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Kadak Baat : Tihar Jail के बाहर बीजेपी का Kejriwal के खिलाफ प्रदर्शन, सीएम से मांगा इस्तीफा

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद तिहाड़ जेल के बाहर बीजेपी ने प्रदर्शन किया है और केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की है।

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07 Aug 2024
( Updated: 08 Dec 2025
07:29 PM )
Kadak Baat : Tihar Jail  के बाहर बीजेपी का Kejriwal के खिलाफ प्रदर्शन, सीएम से मांगा इस्तीफा
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Kadak Baat : दिल्ली की तिहाड़ जेल के बाहर भारी हंगामा छिड़ गया है क्योंकि केजरीवाल के इस्तीफे की जोरों शोरों से मांग की जा रही है। एक तरफ आप नेताओं को दिल्ली के लोगों ने खदेड़ दिया है, तो दूसरी तरफ हाईकोर्ट के फैसले से बीच बीजेपी के हंगामे ने सीएम की कुर्सी हिलाकर रख दी है। क्योंकि अब जो दिल्ली में खेल होने वाला है उससे पूरी आम आदमी पार्टी हिल जाएगी। पीएम मोदी और अमित शाह भी दिल्ली की स्थिति को लेकर गंभीर हो गए हैं। आगे धमाकेदार खुलासा करें, उससे पहले बता दें कि बीजेपी ने तिहाड़ जेल के बाहर जोरदार हंगामा किया है। हाथों में बैनर पोस्टर लेकर केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की है। ये बवाल तब काटा गया है जब हाईकोर्ट ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को वैध यानी सही बताया है।


दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का कहना है कि -

हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को कानूनी रूप से वैध बताया है अब उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं बचा है दिल्ली की जनता मांग कर रही है कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट भी इससे पहले इन्हें इशारा दे चुका है वह शराब घोटाले के मुख्य सूत्रधार हैं औऱ इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उनकी याचिका रद्द की है।बीजेपी ने प्रदर्शन के दौरान चिल्ला चिल्लाकर केजरीवाल के शराब घोटाले के काले चिट्ठों को खोला।

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दिल्ली में अब नौबत ये आ गई है कि जो आप नेता केजरीवाल को सच्चा और घोटाले को झूठा बता रहे थे वो मुंह छुपाकर भागने को मजबूर हो गए हैं। खासकर आतिशी संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज, क्योंकि जब जब शराब घोटाले में नई गिरफ्तारी हुई, तब तब आतिशी से लेकर संजय सिंह तक ने नौटंकी शुरू कर दी।कुछ नहीं मिली तो घोटाले को बीजेपी की साजिश गढ़ दिया. लेकिन जैसे ही हाईकोर्ट का फैसला आया और हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में बताया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी वैध है। आम आदमी पार्टी की चिल्लाने वाले सभी नेता घरों में छुपकर बैठ गए।ऐसे में अब आम आदमी पार्टी पर सबसे बड़ी मुसीबत तो तब आई पड़ी है।

जब सीएम के इस्तीफे की मांग तेजी से उठने लगी है। क्योंकि दिल्ली में केजरीवाल का एक भी विभाग ऐसा बचा नहीं होगा, जिसमें घोटाले के आरोप नहीं लगे। शराब घोटाला, जल विभाग घोटाला, मोहल्ला क्लिनिक घोटाला, भर्ती घोटाला, घोटालों की लिस्ट गिनने वाला थक जाएगा लेकिन केजरीवाल सरकार के काले कारनामे खत्म नहीं होंगे। खैर जिस शराब घोटाले में सीएम साहब कोर्ट में गिड़गिड़ा रहे थे। CBI की गिरफ्तारी को अवैध बताकर जमानत की आस लगा रहे थे। उस शराब घोटाले में हाईकोर्ट ने ऐसी टिप्पणी कर दी है केजरीवाल का लंबे वक्त तक जेल से बाहर आना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो गया है। 

 हाईकोर्ट की केजरीवाल पर टिप्पणी

CBI की कार्रवाई में कोई दुर्भावना नहीं थी। गिरफ्तारी की वजह आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो द्वारा गवाहों को प्रभावित होने से बचाना था केजरीवाल कोई साधारण नागरिक नहीं है बल्कि मैग्सेस पुरस्कार के एक प्रतिष्ठित प्राप्तकर्ता और आम आदमी पार्टी के संयोजक हैं। गवाहों पर उनका नियंत्रण और प्रभाव प्रथमदृष्टता इस तथ्य से सिद्ध होता है कि ये गवाह याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी के बाद ही गवाही देने का साहस जुटा सके। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में उनके पद पर सम्मान करते हुए जांच एजेंसी ने संदेह और सावधानी के साथ काम किया। 

तो सीबीआई और ईडी के सबूत देखने के बाद कोर्ट ने भी मान लिया है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी वैध है और घर से बाहर तक बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को घेर लिया है। अब या तो केजरीवाल को इस्तीफा देना होगा या फिर किसी और को मुख्यमंत्री के लिए चुनना होगा। क्योंकि अगर एलजी एक्शन मोड में आए पीएम मोदी और अमित शाह ने दिल्ली के हालातों को लेकर मोर्चा संभाला तो ना रहेगी केजरीवाल की कुर्सी और ना रहेगी केजरीवाल की पार्टी।

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