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Kadak baat : Noida GIP मॉल में ED की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, 291Cr. की संपत्ति जब्त

Kadak baat : नोएडा के सेक्टर 18 के GIP मॉल में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है ईडी ने एम्यूजमेंट पार्क की 291 करोड़ की संपत्ति जब्त की है

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31 May 2024
( Updated: 10 Dec 2025
11:43 PM )
Kadak baat : Noida GIP मॉल में ED की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, 291Cr. की संपत्ति जब्त
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Noida : चुनावी सरगर्मी के बीच ईडी देशभर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है जिससे घोटालेबाजों में भगदड़ मच गई है। लेकिन इस बार एक ऐसी जगह पर ईडी ने छापेमारी की।  आम जनता तक हैरान हो गई । दरअसल ED ने देश के सबसे बड़े मॉल में शुमार Noida सेक्टर 18 के मशहूर ग्रेड इंडिया पैलेस यानी GIP पर कानूनी शिकंजा कसा है। 




ED ने नोएडा के GIP मॉल में छापेमारी की है
GIP मॉल के कुछ हिस्से की 291.18 करोड़ की संपत्ति जब्त की है
ED ने एम्यूजमेंट कंपनी की 291.18 करोड़ की संपत्ति जब्त की है
इसी कंपनी के दायरे में GIP मॉल भी आता है
GIP मॉल पर ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की गई है





ईडी की कार्रवाई के साथ अब लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है।  कि क्या संपत्ति जब्त होने के बाद GIP मॉल में लोगों की एंट्री बंद हो जाएगी। क्या लोग वाटर पार्क नहीं जा पाएंगे।  तो जवाब है कि लोगों को फिलहाल मॉल में एंट्री मिलती रहेगी।  दुकानों में पहले की तरह एंट्री होती रहेगी। क्योंकि जब्ती की कार्रवाई एम्यूजमेंट पार्क में की गई है। अब सवाल ये है कि क्यों ये कार्रवाई की गई है चलिए बताते हैं । जांच एजेंसी के मुताबिक । 




इंटरनेशनल एम्यूजमेंट लिमिटेड पर आरोप है कि उसने गुरुग्राम के सेक्टर 26 और 52ए में दुकानें आवंटित करने का वादा किया। 
लगभग 1500 निवेशकों से 400 करोड़ रुपये से ज्यादा इकट्टे किए. लेकिन समय पर कंपनी ने निवेशकों को दुकानें नहीं दी। 
मासिक भुगतान भी निवेशकों को नहीं दिया गया था. कंपनी ने निवेशकों के पैसों का दुरुपयोग किया। 
कंपनी ने उससे जुड़े लोगों और संस्थाओं के पास धन को रखा. और इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया। 
ईडी का आरोप है कि अन्य संबंधित इकाइयों के पास निवेशकों के पैसों को रखा गया। 
इसके बाद कम दानों में कंपनी को बेचा गया। 
400 करोड़ से ज्यादा का निवेशकों से छुटकारा पाने के मकसद से गबन किया। 





यानी की बड़े ही शातिर तरीके से ना सिर्फ निवेशकों को चूना लगाया गया। बल्कि सरकार की नाक के नीचे घोटालेबाजी भी की गई। अब ईडी घोटालेबाजी पर एक एक रुपये का बारिकी से हिसाब किताब कर रही है। 

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