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Tirupati Balaji मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल की पुष्टी, TDP ने दिखाई लैब की रिपोर्ट
तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी मिलाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है क्योंकि लैब रिपोर्ट सामने आई है तो उसमें भी खुलासा हुआ है कि प्रसाद के लड्डू में बीफ़, मछली का तेल और पिग की चर्बी इस्तेमाल होती थी। इस खुलासे के बाद जनगमोहन रेड्डी पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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विश्व प्रसिद्ध Tirupati Balaji मंदिर के प्रसाद को लेकर बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आ गई है। इस रिपोर्ट ने ना सिर्फ़ लाखों करोड़ों हिंदुओं को सदमा दे दिया है। बल्कि मोदी सरकार भी हैरान हैं। क्योंकि रिपोर्ट में चंद्रबाबू नायडू के ज़रिए लगाए गए आरोपों से भी ज़्यादा घिनौना खुलासा हो गया है। टेस्ट रिपोर्ट को पढ़कर सुनाएंगे। तो जगनमोहन सरकार में हुई काली करतूत को जानकर आप भी परेशान हो जाएंगे। क्योंकि
तिरुपति मंदिर के प्रसाद की रिपोर्ट में खुलासा ।
प्रसाद बनाने वाले घी में जानवरों की चर्बी की पुष्टी हुई है।
प्रसाद के लड्डू बनाने में गोमांस की चर्बी, मछली के तेल और जाड़े के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था।
गुजरात की पशुधन प्रयोगशाला की तरफ़ से मिलावट की पुष्टी की गई है।
देशभर से लाखों करोड़ों हिंदू तिरुपति मंदिर में पूजा पाठ के लिए पहुंचते हैं। बहुत से लोग तो स्पेशल मंदिर के प्रसाद का ही इंतज़ार करते हैं। लेकिन जगनमोहन रेड्डी की सरकार में कैसे हिंदुओं की आस्था को कुचला जा रहा था। ये सामने आई रिपोर्ट ने बता दिया है। बता दिया है कि मुख्यमंत्री रहते जगनमोहन रेड्डी ने देशद्रोह नहीं बल्कि देवद्रोह किया है। ये हम नहीं। बल्कि लैब की सामने आई रिपोर्ट बता रहे है। गौर से इस रिपोर्ट को देखिये। और समझिए। कैसे प्रसाद के लड्डू में ना सिर्फ़ जानवरों की चर्बी मिलाई जा रही थी। बल्कि लार्ड यानी पिग फेट का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। गौमांस भी इस्तेमाल हो रहा था। इस खुलासे से हिंदू समाज के लोग भड़क उठे हैं।
बीजेपी के साथ साथ अब देशभर के साधू संत भी इस मामले पर भड़क उठे हैं। रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास से भी इस मामले पर नाराज़गी जताई है। और कहा है कि "तिरुपति मामला बेहद निराशाजनक है। यह हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है"
चारों तरफ़ से जगनमोहन रेड्डी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है। खैर अब मुख्यमंत्री चंद्र्बाबू नायडू इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं। या मोदी सरकार सख़्ती दिखाते हुए क्या कदम उठाती है ये देखने वाली बात होगी। क्योंकि मामला बेहद गंभीर हो गया है। वैसे भी मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के खुलासे के बाद ही ये मामला बाहर आया है। उन्होंने दावा किया था कि YRS सरकार ने पिछले पांच सालों में तिरुपति मंदिर की पवित्रता को नष्ट कर दिया है अन्नदानम की गुणवत्ता से समझौता किया। क्योंकि तिरुपति मंदिर में पवित्र लड्डू में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया जा रहा था
जैसे ही नायडू ने ये खुलासा किया वैसे ही देशभर का हिंदू समाज भड़क उठा। खैर अब देखना ये होगा कि रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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