उठा है और तुरंत केजरीवाल के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। दरअसल तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने केजरीवाल की एक चिट्ठी पर गुस्सा जाहिर किया है। वो चिट्ठी जो केजरीवाल ने जेल में बैठकर आतिशी को लिखी थी। इस चिट्ठी ने ऐसा खेल किया कि जेल प्रशासन ने चिट्ठी को विशेषाधिकार का दुरुपयोग बता दिया और तुरंत एक्शन लेने की बात कह डाली है। जिससे केजरीवाल की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई है। चलिए पूरा मामला विस्तार से बताते हैं। 

केजरीवाल ने तोड़ा जेल का बड़ा नियम

दरअसल केजरीवाल ने बीते दिनों तिहाड़ जेल से एलजी वीके सक्सेना को एक चिट्ठी लिखी थी।चिट्ठी में केजरीवाल ने कहा था कि आतिशी उनकी जगह स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराएंगी।अब इस चिट्ठी पर तिहाड़ जेल नंबर 2 के अधीक्षक ने प्रावधानों का हवाला दिया है कि दिल्ली जेल नियम 2018 और एक पत्र में केजरीवाल को सलाह दी है कि वो इससे बचें। ऐसी किसी भी अस्वीकार्य गतिविधि से उनके विशेषाधिकारों में कटौती कर दी जाएगी। यानी की जेल प्रशासन ने समझा दिया है कि नियम तोड़ने पर केजरीवाल पर भी ठीक वैसी ही कार्रवाई होगी। जैसे बीते दिनों सत्येंद्र जैन के मसाज कांड पर हुई थी। आप नेता सत्येंद्र जैन भी जेल नियमों तो तोड़ते हुए।

जेल में कैदियों से ही अपनी मसाज करवा रहे थे। बाहर के खाने पीने की सारी सुविधाएं उठा रहे थे। जब सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ तो आम आदमी पार्टी के इमानदार नेताओं का पूरा काला चिट्ठा एक मिनट में खुल गया। जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। तो ना सिर्फ सत्येंद्र जैन को फटकार पड़ी बल्कि सारी सुविधाओं पर लगाम तक लगा दी गई। ऐसा ही फायदा केजरीवाल ने भी उठाने की कोशिश की। लेकिन एक मिनट में जेल प्रशासन ने केजरीवाल की अकल ठिकाने लगा दी। पहला तो जेल प्रशासन ने केजरीवाल के चिट्ठी को आगे एलजी के पास जाने ही नहीं दिया। केजरीवाल को लिखे पत्र में अब तिहाड़ जेल अधिकारियों ने कहा कि-

Loading Ad...

उपर्युक्त नियमों को पढ़ने मात्र से यह स्पष्ट है कि आपका पत्र ऐसे पत्र व्यवहार की श्रेणी में नहीं आता है जिसके जेल के बाहर भेजे जाने की अनुमति हो। केवल लोगों के एक समूह के साथ निजी पत्र व्यवहार की ही अनुमति है इसलिए आपका 6 अगस्त को लिखा पत्र उसे नहीं भेजा गया है जिसे वह लिखा गया था विचाराधीन कैदी दिल्ली कारागार नियमों के कानूनी प्रावधानों से संचालित होते हैं जिसके दायरे में उनके अधिकार और विशेषाधिकार आते हैं. यह जानकर आश्चार्य हुआ कि 6 अगस्त को आपके द्वारा सौंपे गए पत्र की सामग्री बिना किसी अधिकार के मीडिया में लीक कर दी गई। यह दिल्ली जेल नियम 2018 के तहत आपको दिए गए विशेषाधिकारों का दुरुपयोग है।

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

तो जेल में रहकर केजरीवाल किसी भी सरकारी काम को बिना परमिशन के नहीं कर सकते हैं। लेकिन जनाब अकल चला रहे थे, जिसे तोड़ने के लिए तुरंत जेल प्रशासन का डंडा चल गया है और ऐसे में जेल प्रशासन ने केजरीवाल को एक्शन की चेतावनी दे डाली है। और तो और केजरीवाल के लिखे पत्र को एलजी तक नहीं पहुंचाया है। यानी की सीएम साहब अब जेल में बैठकर भी बुरी तरह फंस चुके हैं। 


LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...