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Kadak Baat: मल्लिकार्जुन खड़गे की एक गलती पर भड़क उठा चुनाव आयोग, एक्शन से कांग्रेस में हड़कंप

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में बाधा डालने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को फटकार लगाई है और मतदान डेटा को लेकर झूठ ना बोलने की सलाह दी है

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चुनावी रैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऐसी गलती कर डाली है।  जिससे ना सिर्फ चुनाव आयोग का पारा हाई हो गया है… बल्कि कांग्रेस में बवाल ही मच गया है। खड़गे की फिसली जुबान और झूठे बयानों ने पूरी पार्टी को ही तबाह कर दिया है।  दरअसल बीते दिनों खड़गे ने चुनाव प्रतिशत के निर्वाचन आयोग के आंकड़ों पर झूठ फैलाया।  बकायदा इसके लिए ना सिर्फ धड़ाधड़ पत्र जारी किए।  बल्कि विपक्षी पार्टियों के तमाम नेताओं ने भी उनके सुर में सुर मिलाया।  चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।  और जनता को गुमराह किया।  ऐसे में बिना देती करते हुए अब चुनाव आयोग खड़गे पर इस कदर भड़का।  कि इंडिया गठबंधी की हालत ही टाइट कर दी।  चुनाव आयोग ने वोटर टर्न-आउट में अनियमितताओं के आरोपों को सबसे पहले खारिज कर दिया।  और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सुझाव दिया कि ऐसे बयान देने से बचें…फटकार लगाते हुए चुनाव आयोग ने खड़गे को कहा:

"मतदान प्रतिशत जारी करने में कोई देरी नहीं हुई है. पहले भी ऐसे ही मतदान प्रतिशत अपडेट होता रहा है. वोटर टर्न-आउट ऐप पर मतदान प्रतिशत लगातार अपडेट होता रहता है. मतदान प्रतिशत के अंतिम आंकड़े मतदान के दिन शाम 7 बजे के बाद भी कई वजहों से बढ़ते हैं. "

ना सिर्फ चुनाव आयोग ने सच उजागर किया।  बल्कि मतदान प्रतिशत में देरी पर चार मुख्य वजहें भी बताई।  खड़गे को आईना भी दिखाया। तो चलिए बताते हैं:

मतदान प्रतिशत में देरी पर चार मुख्य वजह

  • पहला- पोलिंग वाले दिन अनुमानित आंकड़े की रिपोर्टिंग में देरी होना
  • दूसरा- कई पोलिंग बूथ पर 6 बजे के बाद भी मतदाताओं की लाइन लगी रहती है, जिसकी वजह से देरी होती है
  • तीसरा- मतदान के बाद पोलिंग पार्टी कई बार देरी से भी लौटती है, जिसकी वजह से शाम 7 बजे के बाद भी मतदान प्रतिशत में इजाफा होता है
  • चौथा- पुनर्मतदान की वजह से भी मतदान प्रतिशत के आंकड़े अपडेट होते हैं
 अब कैसे खड़गे ने लोगों को गुमराह कर झूठ फैलाने की कोशिश की।  चलिए बताते हैं।  दरअसल खड़गे ने इंडिया गठबंधन के साथियों को एक चिट्ठी लिखी थी।  जिसमें उन्होने चुनाव आयोग के मतदान प्रतिशत के आंकड़ों पर सवाल उठाए।  लेटर में कोड करते हुए लिखा गया था कि:
 
"ये लोकसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है. अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़े जारी करने में हो रही अत्यधिक देरी और उस डेटा में पाई गई विसंगतियां इन चुनावों की स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रकृति पर गंभीर संदेह पैदा कर रही है. ये कोई सामान्य चुनाव नहीं है यह हमारे लोकतंत्र और संविधान के बचाए रखने की लड़ाई है. पहले चुनाव आयोग 24 घंटे के अंदर यह बता देता था कि कितनी फीसदी मतदान हुआ है लेकिन इस बार देरी हो रही है उसकी वजह क्या है, इसे लेकर अभी तक आयोग द्वारा कोई सफाई क्यों नहीं दी गई है. देरी के बाद भी जो डाटा आयोग ने रिलीज किया है उसमें कई अहम जानकारियां नहीं है आयोग को बताना चाहिए कि हर पोलिंग स्टेशन पर कितना प्रतिशत मतदान हुआ ।"
 
मुद्दे भूलकर कांग्रेस नेता हो या आप नेता फालतू की बातों को लेकर माहौल बनाते  हैं।  और आखिर में झूठ बोलकर मुंह की खाते हैं । यही इस बार खड़गे के साथ भी हुआ है।  चुनाव आयोग ने साफ साफ कह दिया कि इस तरह के भ्रम ना फैलाए जाएं।  बकायदा चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में बाधा डालने के लिए खड़गे को फटकार भी लगाई।  आयोग ने अब पार्टी नेताओं की इस तरह की बयानबाजी सख्त रुख अपना लिया है।  
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