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Kadak baat : राज्यपाल का Mamta Banerjee पर भंयकर खुलासा, ट्वीट से बंगाल में कोहराम
बंगाल के राज्यपाल ने ममता बनर्जी पर यौन उत्पीड़न के आरोपों पर भयंकर खुलासा किया है
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Mamta Banerjee : बंगाल में इस वक्त राज्यपाल सीवी बोस और Mamta Banerjee के बीच जबरदस्त बवाल मचा हुआ है।क्योंकि ममता बनर्जी की एक ऐसी घिनौनी हरकत राज्यपाल ने पकड़ ली है। जिसके खुलासे ने दिल्ली को भी हिलाकर रख दिया है। ऐसे में जांच के बाद एक्शन होगा तो ममता की कुर्सी हिल सकती है। दरअसल बीते दिनों बंगाल के राज्यपाल सीवी बोस पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। ये आरोप तब लगाए गए। जब संदेशाखाली के शाहजहां शेख को सीबीआई ने गिरफ्तार किया। और ममता शाहजहां शेख को बचाने के लिए हाथ पांव मारती रही।जब हथकंडे काम नहीं आए तो अचानक एक महिला सामने आई और राज्यपाल सीवी बोस पर आरोप लगा दिए।
इन आरोपों को ममता बनर्जी ने जमकर भुनाया। लेकिन ऐसे में अब राज्यपाल सीवी बोस ने भयंकर खुलासा कर ममता की मुश्किलें ही बढ़ा दी है। राज्यपाल सीवी बोस ने कहा कि राजभवन की स्टाफर के साथ यौन उत्पीड़न के जो आरोप उनके ऊपर लगे हैं इसके पीछे ममता बनर्जी की भूमिका है बकायदा ये आरोप लगाते हुए राजभवन कोलकाता के एक्स हैंडल से एक पोस्ट लिखी गई है। जिसमें कहा गया है कि ।
"यह एक प्रॉक्सी वॉर है, जिसमें मुख्यमंत्री आम लोगों के गाढ़ी कमाई के पैसे महंगे वकीलों पर उड़ा रही हैं। सीएम की डर्टी ट्रिक्स के आगे गवर्नर झुकेंगे नहीं और हिंसा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। महिला कर्मचारी द्वारा शिकायत मिलते ही जांच बिठा दी गई थी। यह इनहाउस जांच एक पूर्व जज कर रहे थे। इनहाउस इंक्वॉयरी की जो शुरुआती रिपोर्ट थी उसमें कहा गया था कि पुलिस कार में ले जाए जाने से पहले शिकायतकर्ता ने राजभवन से लगे पुलिस आउटपोस्ट में करीब दो घंटे बिताए। रोचक बात यह है कि वहां तैनात पुलिसकर्मी महिला और अन्य लोगों का करीबी जान पड़ता है। ऐसा लगता है कि इन लोगों ने मिलकर राज्यपाल के खिलाफ मनगढ़त आरोपों की कहानी तैयार की। 2 मई 2024 के बाद अचानक फैब्रिकेटेड आरोप सामने आने लगे"।
राज्यपाल के खिलाफ लगे आरोपों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। मामला सुप्रीम तक पहुंच चुका है। लेकिन राज्यपाल ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें फंसाने की कोशिश में ममता सरकार तेजी से लगी हुई है। क्योंकि वो राज्य में हो रही हिंसा के खिलाफ बोलते हैं। तमाम अपराधों पर ममता सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं। यही कारण है कि उनकी आवाज दबाने के लिए ममता सरकार साजिश रच रही है। फिलहाल जिस तरीके से अब राज्यपाल ने खुलकर ममता सरकार पऱ आरोप लगाते हुए तंज कसा है। उससे बंगाल का सियासी पारा हाई हो गया है।
बता दें कि मई महिने में पश्चिम बंगाल राजभवन की एक संविदा महिला कर्मचारी ने राज्यपाल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कोलकाता पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। तभी से इस मामले पर सियासी संग्राम मचा गया। उस वक्त भी राज्यपाल ने आरोप को बेतुका नाटक बताया था। ऐसे में ये मुद्दा मामता बनर्जी को मानों बीजेपी को घेरने के लिए संजीवनी मिल गया हो ।
शाहजहां शेख के कारनामों को ममता भूल गई। और सीवी आनंद बोस के खिलाफ हल्ला बोलने मैदान में कूद पड़ी। हालांकि राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने ममता सरकारी की सच्चाई बाहर लाने और महिला के आरोप लगाने के फैसले पर ऐसा एक्शन लिया है। की सीएम साहिबा की बोलती ही बंद हो गई है । टीएमसी नेता घबराने बैठ गए हैं। क्योंकि बंगाल के राज्यपाल ने 2 मई की 100 आम लोगों को सीसीटीवी फुटेज दिखाई। जिसमें आरोपों के मुताबिक कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है। इन्हीं सबूतों के साथ ममता फंसती दिखाई दे रही है।
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