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Kadak Baat : Rahul का साथ देकर फंसे Akhilesh Yadav, Keshav Maurya ने एक झटके में सिखा दिया सबक
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर तंज कसा है. और कहा कि संसद में राहुल के लिए बोलने वाले अखिलेश नेता है या फिर गांधी परिवार के दरबारी
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Akhilesh Yadav : यूपी बीजेपी के अंदर घमासान मचा तो सपा मुखिया Akhilesh Yadav को सबसे ज्यादा खुशी हुई। कभी ट्वीट कर केशव प्रसाद मौर्य को मानसून ऑफर दे दिया। तो कभी सीएम योगी को हटाए जाने की भविष्यवाणी कर डाली। लेकिन इस बार केशव प्रसाद मौर्य ने दूसरों के मुद्दे में टांग अड़ाने वाले अखिलेश यादव को ऐसा सबक सिखाया। जिससे सपा नेता ना सिर्फ भाग खड़े हुए बल्कि अखिलेश यादव की बोलती ही बंद हो गई। केशव प्रसाद मौर्य ने जाति वाले मुद्दे पर राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाने वाले अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि " कांग्रेस के मोहरा सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव जिस तरह श्री राहुल गांधी की जाति पूछने पर उखड़े, उससे वह नेता कम, बल्कि गांधी परिवार के दरबारी ज़्यादा लगे।2027 में 2017 दोहरायेंगे "।
चुटकी लेते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर एक तीर से दो निशाने लगा दिए। अखिलेश को कांग्रेस का दरबारी भी बता दिया। और ये भी दिमाग में बैठा दिया। कि कितना भी ये लोग जातिवाद की राजनीति कर लें। लेकिन बीजेपी 2027 में 2017 दोहराएगी। केशव प्रसाद मौर्य का गुस्सा अखिलेश यादव पर इसलिए बाहर निकला है। क्योंकि बीते दिनों से अखिलेश यादव बेवजह केशव को मोहरा बना रहे थे। बीजेपी की उठापटक के बीच बहती गंगा में हाथ धोने का काम कर रहे थे। लेकिन एक झटके में केशव ने अखिलेश यादव के सारे बयानों का हिसाब किताब कर लिया है। खैर संसद में कैसे अखिलेश और राहुल गांधी ने जाति के नाम पर बेचारा बनने कि कोशिश की। कहां से विवाद की शुरूआत हुई चलिए बताते हैं। दरअसल अनुराग ठाकुर संसद में बोल रहे थे। तभी उन्होने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें अपनी जाति का नहीं पता। वो जाति जनगणना की बात करते हैं। बस यहीं से विपक्ष को मुद्दा मिल गया। संसद में बवाल शुरू कर दिया। राहुल गांधी बेचारा बनकर जवाब देते नजर आए।
अनुराग ठाकुर के बयान पर राहुल गांधी ने जवाब दे दिया था लेकिन अखिलेश यादव इतने उतावले हो गए। कि बैठे बैठे मुद्दे को लपक लिया। बुरी तरह अनुराग ठाकुर पर भड़क उठे।
अखिलेश यादव ऐसे भड़के की तुरंत बीजेपी एक्टिव हो गई। और जाति पर अखिलेश के पुराने बयानों को तुंरत वायरल कर दिया। जिसमें खुद अखिलेश यादव पत्रकारों की जाति पूछ रहे हैं। एक कहावत है। खुद करें तो रासलील। और दूसरा करे तो केरेक्टर ढीला। यही हाल विपक्ष के नेताओं का हो गया है। खैर अपने ही जाल में खुद विपक्षी फंस गए हैं।
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