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Kadak baat : Kejriwal के बाद सुप्रीम कोर्ट में फंस गए Sisodia, जमानत पर CBI ने फंसाया पेंच
सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। सिसोदिया के खिलाफ ईडी ने बड़े-बड़े सबूत पेश किए हैं।
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Kejriwal : एक तरफ शराब घोटाले में आए हाईकोर्ट के फैसले ने Kejriwal की जमीन हिला दी है। तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में सिसोदिया गिड़गड़िते हुआ नजर आए हैं। दोनों ही नेताओं की जेल में हालत खराब हो गई है। दरअसल शराब घोटाल में सिसोदिया 17 महीनों से जेल में बंद हैं ईडी सीबीआई दोनों ने ही सबूतों से उनकी कमर तोड़ डाली है।ऐसे में अब गिड़गिड़ाते हुए सिसोदिया सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और दलील दी कि मनीष सिसोदिया को लेकर कोई बयान या वॉट्सऐप चैट नहीं हैं हवाला ऑपरेटर्स के साथ उनका कोई सबूत नहीं है। सिसोदिया खिलाफ कोई भी सबूत नहीं है।न्यूनतम सजा की आधी अवधि के बराबर वह जेल में बिता चुके हैं।
हालांकि जैसे ही सिसोदिया के वकील ने बोलना शुरू किया।वैसे ही जांच एजेंसी ने घोटाले की सारी परतें खोल दी। जवाब में ऐसी ऐसी बातें बोल दी। सिसोदिया के पसीने ही छूट गए। सबसे पहले तो सीबीआई ने ट्रायल में देरी के लिए आम आदमी पार्टी के नेता को जिम्मेदार बताया। सीबीआई ने छुटते ही कहा " ट्रायल शुरू हो गया होता लेकिन सिसोदिया की वजह से नहीं हुआ वे आवेदन देते रहे"
ईडी की दलील से सिंघवी भड़क गए। और तुरंत छुटते ही कहा कि एजेंसी की ये दलीलें बेबुनियाद है कि सिसोदिया को जमानत मिलने पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। सिंघवी की तरफ से दलील देते हुए कहा गया कि सिसोदिया 17 महीनों से जेल में बंद हैं और सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं यदि सिसोदिया छींकते भी हैं तो ईडी कोर्ट जाएगी इस तरह की निगरानी में वे किस तरह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
बस यहीं से जांच एजेंसी ने सिंघवी की बोलती बंद कर दी। छुटते ही कहा जो शख्स गिरफ्तारी से बचने के लिए फोन रिकॉर्ड नष्ट कर सकता है। कई फोन तोड़ सकता है। वो भला कैसे सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता। वो कैसे जमानत पर बाहर आने के बाद सबूतों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। जो भी दलील सिसोदिया के वकील की तरफ से दी गई। उसका काट ईडी ने सबूतों के साथ किया। यही वजह है कि दोनों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुप्रीम कोर्ट अब अपना फैसला 12 अगस्त को सुनाएगा।
सिसोदिया को राहत मिलेगी। या फिर आफत और बढ़ेगी कोर्ट के फैसले के बाद ही साफ हो पाएगा। क्योंकि सबूतों की बात करें। तो सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई ईडी दोनो ही नई शराब नीति बनाने से लेकर 100 करोड़ की रिश्वतखोरी के सारे सबूत पेश कर चुकी है। बता चुकी है कि कैसे सिसोदिया शराब घोटाले में हर एक रोल में शामिल रहे। सिसोदिया इस खेल के मास्टरमाइंड थे। यही वजह है कि अभी तक उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है।
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