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फैसले से पहले हाईकोर्ट में नए सबूत लेकर पहुंच गई ED, केजरीवाल को बुरी तरह फंसाया
ED ने केजरीवाल के खिलाफ हाईकोर्ट में नए सबूत पेश किए हैं। और जमानत का विरोध किया है।
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Arvind Kejriwal : दिल्ली के मुखिया Arvind Kejriwal दो बड़े झटके लगे हैं। इधर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।और उधर ईडी ने फिर ऐसा धमाका कर दिया है। कि केजरीवाल जेल में बुरी तरह बैचेन हो गए। क्योंकि ईडी नए सबूत लेकर हाईकोर्ट पहुंच गई।और केजरीवाल के खिलाफ बयान देने वाले आप नेताओं के नामों पर भयंकर खुलासा कर दिया। जिसे सुनने वाले भी हैरान रह गए। दरअसल ईडी ने हाईकोर्ट में अपना लिखित जवाब दाखिल किया है। जिसमें केजरीवाल की जमानत रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि उसके पास पुख्ता और नए सबूत हैं।इसके साथ ही ईडी ने गोवा में आम आदमी पार्टी के दर्ज बयानों का भी हवाला दिया। और दिल्ली सरकार पर झूठे साक्ष्य गढ़ने के भी आरोप लगाए । ईडी ने कहा
"हमारे पास केजरीवाल के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं नए साक्ष्य भी इकट्ठा किए हैं। केजरीवाल को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता। 13 हवाला डीलर के बयान और गोवा के आप के स्थानीय नेताओं के बयान लिए गए हैं इनके बयानों से स्पष्ट किया है कि किस तरह हवाला के जरिए रकम गोवा चुनाव के लिए वहां पहुंचाई गई। इसका वितरण किस तरह हुआ। निचली अदालत ने इन महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर गलत तरीके से केजरीवाल की जमानत को मंजूर किया है। केजरीवाल का जमानत आदेश पूरी तरह से गैर कानूनी व अवैध है"
दिल्ली में बैठे जो आम आदमी पार्टी के नेता ये चिल्लाते हैं केजरीवाल के खिलाफ शराब घोटाले में सबूत नहीं है। फंसाया जा रहा है। साजिश रची जा रही है।अब जरा देखिये। उसी आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल के खिलाफ बोल रहे हैं। शराब घोटाले के पैसों के राजखोल रहे हैं। वो भी ईडी के सामने। यानी की आप नेताओं ने ही केजरीवाल का सारा खेल हाईकोर्ट के सामने बिगाड़ दिया है। वहीं दूसरी तरफ ईडी के जवाब के बाद केजरीवाल के वकील ने भी अपना जवाब दाखिल कर दिया है। और आरोप लगाया है कि केजरीवाल के खिलाफ झूठे सबूत गढ़े जा रहे हैं।
खैर अब हाईकोर्ट में दोनों की तरफ से जवाब दाखिल किया जा चुका है। बस फैसले का इंतजार है बरहाल देखना ये होगा कि हाईकोर्ट केजरीवाल पर क्या फैसला सुनाता है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने भी अभी गेंद हाईकोर्ट के पाले में डाल दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि जबतक हाईकोर्ट फैसला नहीं सुना देता। तब तक सुप्रीम कोर्ट भी फैसला नहीं करेगा।अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के लिए 26 तारीख तय कि है। ऐसे में सबकी निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है। क्योंकि नए सबूतों ने केजरीवाल की नई तरह से दिक्कतें बढ़ा दी है।
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