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जल बोर्ड घोटाले में ED ने खोद निकाला सबूतों का पहाड़, Kejriwal की बढ़ गई परेशानी
दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में छापेमारी की है. कैश और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं
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Kejriwal : एक तरफ शराब घोटाले में ईडी के डंडे से Kejriwal की घबराहट कम हुई नहीं थी।अब जल बोर्ड घोटाले में एक्शन ने सीएम साहब के हाथ पांव फूला दिए हैं। ना सिर्फ केजरीवाल बल्कि आतिशी और राघव चड्ढा भी बैचेन हो गए हैं। क्योंकि शराब घोटाले की तरह जल बोर्ड घोटाले की जांच की आंच भी तमाम राज्यों तक पहुंच गई है।
ED ने FIR दर्ज कर जल बोर्ड घोटाले में कई राज्यों में छापेमारी की है।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद में कई जगहों पर छापेमारी की है।
1943 करोड़ रुपये के घोटाले में ईडी ने ये छापेमारी की है।
ACB, GNCTD, नई दिल्ली की दर्ज FIR के आधार पर ईडी ने ये कार्रवाई की है।
FIR में यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी और अन्य पर बढ़ी हुई दरों पर टेंडर हासिल करने के लिए मिलीभगत का आरोप लगाया है।
जांच में पता चला है कि तीनों संयुक्त अद्यमों ने निविदाएं हासिल करने के लिए ताइवान की एक परियोजना से जारी एक ही अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया।
इसके अलावा, तीनों संयुक्त उद्यमों ने हैदराबाद की मैसर्स यूरोटेक एनवायरमेंट प्राइवेट मिलिटेड को काम का उप-ठेका दिया।
ED कथित घोटाले में डीजेबी अधिकारियों, संयुक्त उद्यमों और मैसर्स यूरोटेक प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका की जांच कर रहा है।
तो इस तरह ठेके देकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। तलाशी अभियान डीजेबी की एसटीपी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों के पीछे की सच्चाई को उजागर करने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दरअसल इस मामले में चार टेंडर शामिल हैं। जिनकी कीमत 1943 करोड़ रूपये हैं जो अक्टूबर 2022 में तीन संयुक्त उद्यम संस्थानों को दिए गए। ईडी ने जांच में पाया है कि निविदाएं बढ़ी हुई दरों पर दी गई थी। और डीजेबी की अपनाई गई लागतें कम थीं। जबकि अपग्रेडेशन की लागत वृद्धि से कम थी। इस छापेमारी से केजरीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। क्योंकि इस घोटाले की शुरुआत दिल्ली जल बोर्ड से हुई है। सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस घोटाले में ईडी केजरीवाल को नोटिस जारी कर चुकी है। तो आगे परतें खोलें उससे पहले केजरीवाल छापेमारी में क्या खुछ ईडी ने बरामद किया है। चलिए बताते हैं।
ED को छापेमारी में क्या क्या मिला ?
41 लाख रुपये नकदी बरामद हुई है।
आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
जैसे ही ईडी ने जल बोर्ड घोटाले में ये छापेमारी की। वैसे ही आम आदमी पार्टी की जल मंत्री आतिश बौखला उठी। आतिशी ने तुरंत जांच एजेंसियों पर तंज कसते हुए लिखा।
"ईडी क्या काम करता है, क्यों काम करता है किसके खिलाफ काम करता है किसके कहने पर काम करता है ये जगजाहिर है। अगर कोई सांस लेने का डिपार्टमेंट भी हो ना तो ईडी इस बात पर भी केस कर देगी कि आम आदमी पार्टी के नेता सांस कैसे ले रहे हैं "
आप नेता अब कितना भी चीखे चिल्लाएं। फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि ईडी को तमाम सबूत हाथ लग चुके हैं।और ये सबूत आने वाले वक्त में आम आदमी पार्टी के तमाम नेताओं का खेल बिगाड़ने वाले हैं। यही वजह है कि आतिशी बौखला उठी है।
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